पूर्वी सिंहभूम | चक्रधरपुर में रेल यातायात से जुड़ी समस्याओं को लेकर एक बार फिर आम लोगों ने आवाज उठाई है। जनता रेल आंदोलन, चक्रधरपुर की ओर से मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर रेल व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।

दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में यात्री ट्रेनों की लगातार देरी और एनएच-75 के पास रेलवे क्षेत्रों में बैरिकेडिंग/गेट लगाने के फैसले को लेकर लोगों में नाराजगी है। समिति ने कहा कि कोरोना काल के बाद से कई यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनें समय पर नहीं चल रही हैं, जबकि कुछ पैसेंजर ट्रेनों को बंद भी कर दिया गया है।

इससे चक्रधरपुर से गम्हारिया, आदित्यपुर, टाटानगर, जमशेदपुर और राउरकेला जाने वाले लोगों को रोजगार, शिक्षा और इलाज के लिए काफी परेशानी हो रही है। ट्रेनों के 8 से 9 घंटे तक लेट होने से आम जनजीवन और आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है।

समिति का कहना है कि चक्रधरपुर रेल मंडल दक्षिण पूर्व रेलवे का प्रमुख राजस्व देने वाला मंडल है, जहां रोज 200 से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं, जबकि यात्री ट्रेनों की संख्या केवल 25-30 है। इसके बावजूद यात्री ट्रेनों की अनदेखी की जा रही है।
वहीं, एनएच-75 के किनारे चार स्थानों पर बैरिकेडिंग/गेट लगाने से स्टेशन, अस्पताल और स्कूल जाने में भी दिक्कत हो रही है। रात में गेट बंद रहने से पुलिस पेट्रोलिंग भी प्रभावित हो रही है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
समिति ने रेल मंत्री के उस बयान का हवाला देते हुए कहा कि यात्री ट्रेनें आम लोगों के लिए होती हैं, लेकिन यहां इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
समिति ने मांग की है कि ट्रेनों को समय पर चलाया जाए, बंद ट्रेनों को फिर से शुरू किया जाए और बैरिकेडिंग के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
इस दौरान संतोष मुंडा, विजय सिंह सुम्बरुई, पप्पू प्रसाद, विक्रम सिंह, सन्नी खान, गुलजार अहमद, बैरम खान, अनवर दानिश, दिनेश जेना और प्रदीप महतो समेत कई लोग मौजूद रहे।

