कोल्हान

चाईबासा में कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

चाईबासा में कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

चाईबासा: कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस रविवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद वंदे मातरम, झंडा ऊंचा रहे हमारा और राष्ट्रगान का सस्वर पाठ किया गया।

इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नफरत, अन्याय और तानाशाही के खिलाफ सत्य, साहस और संविधान की रक्षा की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि कांग्रेस की स्थापना आम जनता के हितों की रक्षा के लिए की गई थी। ब्रिटिश शासन के दौरान कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और स्वतंत्रता के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में देश के विकास के लिए बहुआयामी योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास गौरवशाली रहा है और पार्टी के नेताओं ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज है, जो हमेशा कमजोर, वंचित और मेहनतकश लोगों के साथ खड़ी रही है।

स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों के आवासों पर भी कांग्रेस का झंडा फहराया गया।

कार्यक्रम में जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, सचिव जानवी कुदादा, अधिवक्ता पूनम हेम्ब्रम, सोशल मीडिया चेयरमैन रवि कच्छप, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, महासचिव बिट्टू सिंह, वरीय कांग्रेसी संतोष सिन्हा, अजय कुमार, राकेश सिंह, कार्यालय सचिव सुशील दास, मो. रहमतुल्ला, विजय नायक सहित अन्य कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पेसा कानून को राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी

पेसा कानून को राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी

चाईबासा : राज्य कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को मंजूरी दिया जाना एक ऐतिहासिक कदम बताया गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प० सिंहभूम जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्वजों के सपनों को साकार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पेसा कानून लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और ग्राम सभाएं सशक्त होंगी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ आदिवासी समाज की परंपरा, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक मान्यताओं का संरक्षण सुनिश्चित होगा। साथ ही जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
पेसा कानून की मंजूरी पर पूरे राज्य में खुशी का माहौल है। इसी क्रम में 27 दिसंबर 2025 को चाईबासा के जैन मार्केट चौक में झामुमो कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर और लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सहित पूरे राज्य कैबिनेट के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

मनरेगा समाप्त करने के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मनरेगा समाप्त करने के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

चाईबासा : भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा देश की महत्वाकांक्षी रोजगार योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त किए जाने के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध जताया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 27 दिसंबर 2025 को झामुमो द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में झामुमो जिला समिति के तत्वावधान में जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले को जनविरोधी, गरीब विरोधी और श्रम विरोधी बताया।
जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि मनरेगा पिछले दो दशकों से ग्रामीण आजीविका की मजबूत आधारशिला रहा है, जिसने ग्रामीण मजदूरों को काम का कानूनी अधिकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से आदिवासियों, मूलवासियों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के हित में बने कानूनों को समाप्त कर उनके अधिकार छीन रही है।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत उपायुक्त के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें श्रम विरोधी एवं गरीब विरोधी VB-G RAM G कानून 2025 को विलोपित करने हेतु केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन में भुवनेश्वर महतो, राहुल आदित्य, इकबाल अहमद, दीपक कुमार प्रधान, विकास गुप्ता, अकबर खान, प्रेम मुंडरी, रामलाल मुंडा, मिथुन गागराई, निसार हुसैन, विनय प्रधान, विश्वनाथ बाड़ा, बंधना उरांव, प्रेम गुप्ता, सनातन पिंगुवा, मंजीत हांसदा, राहुल तिवारी, सतीश सुंडी सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा जिला कार्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मनाई गई

भाजपा जिला कार्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मनाई गई

चाईबासा : भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजू पांडे ने की। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को याद किया। जिला अध्यक्ष संजू पांडे ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के महान नेता थे, जिनके विचार और आदर्श आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

वक्ताओं ने उनके कार्यकाल में देश को परमाणु शक्ति बनाने, सड़क व कनेक्टिविटी के क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों तथा लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक गीता बालमुचू, उपाध्यक्ष बबलू शर्मा, महामंत्री प्रताप कटियार, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन टीयू, नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार सहित कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को स्वीकृति दिए जाने पर कांग्रेस ने जताई खुशी

झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को स्वीकृति दिए जाने पर कांग्रेस ने जताई खुशी

चाईबासा : पेसा दिवस की पूर्व संध्या पर झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को स्वीकृति दिए जाने पर पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस के प्रवक्ता त्रिशानु राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कैबिनेट के सभी सदस्यों एवं झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू को बधाई दी है।
बुधवार को जारी बयान में त्रिशानु राय ने कहा कि यह निर्णय हजारों वर्ष पुरानी आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को आधुनिक युग में पुनः स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी समुदायों को स्वशासन का अधिकार मिलेगा और ग्राम सभाएं और अधिक सशक्त होंगी।
उन्होंने बताया कि पेसा कानून के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग पर ग्राम सभा का नियंत्रण होगा। साथ ही विकास योजनाओं को लागू करने से पहले ग्राम सभा की स्वीकृति अनिवार्य होगी।
त्रिशानु राय ने कहा कि यह कानून आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान, रीति-रिवाजों और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करेगा। इससे अवैध भूमि अतिक्रमण पर रोक लगेगी और भूमि बहाली की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पेसा एक्ट से आदिवासी समाज का शोषण रुकेगा और वे अपने विकास की दिशा स्वयं तय कर सकेंगे।

पेसा नियमावली 2025 पर उठे सवाल, आदिवासी स्वशासन को लेकर चिंत

पेसा नियमावली 2025 पर उठे सवाल, आदिवासी स्वशासन को लेकर चिंत

चाईबासा : झारखंड निर्माण के 25 वर्षों बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली राज्य कैबिनेट द्वारा पेसा नियमावली 2025 को पारित किया जाना एक स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसे लेकर अभी बधाई देना जल्दबाजी होगी। यह देखना जरूरी है कि क्या इस नियमावली के माध्यम से पेसा कानून 1996 का मूल उद्देश्य—पारंपरिक ग्रामसभाओं को वास्तविक शासन शक्ति और अधिकार देना—पूरी तरह पूरा हो पा रहा है या नहीं।

आदिवासी संगठनों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यदि पेसा नियमावली 2025 के तहत फिर से पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था पर पंचायत राज व्यवस्था थोपने का प्रयास किया गया, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। आरोप है कि झारखंड कैबिनेट ने संसदीय अधिनियम 1996 के अनुरूप नियमावली बनाने के बजाय झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था को ही लागू कर दिया है।

गौरतलब है कि झारखंड उच्च न्यायालय ने आदिवासी बुद्धिजीवी मंच द्वारा दायर जनहित याचिका (WP(PIL) No. 1589/2021) में स्पष्ट कहा था कि पंचायत राज अधिनियम 2001 को संसदीय अधिनियम 1996 के अनुरूप नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बने संसदीय अधिनियम 1996 को नजरअंदाज कर नियमावली पारित करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान पेसा नियमावली 2025, संसदीय अधिनियम 1996 की धारा 3 और धारा 4(एम) के प्रावधानों के विपरीत है, जिनमें ग्रामसभा और पंचायतों को कुछ अपवादों के साथ कुल सात महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं। ऐसे में यह नियमावली आदिवासी स्वशासन की भावना को कमजोर करती प्रतीत हो रही है।

झारखंड की सेकोर टीम ने आंध्र प्रदेश में पेसा महोत्सव में हिस्सा लिया

झारखंड की सेकोर टीम ने आंध्र प्रदेश में पेसा महोत्सव में हिस्सा लिया

चाईबासा : 20 दिसंबर 2025 को झारखंड की सेकोर टीम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर लेखक हिर्ला डोबरो बिरूली और टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारी आनंद बोईपाई और बिरंग तियु ने खिलाड़ियों को विदाई दी।
पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पेसा महोत्सव के अंतर्गत डेमो गेम में झारखंड की विशेष सेकोर टीम को आमंत्रित किया गया था। सभी खिलाड़ी सुरक्षित रूप से आंध्र प्रदेश पहुंच गए।
टीम के लिए चाईबासा से रांची तक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जबकि रांची से आंध्र प्रदेश तक बस सेवा प्रदान की गई। महोत्सव के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
डेमो खेल में जमशेद टाइगर (पूर्णिया), तंतनगर प्रखंड और मांझरी प्रखंड दिरीबासा से कोल्हान कुला—इन दोनों टीमों ने भाग लिया। आयोजन समिति ने दोनों टीमों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर बीरसिंह बोईपाई, मुकुरु बोईपाई, तुराम बोईपाई, सोमय बोईपाई, जराम कुंकल, गोपेश चंद्र कुंकल सहित अन्य खिलाड़ी उपस्थित रहे।

पश्चिमीसिंहभूम में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान जारी

पश्चिमीसिंहभूम में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान जारी

चाईबासा : जिला कांग्रेस कमिटी, प०सिंहभूम के तत्वावधान में संगठन सृजन अभियान के तहत बुधवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने की।
बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव सह प्रदेश सह-प्रभारी भूपेंद्र मरावी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान कांग्रेस को मजबूत करेगा और सभी पदाधिकारियों को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पालन लगन के साथ करना चाहिए। उन्होंने जिला, प्रखण्ड, मंडल, पंचायत, वार्ड और बूथ स्तर के पदाधिकारियों को मार्गदर्शन भी दिया।
भूपेंद्र मरावी ने यह भी बताया कि कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस 28 दिसंबर 2025 को पूरे देश में मनाया जाएगा। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने निर्णय लिया है कि इस अवसर पर सभी जिला, प्रखंड, मंडल, ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर कांग्रेस का झंडा फहराया जाएगा।
कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि स्थापना दिवस संगठन की मजबूती और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है। पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने संगठन को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर जोर दिया और कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए जन मुद्दों को संगठनात्मक रणनीति से सफल बनाना होगा।
जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि जिला कमिटी भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रही है और संगठन में नए लोगों को जोड़ने का काम बड़े पैमाने पर हो रहा है।

बैठक का संचालन युथ इंटक प्रदेश सचिव सुरेश सावैयां ने किया और धन्यवाद ज्ञापन कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने दिया। बैठक में आरजीपीआरएस प्रदेश अध्यक्ष सुनीत शर्मा, प्रदेश सचिव अशरफुल होदा , ओबीसी विभाग प्रदेश महासचिव मायाधर बेहरा, पूर्व जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु, जिला उपाध्यक्ष राजेश शुक्ला, जिला महासचिव कैरा बिरुवा , अविनाश कोड़ाह , आरजीपीआरएस जिलाध्यक्ष रितेश तामसोय , मुखिया अतेन सुरीन, नगर अध्यक्ष मो.सलीम, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां , ललित दोराईबुरु , सोनाराम कोड़ाह , विजय सिंह सामड , सुखलाल हेम्ब्रम , जादोराय मुंडरी , चंद्र भूषण बिरुवा , सिकुर गोप , शैलेश गोप , सकारी दोंगो , सुरेश चन्द्र सावैयां , नगर उपाध्यक्ष मो.ऐहसान , सुभाष राम तुरी , महासचिव नसीम अख्तर , वरीय कांग्रेसी राम सिंह सावैयां , मो.तस्लीम अंसारी , ललित कर्ण , हरि राव,जुम्बल सुंडी, पूर्ण चन्द्र कायम, विवेक विशाल प्रधान , शिवकर बोयपाई, जितेन्द्र गोप , बिजय सिंह सुम्बरुई,महेश प्रसाद साहू,संजय बिरुवा, गोपी चाम्पिया , विनीत लागुरी,विश्वनाथ बोबोंगा , सेलाय बांकिरा,विक्रमादित्य सुंडी , सुबदिया पुरती,आशीष बेहरा,अमर ज्योति गोंड, राजीव बोयपाई, सुरसेन टोपनो, रोहित बिरुली,नारंगा देवगम,राजू गागराई,प्रवीण लागुरी , बिरसा बारजो,भोलेनाथ बोदरा , यारमिया चेरोवा,सुशील दास आदि उपस्थित थे।

युवा कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव: वीर सिंह बालमुचू सदर विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित

युवा कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव: वीर सिंह बालमुचू सदर विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित

पश्चिमी सिंहभूम : युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में वीर सिंह बालमुचू को सदर विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है। उनके निर्वाचन से संगठन में उत्साह का माहौल है।

वीर सिंह बालमुचू इससे पहले नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कोल्हान विश्वविद्यालय अध्यक्ष रह चुके हैं। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने छात्र हितों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों और अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई। वे कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़े रहे हैं और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर लगातार सक्रिय रहे हैं।

छात्र राजनीति और सामाजिक आंदोलनों के माध्यम से वीर सिंह ने समाज में एक सक्रिय युवा नेता के रूप में पहचान बनाई है। उन्होंने दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदायों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की।

उनके सदर विधानसभा अध्यक्ष बनने से युवा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में युवा कांग्रेस संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।

निर्वाचन के बाद पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने वीर सिंह बालमुचू को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

आयुर्वेदिक कॉलेज जगन्नाथपुर (बुकासाई) बना सिस्टम की सुस्ती और लापरवाही का प्रतीक:- धी रामहरि पेरियार

आयुर्वेदिक कॉलेज जगन्नाथपुर (बुकासाई) बना सिस्टम की सुस्ती और लापरवाही का प्रतीक:- धी रामहरि पेरियार

भवन तैयार, बजट खर्च… फिर भी कॉलेज बंद

जगन्नाथपुर : जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत बुकासाई में आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के रूप में विकसित की जा रही महत्वाकांक्षी योजना कागजों में तो तेज रफ्तार से आगे बढ़ती दिखती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। छात्रावास बनकर तैयार हैं, कॉलेज भवन खड़े हैं, सरकारी धन खर्च हो चुका है, इसके बावजूद आज तक कॉलेज का सुचारु संचालन शुरू नहीं हो पाया, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से केवल उद्घाटन, निरीक्षण और आश्वासन का खेल चल रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के नाम पर जनता को सिर्फ सपने दिखाए गए हैं, जबकि वास्तविक लाभ शून्य है।


        पूर्व मुख्यमंत्री का क्षेत्र, फिर भी विकास ठप यह वही विधानसभा क्षेत्र है जहाँ से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व सांसद गीता कोड़ा का पैतृक प्रखंड जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद यदि क्षेत्र में इतनी महत्वपूर्ण शैक्षणिक और स्वास्थ्य परियोजना वर्षों तक ठप पड़ी है, तो यह साफ तौर पर शासन–प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
       स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि जब प्रभावशाली राजनीतिक पहचान के बावजूद योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पा रहीं, तो आम क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
योजना नहीं, परिणाम चाहिए
विशेषज्ञों का कहना है कि
सिर्फ योजना बना देना, शिलान्यास कर देना या औपचारिक निरीक्षण कर लेना विकास नहीं होता। विकास तब कहलाता है जब योजना तय समय-सीमा में पूरी हो, नियमित निगरानी हो और जनता को वास्तविक लाभ मिले।
     बुकासाई आयुर्वेदिक कॉलेज की वर्तमान स्थिति इस बात का उदाहरण बन चुकी है कि किस प्रकार योजनाओं को जानबूझकर लटकाकर लूट का बाजार खड़ा कर दिया जाता है।


निरीक्षण में भी खुली पोल
निरीक्षण के दौरान कॉलेज का सत्यापन एवं परीक्षण किया गया। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि संसाधन उपलब्ध हैं, भवन पूरी तरह तैयार हैं, फिर भी न पढ़ाई शुरू है और न ही अस्पताल की कोई सेवा। यह स्थिति या तो घोर प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है, या फिर यह संदेह को जन्म देती है कि कहीं भ्रष्टाचार के कारण तो इस योजना को ठंडे बस्ते में नहीं डाला गया।
      जवाबदेही तय करने की मांग
इस मामले को लेकर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी रामहरि पेरियार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस सिस्टम को सुधारना केवल जरूरत नहीं, हमारा कर्तव्य है। अब सवालों से कोई नहीं बच सकता।


उन्होंने स्पष्ट रूप से सवाल उठाए
कॉलेज संचालन में देरी के लिए ज़िम्मेदार कौन है? तय समय-सीमा का उल्लंघन क्यों किया गया?
आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल आम जनता के लिए कब खोले जाएंगे? जनता को आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए, स्थानीय लोगों का कहना है कि अब वे झूठे आश्वासनों से थक चुके हैं। यदि शीघ्र ही कॉलेज और अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो यह मुद्दा व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
   अंत में एक ही सवाल गूंज रहा है,
विकास आखिर कब कागजों से निकलकर जमीन पर आएगा?
क्योंकि विकास कोई एहसान नहीं, जनता का अधिकार है।