Blog

सरायकेला में बैंक कर्मी की आत्महत्या से क्षेत्र में शोक, सुसाइड नोट में टार्गेट प्रेशर का जिक्र

सरायकेला में बैंक कर्मी की आत्महत्या से क्षेत्र में शोक, सुसाइड नोट में टार्गेट प्रेशर का जिक्र

सरायकेला : सरायकेला थाना क्षेत्र के छोटा टांगरानी निवासी एवं आईडीबीआई बैंक, सरायकेला शाखा में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत लगभग 42 वर्षीय आलोक पड़ीहारी ने शुक्रवार को अपने घर में आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार, आलोक पड़ीहारी बीते कई वर्षों से आईडीबीआई बैंक, सरायकेला शाखा में कार्यरत थे। भले ही बैंक उन्हें स्थायी कर्मी नहीं मानता था, लेकिन वे खाता खुलवाने सहित बैंक ग्राहकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे और बैंक व खाताधारकों के बीच सेतु का कार्य करते थे।
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार सुबह भी आलोक अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर घर लौटे थे और बैंक जाने की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान उन्होंने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें आलोक ने बैंक द्वारा टार्गेट के नाम पर मानसिक प्रताड़ना दिए जाने की बात लिखी है। हालांकि, परिवार के किसी सदस्य से उन्होंने इस मानसिक दबाव की जानकारी पहले कभी साझा नहीं की थी।
घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।

पंडरासाली गांव में गणतंत्र दिवस पर इंद्र पूजा, छाता मेला व फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन

पंडरासाली गांव में गणतंत्र दिवस पर इंद्र पूजा, छाता मेला व फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन

चाईबासा : मंझारी प्रखंड के पंडरासाली गांव में गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंद्र पूजा सह छाता मेला एवं फुटबॉल खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मेले में आसपास के गांवों के साथ-साथ उड़ीसा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुल 15 टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में 70 से 150 नृत्य कलाकार शामिल थे, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री सह विधायक सरायकेला–खरसावां श्री चम्पाई सोरेन थे, हालांकि विशेष कारणों से वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष सरायकेला–खरसावां श्री सोनाराम बोदरा उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए श्री सोनाराम बोदरा ने कहा कि इस तरह के मेले हमारी लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सांस्कृतिक प्रतियोगिता में आदिवासी हो समाज सुपर आकड़ा पूरनापानी गांव को प्रथम पुरस्कार ₹20,000, जय जवान जय किसान युवक संघ तरना गांव (उड़ीसा) को द्वितीय पुरस्कार ₹15,000, संस्कृति क्लब भवन हरिगुटु चाईबासा को तृतीय पुरस्कार ₹10,000, जोमको जुड़ी बोडेसाईं गांव को चतुर्थ पुरस्कार ₹7,000, ताला माई आनदी सुसन रंगामटिया गांव को पांचवां पुरस्कार ₹5,000, निशा न्यू बॉयज क्लब बलियाडिपा गांव को छठा पुरस्कार ₹3,000 प्रदान किया गया। अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में ₹2,000 दिए गए।
फुटबॉल प्रतियोगिता में जयराम एफसी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹50,000, तुरमसाईं एफसी ने द्वितीय स्थान पर ₹30,000, किनाबसा ने तृतीय स्थान पर ₹15,000 तथा एडीमसाईं ने चतुर्थ स्थान पर ₹10,000 का पुरस्कार प्राप्त किया।
पुरस्कार वितरण जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा, ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन कमेटी झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष श्री सावन सोय, समाजसेवी अमन हांसदा एवं सोनाराम गगराई के हाथों किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में ए.एन.एफ.सी. पंडरासाली के संरक्षक श्री सावन सोय, अध्यक्ष विकास बिरुआ, सचिव साधु चरण बिरुआ, उपसचिव रवि बिरुआ, कोषाध्यक्ष अंकुरा बिरुआ, मुंडा घनश्याम बिरुआ, डकुआ पीताम्बर कालिंदी , श्री बैजनाथ बिरुआ , तुराम बिरुआ ,धर्मेंद्र गोप, कल्पना बिरुआ ,ललिता बोदरा, बासमती बिरुआ, कृष्णा कालिंदी,  एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे ।

सरायकेला इंडोर स्टेडियम में खेल सुविधाओं का निरीक्षण, बैडमिंटन कोर्ट व आधारभूत संरचना सुधार के निर्देश

सरायकेला इंडोर स्टेडियम में खेल सुविधाओं का निरीक्षण, बैडमिंटन कोर्ट व आधारभूत संरचना सुधार के निर्देश

सरायकेला : सरायकेला गेस्ट हाउस कॉलोनी स्थित इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण, मरम्मति एवं जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण गुरुवार को उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश कुमार लुनायत के साथ किया। निरीक्षण के दौरान चेंजिंग रूम, वेटिंग रूम, शौचालय सहित उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।
उपायुक्त ने खेल अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को गुणवत्ता, मानक के अनुरूप एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि खिलाड़ियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। उन्होंने जिला खेल पदाधिकारी को इंडोर स्टेडियम में टेबल टेनिस बोर्ड की स्थापना सुनिश्चित कराने का निर्देश भी दिया।
इसके अलावा, इंडोर स्टेडियम के समीप स्थित मैदान का मापांकन कर समतलीकरण कराने तथा स्टेडियम परिसर में लगी सभी स्ट्रीट लाइटों की जांच कर आवश्यक मरम्मति कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही इंडोर भवन के अंदर एवं आसपास नियमित साफ-सफाई और बेहतर संचालन व्यवस्था के लिए एक होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान जिला खेल पदाधिकारी श्री अमित कुमार एवं संबंधित विभाग के कनीय अभियंता उपस्थित रहे।

नगर पालिका चुनाव–2026 को लेकर बैठक आयोजित

नगर पालिका चुनाव–2026 को लेकर बैठक आयोजित

चाईबासा : जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त श्री चंदन कुमार की अध्यक्षता में नगर पालिका चुनाव–2026 के सफल एवं सुचारु आयोजन को लेकर सभी गठित कोषांगों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों से अब तक की तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रत्येक कोषांग द्वारा अपने दायित्वों के तहत किए गए कार्यों एवं प्रगति की जानकारी साझा की गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी कोषांगों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि नगर पालिका चुनाव–2026 निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सके।
बैठक में सभी कोषांगों के नोडल, प्रभारी पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार आयोजित, नागरिकों की समस्याओं पर त्वरित समाधान के निर्देश

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार आयोजित, नागरिकों की समस्याओं पर त्वरित समाधान के निर्देश

सरायकेला : समाहरणालय भवन स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को उपायुक्त ने क्रमवार गंभीरता से सुना।
जनता दरबार में खरसावाँ अंचल के हरिभांजा मौजा में लंबित सीमांकन, नगर पंचायत सरायकेला के सिंदूरकुली टोला में पेयजल व स्ट्रीट लाइट की समस्या, विद्युत खंभों पर एलईडी बल्ब अधिष्ठापन, उत्क्रमित मध्य विद्यालय विचार (कुचाई) में शिक्षक स्थानांतरण के बाद उत्पन्न शिक्षक अभाव सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों, अंचल एवं नगर निकाय के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्राप्त शिकायतों की विधिसम्मत, त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही जिन मामलों में स्थल निरीक्षण आवश्यक है, वहां तत्काल निरीक्षण कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आम जनता को शीघ्र राहत मिल सके।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 का समापन, सरायकेला में ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ का आयोजन

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 का समापन, सरायकेला में ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ का आयोजन

सरायकेला : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के समापन अवसर पर सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन द्वारा सरायकेला के इंडोर स्टेडियम से बिरसा मुंडा स्टेडियम तक ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएँ तथा आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिभागियों ने यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है और सुरक्षित आवागमन केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और यातायात नियमों के पालन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नागरिकों का जिम्मेदार और अनुशासित व्यवहार आवश्यक है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने, गति सीमा का पालन करने, नशे की अवस्था में वाहन न चलाने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मोटरयान निरीक्षक दिलीप प्रसाद ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई।

जगन्नाथपुर में 200 केवीए ट्रांसफार्मर बदला गया, बिजली बहाल

जगन्नाथपुर में 200 केवीए ट्रांसफार्मर बदला गया, बिजली बहाल

चाईबासा : जगन्नाथपुर स्थित राजकीय रस्सैल उच्च विद्यालय (+2) के सामने लगे 200 केवीए ट्रांसफार्मर के खराब होने की सूचना माननीय विधायक श्री सोनाराम सिंकु को दी गई। विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मर के स्थान पर नया 200 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया।

बिजली बहाल होने से मेन मार्केट के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को राहत मिली है। ट्रांसफार्मर बदलने पर बाजार क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दुकानदारों और मार्केट वासियों ने त्वरित कार्रवाई के लिए माननीय विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया है।

चाईबासा, चक्रधरपुर में अपराध का खुला खेल अवैध लॉटरी, ब्राउन शुगर और संगठित गिरोह के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग

चाईबासा, चक्रधरपुर में अपराध का खुला खेल अवैध लॉटरी, ब्राउन शुगर और संगठित गिरोह के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग

चाईबासा : चाईबासा, चक्रधरपुर जिले में अवैध लॉटरी, ब्राउन शुगर और संगठित अपराध का नेटवर्क खुलेआम फल-फूल रहा है। यह अब केवल अंदेशा नहीं, बल्कि खुला अपराध है, जिसकी सूचना ट्विटर के माध्यम से @JharkhandPolice, @ChaibasaPolice और @DC_Chaibasa को औपचारिक रूप से दी जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार इस काले नेटवर्क के मुख्य चेहरे हैं, राकेश जायसवाल, एमडी अल्ताफ, एमडी वसीम और बच्चा बंगाली। इन्हीं के इशारे पर लॉटरी की सप्लाई, नशे का धंधा और अवैध वसूली का संगठित खेल चल रहा है। इसका सीधा असर गरीबों की मेहनत की कमाई, युवाओं के भविष्य और जिले की कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है।
यह स्थिति न केवल प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है, बल्कि समाज को नैतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से भी गहरे संकट में धकेल रही है।
   एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने ट्वीट कर इस पूरे अपराध नेटवर्क को उजागर किया है और प्रशासन से मांग की है कि इस गिरोह के विरुद्ध तत्काल, निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में कानून का राज कायम हो सके और माफिया राज का अंत हो। अब सवाल यह है, कानून चलेगा या अपराधियों का राज?

डॉ. विजय सिंह गागराई ने रांची में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

डॉ. विजय सिंह गागराई ने रांची में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

रांची : भारतीय जनता पार्टी (BJP) झारखंड प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनसेवक डॉ. विजय सिंह गागराई ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर BJP Jharkhand के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री आदित्य साहू जी तथा झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष माननीय श्री बाबूलाल मरांडी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते हुए डॉ. विजय सिंह गागराई ने कहा कि यह क्षण उनके जीवन का ऐतिहासिक, प्रेरणादायक एवं संकल्पपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि झारखंड को सुशासन, विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने भाजपा से जुड़ने का निर्णय लिया है।

डॉ. गागराई ने कहा,

“मेरा दृढ़ विश्वास है कि झारखंड का समग्र विकास ही सशक्त भारत की मजबूत नींव है। जनता की सेवा ही मेरा धर्म है और यही मेरा सर्वोच्च कर्तव्य रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि वे झारखंड की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने, अपने क्षेत्र चक्रधरपुर सहित पूरे राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य करते रहेंगे।

इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और उनके भाजपा परिवार में शामिल होने पर शुभकामनाएँ दीं।

UGC 2026 नियमों को लेकर देशभर में विवाद, लक्ष्मीनारायण मुंडा ने जताई गहरी आपत्ति

UGC 2026 नियमों को लेकर देशभर में विवाद, लक्ष्मीनारायण मुंडा ने जताई गहरी आपत्ति

रांची : भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हाल ही में लागू किए गए UGC (University Grants Commission) के “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीनारायण मुंडा ने इन नियमों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे केवल शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि भारत की सामाजिक एकता और संप्रभुता के लिए खतरा बताया है।
लक्ष्मीनारायण मुंडा का कहना है कि ये नियम सतही तौर पर जाति-आधारित भेदभाव रोकने का दावा करते हैं, लेकिन वास्तव में यह एकतरफा और विभाजनकारी नीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों में भेदभाव की परिभाषा केवल SC, ST और OBC वर्गों तक सीमित रखी गई है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। इससे कैंपस में असंतुलन और तनाव बढ़ने की आशंका है।
UGC 2026 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी कमेटी, इक्विटी एंबेसडर और हेल्पलाइन गठित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इससे शिक्षा परिसरों में शिकायतों की राजनीति को बढ़ावा मिलेगा और शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।
गौरतलब है कि इन नियमों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। कई छात्र संगठनों ने इसे “कैंपस में अराजकता फैलाने वाला” बताया। 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों पर रोक लगाए जाने के बावजूद, राजनीतिक और सामाजिक बहस थमी नहीं है। भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के इस्तीफे भी सामने आए हैं।
लक्ष्मीनारायण मुंडा ने केंद्र की भाजपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दावा करने वाली सरकार ने इस तरह के नियम क्यों लागू किए। उन्होंने 2019 से चली आ रही जनहित याचिकाओं का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की आड़ में सरकार ने ऐसे प्रावधानों को आगे बढ़ाया, जो समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि UGC 2026 नियमों को National Education Policy (NEP) 2020, Free Trade Agreement (FTA) और World Economic Forum (WEF) से अलग नहीं देखा जा सकता। उनका दावा है कि भारत-यूरोपीय संघ FTA और विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति से भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर वैश्विक नियंत्रण बढ़ेगा।
WEF के साथ स्किल डेवलपमेंट को लेकर हुए समझौतों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारत को “ग्लोबल स्किल हब” बनाने के नाम पर युवाओं को सस्ते श्रम के रूप में तैयार किया जा रहा है। उनका आरोप है कि ‘इक्विटी’ के नाम पर छात्रों को आपस में बांटकर वैश्विक पूंजीवाद के हित साधे जा रहे हैं।
मुंडा ने कहा कि यह नीति न तो वास्तविक समानता लाएगी और न ही रोजगार या विकास। बल्कि इससे भारत की शिक्षा, संस्कृति और संप्रभुता कमजोर होगी। उन्होंने छात्रों, युवाओं और नागरिकों से जागरूक होने और सरकार से जवाब मांगने की अपील की।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश वैश्विक पूंजीवाद की गुलामी की ओर बढ़ रहा है और क्या भारत को एक “वैश्विक कॉलोनी” में बदला जा रहा है। उनके अनुसार अब समय आ गया है कि इस पूरी नीति और इसके पीछे के एजेंडे को सार्वजनिक बहस में लाया जाए।