खरसावां : खरसावां शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खरसावां गोलीकांड के शहीदों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुवा गोलीकांड के शहीदों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया गया, उसी तर्ज पर खरसावां गोलीकांड के शहीदों की भी पहचान की जाएगी और अगले वर्ष इसी मंच से उन्हें सम्मान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद वेदी पर पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पूरी दुनिया में नया साल उत्सव के रूप में मनाया जाता है, वहीं खरसावां में यह दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब लोग जश्न मना रहे होते हैं, तब खरसावां में शहीदों को नमन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड का शहीदी इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण और संघर्षपूर्ण रहा है। आदिवासी समाज ने अपनी जमीन, जंगल और संसाधनों की रक्षा के लिए लंबे संघर्ष किए हैं। इस दौरान कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी और कई ने जेलों में यातनाएं सहीं।
मुख्यमंत्री ने खरसावां गोलीकांड को आजादी के बाद की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जब देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय खरसावां में निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने कहा कि हमें उन वीर सपूतों पर गर्व है जिन्होंने कभी हार नहीं मानी।
मुख्यमंत्री ने संथाल परगना आंदोलन, बिरसा मुंडा के संघर्ष सहित अन्य आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी आंदोलनों का उद्देश्य अपनी पहचान, संस्कृति और संसाधनों की रक्षा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शहीदों की पहचान कर उन्हें सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह कार्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
खरसावां शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

