कोल्हान

बंदगांव में दो दिवसीय नववर्ष खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

बंदगांव में दो दिवसीय नववर्ष खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

बंदगांव : बंदगांव प्रखंड के मतकमबेड़ा मैदान में नववर्ष 2026 के अवसर पर दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन पहले दिन मुख्य अतिथि मुखिया कुश पूर्ति एवं सुमिता होता फाउंडेशन के अध्यक्ष सदानंद होता ने फीता काटकर किया। उन्होंने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

प्रतियोगिता के पहले दिन बच्चों की दौड़, छोटी बच्चियों की दौड़, बोरा दौड़, बड़ी लड़कियों की दौड़, तीन पैर दौड़, लड़कियों व लड़कों की रिले रेस, बुजुर्गों की दौड़, जीके रेस, युवाओं की दौड़ तथा साइकिल रेस का आयोजन किया गया। सभी प्रतियोगिताओं का फाइनल शुक्रवार को होगा।

इस अवसर पर मुखिया कुश पूर्ति और सदानंद होता ने कहा कि खेलों से लोगों का मानसिक विकास होता है। गांव में इस तरह की प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है।

कार्यक्रम में अगस्त बोदरा, राजेश प्रधान, चंद मोहन बांकिरा, सादो बोदरा, ग्राम मुंडा कजुरा बोदरा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

झारखंड के चार प्रमंडलों में खुलेंगे स्पोर्ट्स साइंस सेंटर

झारखंड के चार प्रमंडलों में खुलेंगे स्पोर्ट्स साइंस सेंटर

झारखंड सरकार राज्य के चार प्रमंडलों—उत्तरी छोटानागपुर, कोल्हान, संताल और पलामू—में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर शुरू करने जा रही है। दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल के तहत रांची में पहले से अंतरराष्ट्रीय मानकों का हाई परफॉर्मेंस सेंटर संचालित है। सरकार का प्रयास है कि नए स्पोर्ट्स साइंस सेंटरों की शुरुआत इसी सत्र से की जाए।
इन सेंटरों का उद्देश्य खिलाड़ियों को वैज्ञानिक आधार पर प्रशिक्षण देना, चोट से बचाव करना और उनके प्रदर्शन में निरंतर सुधार लाना है। आधुनिक खेलों में मेहनत के साथ-साथ साइंस आधारित ट्रेनिंग अहम भूमिका निभाती है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है।
हर स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट, मसाजर और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एक्सपर्ट सहित तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। खिलाड़ियों की फिटनेस, डाइट, रिकवरी और मानसिक मजबूती पर नियमित रूप से काम किया जाएगा। प्रशिक्षण से पहले और बाद में फिटनेस असेसमेंट कर खिलाड़ियों की कमजोरियों के अनुसार विशेष अभ्यास कराया जाएगा। गंभीर मामलों में खिलाड़ियों को प्रमंडलीय सेंटर या रांची के हाई परफॉर्मेंस सेंटर भेजा जाएगा।
साइंटिफिक ट्रेनिंग हमारी प्राथमिकता: सुदिव्य कुमार
खेल मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को साइंटिफिक ट्रेनिंग देने पर जोर दे रही है। परंपरागत बैटरी टेस्ट से आगे बढ़कर आधुनिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि झारखंड खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर सके। उन्होंने कहा कि इससे ओवरएज की समस्या पर भी नियंत्रण लगेगा और खिलाड़ियों को उनकी उम्र व क्षमता के अनुसार सही प्रशिक्षण मिल सकेगा।
प्रस्तावित स्पोर्ट्स साइंस सेंटर साई सेंटर, नेशनल क्रिकेट अकादमी और ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर की तर्ज पर काम करेंगे, जहां डेटा एनालिसिस, बायोमैकेनिक्स, न्यूट्रिशन और इंजरी मैनेजमेंट के जरिए खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर किया जाता है।

आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले कोल्हान क्षेत्र में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले कोल्हान क्षेत्र में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

खरसावां : आज आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया एवं सरायकेला जिला अध्यक्ष सुनील गगाराई के संयुक्त तत्वावधान में कोल्हान क्षेत्र के खरसावां, सेरेंगसिया, जगन्नाथपुर और राजाबासा में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शहीदों के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानसिंह तिरिया ने कहा कि कोल विद्रोह में शहीद हुए वीरों को याद कर उन्हें नमन किया गया। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी को कोल्हान और 2 जनवरी को कलिंगनगर में हमारे ही आदिवासी भाइयों की निर्मम हत्या की गई थी, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। अंग्रेजों ने 1 और 2 जनवरी को आदिवासियों की हत्या कर इसे अपने लिए जश्न का दिन बना लिया। इस इतिहास को जानना हर आदिवासी के लिए जरूरी है और इन दिनों को शहीद दिवस के साथ-साथ संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि जिन लोगों ने आदिवासियों पर गोलियां चलाईं, आज वही खुद को आदिवासी समाज का हितैषी बता रहे हैं।
उन्होंने कोल विद्रोह के जननायक वीर शहीद पोटो हो’ का उल्लेख करते हुए कहा कि फांसी के कई वर्षों बाद उनके नाम से राजाबासा गांव की पहचान बनी, लेकिन आज उस गांव की स्थिति बेहद दयनीय है। ग्रामीण जैंतगढ़, चंपुआ और अन्य क्षेत्रों में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से गांव को गोद लेकर विकास पर ध्यान देने की मांग की।
मानसिंह तिरिया ने बताया कि आज ही के दिन गवर्नर जनरल के राजनीतिक एजेंट कैप्टन थॉमस विल्किंसन ने हो’ दिसुम (वर्तमान कोल्हान) के महान योद्धा पोटो हो’, नारा हो’, बड़ाय हो’, पांडुवा हो’ और बोड़ेया हो’ को फांसी की सजा सुनाई थी, जबकि अन्य सहयोगी योद्धाओं को कारावास की सजा दी गई थी।
उन्होंने कहा कि हो’ विद्रोह (1820-21), महान कोल विद्रोह (1831-32) और सेरेंगसिया घाटी युद्ध (1837) के दौरान लगभग 17 वर्षों तक अंग्रेजों और हो’ आदिवासियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ। अंग्रेज जानते थे कि यदि पोटो हो’ और उनके साथी जीवित रहे, तो वे कोल्हान में कभी स्थायी रूप से शासन नहीं कर पाएंगे। इसी कारण 1 जनवरी 1838 को जगन्नाथपुर बाजार स्थित बरगद के पेड़ पर पोटो हो’, नारा हो’ और बड़ाय हो’ को फांसी दी गई, जबकि 2 जनवरी 1838 को सेरेंगसिया गांव में पीपल के पेड़ पर बोड़ेया हो’ और पांडुवा हो’ को फांसी दी गई। इस घटना पर लंदन बोर्ड ने भी आपत्ति जताई थी।
कार्यक्रम में सरायकेला जिला अध्यक्ष सुनील गगाराई ने कहा कि 1-2 जनवरी को फांसी देना अंग्रेजों की सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी, ताकि आदिवासी अपने इतिहास और पूर्वजों को भूलकर नए साल के जश्न में डूबे रहें।
उन्होंने आगे कहा कि देश की आजादी के बाद 1 जनवरी 1948 को सरायकेला-खरसावां रियासत के ओडिशा में विलय और अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर खरसावां हाट मैदान में आदिवासियों की एक बड़ी शांतिपूर्ण सभा आयोजित हुई थी, जिस पर ओडिशा पुलिस ने मशीनगन से गोलीबारी की थी।
इस कार्यक्रम में चुमरू पिंगुवा, सजान देवगम, सुनील लागुरी, मदन सिंकु, नरसिंह पुर्ती, माटा करोवा, अर्जुन मुंडा, जोसेफ मुंडा, लुकुना पुर्ती, दामू बोबोंगा, सादु मुंडा, पुष्पा मुंडा, शांति पुर्ती, सरस्वती सवैया, हीरा मुनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

खरसावां : खरसावां शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खरसावां गोलीकांड के शहीदों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुवा गोलीकांड के शहीदों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया गया, उसी तर्ज पर खरसावां गोलीकांड के शहीदों की भी पहचान की जाएगी और अगले वर्ष इसी मंच से उन्हें सम्मान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद वेदी पर पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पूरी दुनिया में नया साल उत्सव के रूप में मनाया जाता है, वहीं खरसावां में यह दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब लोग जश्न मना रहे होते हैं, तब खरसावां में शहीदों को नमन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड का शहीदी इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण और संघर्षपूर्ण रहा है। आदिवासी समाज ने अपनी जमीन, जंगल और संसाधनों की रक्षा के लिए लंबे संघर्ष किए हैं। इस दौरान कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी और कई ने जेलों में यातनाएं सहीं।
मुख्यमंत्री ने खरसावां गोलीकांड को आजादी के बाद की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जब देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय खरसावां में निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने कहा कि हमें उन वीर सपूतों पर गर्व है जिन्होंने कभी हार नहीं मानी।
मुख्यमंत्री ने संथाल परगना आंदोलन, बिरसा मुंडा के संघर्ष सहित अन्य आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी आंदोलनों का उद्देश्य अपनी पहचान, संस्कृति और संसाधनों की रक्षा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शहीदों की पहचान कर उन्हें सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह कार्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

खरसावां शहीद दिवस पर सांसद कालीचरण मुंडा ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

खरसावां शहीद दिवस पर सांसद कालीचरण मुंडा ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

खरसावां : खरसावां शहीद दिवस के अवसर पर खूंटी लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण मुंडा खरसावां शहीद स्थल पहुंचे और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और शहीदों के बलिदान को झारखंड के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।

इस मौके पर सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि खरसावां के शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानियों से झारखंड की अस्मिता और पहचान को मजबूती मिली है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के संघर्ष और त्याग से प्रेरणा लेने की अपील की।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी वर्ग और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

1 जनवरी से चक्रधरपुर रेल मंडल में तीन नई मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू

1 जनवरी से चक्रधरपुर रेल मंडल में तीन नई मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1 जनवरी से कई नई मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा रहा है। इसके तहत टाटानगर–चाईबासा, टाटानगर–चाकुलिया और हावड़ा–पुरुलिया रेलखंड पर एक-एक जोड़ी नई मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी।
टाटानगर–चाईबासा के बीच मेमू ट्रेन संख्या 68137 टाटानगर से रात 8:55 बजे प्रस्थान कर रात 11:00 बजे चाईबासा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 68138 चाईबासा से सुबह 3:20 बजे रवाना होकर सुबह 5:45 बजे टाटानगर पहुंचेगी।
टाटानगर–चाकुलिया के बीच भी एक जोड़ी नई मेमू ट्रेन का संचालन किया जाएगा। ट्रेन संख्या 68128 रविवार को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे टाटानगर से प्रस्थान कर दोपहर 12:45 बजे चाकुलिया पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 68127 शनिवार को छोड़कर प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे चाकुलिया से रवाना होकर शाम 5:00 बजे टाटानगर पहुंचेगी।
इसके अलावा हावड़ा–पुरुलिया रेलखंड पर भी 1 जनवरी से नई मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। हावड़ा–पुरुलिया मेमू शुक्रवार को छोड़कर प्रतिदिन शाम 4:15 बजे हावड़ा से प्रस्थान कर रात 11:55 बजे पुरुलिया पहुंचेगी। वहीं पुरुलिया–हावड़ा मेमू शनिवार को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 11:40 बजे पुरुलिया से रवाना होकर अगले दिन सुबह 4:00 बजे हावड़ा पहुंचेगी।

कांग्रेस भवन चाईबासा में इंद्रनाथ भगत की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

कांग्रेस भवन चाईबासा में इंद्रनाथ भगत की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा : कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं अविभाजित बिहार के पूर्व मंत्री इंद्रनाथ भगत की पुण्यतिथि मंगलवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए।
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई ने कहा कि इंद्रनाथ भगत के अधूरे सपनों को साकार करना ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इंद्रनाथ भगत ने विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि इंद्रनाथ भगत सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और समाज के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वे अपने सेवा काल में हमेशा विकास के प्रति समर्पित रहे और जाति-धर्म से ऊपर उठकर राजनीति की।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष मो. सलीम, उपाध्यक्ष सुभाष राम तुरी, महासचिव बिट्टू सिंह, मो. शहजादा, प्रखंड अध्यक्ष चंद्र भूषण बिरुवा सहित वरीय कांग्रेसी संतोष सिन्हा, अजय कुमार, संजय साव, जय किशन सालबुनिया, सोना राम बानरा, संजय नायक, पवन करवा, सुशील दास समेत कई कांग्रेसी उपस्थित थे।

10 जनवरी 2026 को एनएसयूआई करेगा लोकभवन का घेराव

10 जनवरी 2026 को एनएसयूआई करेगा लोकभवन का घेराव

चाईबासा : कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा 10 जनवरी 2026 को रांची स्थित लोकभवन का बड़े पैमाने पर घेराव किया जाएगा। इसकी जानकारी एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष अनीष गोप ने सोमवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
अनीष गोप ने आरोप लगाया कि भाजपा छात्रवृत्ति के मुद्दे पर ओबीसी छात्रों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध नहीं करा रही है, जबकि भाजपा नेता इस मुद्दे पर संवेदना बटोरने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार ने केंद्र से 271 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन केवल 77 करोड़ रुपये ही मिले। इसी तरह 2024-25 में 253 करोड़ रुपये मांगे गए, जिसमें मात्र 33 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि 2025-26 में 370 करोड़ रुपये की मांग के विरुद्ध केवल 13 करोड़ रुपये ही जारी किए गए। उन्होंने कहा कि इस पर भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस और महागठबंधन की सरकार इस विषय को लेकर गंभीर है। इसी के तहत एनएसयूआई 10 जनवरी 2026 को लोकभवन, रांची का घेराव कर केंद्र सरकार से लंबित छात्रवृत्ति राशि राज्य को जारी करने की मांग करेगी, ताकि छात्रों को उनका हक मिल सके।
इस मौके पर कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि केंद्र सरकार यह आरोप लगा रही है कि राज्य सरकार ने उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया, जबकि सच्चाई यह है कि छात्रवृत्ति के मामले में उपयोगिता प्रमाण पत्र की आवश्यकता ही नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा झूठ बोलकर छात्रों, युवाओं और महिलाओं को गुमराह कर रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि यदि वे वास्तव में छात्रों की छात्रवृत्ति चाहते हैं, तो दलगत भावना से ऊपर उठकर एनएसयूआई द्वारा आयोजित घेराव कार्यक्रम में शामिल हों।
कार्यक्रम में एनएसयूआई जिला महासचिव नितिन गोप, सचिन बिरुवा, वरीय कांग्रेसी नेता संतोष सिन्हा, जुम्बल सुंडी, अजय कुमार, संजय साव, कार्यालय सचिव सुशील दास सहित अन्य उपस्थित थे।

कुदाहातु गांव में बिजली समस्या का समाधान, 25 केवीए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन

कुदाहातु गांव में बिजली समस्या का समाधान, 25 केवीए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन

चक्रधरपुर : प्रखंड के कुदाहातु गांव में पिछले एक वर्ष से चली आ रही बिजली की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी सह प्रखंड अध्यक्ष विजय सिंह सामाड के प्रयास से गांव में नया 25 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। सोमवार को उन्होंने फीता काटकर ट्रांसफार्मर का विधिवत उद्घाटन किया।
उद्घाटन के अवसर पर ग्रामीणों ने विजय सिंह सामाड का माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव में बिजली बहाल होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का पुराना 10 केवीए का ट्रांसफार्मर दिसंबर 2024 से खराब पड़ा था, जिससे लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित थी। कई बार जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका था।
इसके बाद ग्रामीणों ने विजय सिंह सामाड से सहायता की गुहार लगाई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और लिखित आवेदन दिया। उनके प्रयास से न केवल ट्रांसफार्मर बदला गया, बल्कि बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए 10 केवीए के स्थान पर 25 केवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया।
उद्घाटन के बाद ग्रामीणों ने पेयजल, जर्जर सड़कों और पेंशन से जुड़ी समस्याओं की भी जानकारी दी। विजय सिंह सामाड ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को लिखित आवेदन देकर समयबद्ध कार्रवाई कराई जाएगी।
इस अवसर पर दियुरी राम धन सरदार, बुधराम नापित, सुशील सामाड, मुंशी सरदार, पवन सरदार, करम सिंह सरदार, सुकु सरदार, मनसा सरदार, राम लाल सरदार, पितांबर सरदार, ठाकुर नापित, कर्म मृदा, सोना मुनी सरदार, सरस्वती सरदार, मुक्ती सरदार, डोमनी सरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

छोटानागरा में झामुमो की बैठक, मतदाता सूची और पेसा कानून पर हुई चर्चा

छोटानागरा में झामुमो की बैठक, मतदाता सूची और पेसा कानून पर हुई चर्चा

चाईबासा : सारंडा के छोटानागरा में झारखंड मुक्ति मोर्चा की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक को पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं झामुमो नेता बामिया माझी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर बीएलओ-2 की नियुक्ति की जानी चाहिए तथा 18 वर्ष पूर्ण कर चुके सभी युवक-युवतियों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाए, ताकि मतदान के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि झामुमो के सभी कार्यकर्ता अपने-अपने गांवों में मतदाता जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का प्रयास करेंगे। साथ ही वन ग्रामों के लोगों को वन पट्टा उपलब्ध कराने के संबंध में राज्य सरकार को अवगत कराया जाएगा।
बामिया माझी ने कहा कि राज्य में पेसा कानून लागू हो चुका है और इसके तहत स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियां किरीबुरू, मेघाहातुबुरू, गुवा और चिड़िया खदान में ग्राम सभा के माध्यम से रोजगार का दावा करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता छोटानागरा पंचायत समिति अध्यक्ष गुरा मुर्मू ने की। बैठक में गुरा मुर्मू, मंगल देवगम, जेना वाडिंग, सोहन मांझी, जामदेव चाम्पिया, बिरसिंह हांसदा, गोपाल हांसदा, करम सिंह हांसदा सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।