सरायकेला-खरसावां | जिले के ईचागढ़ प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत 12 यूनिट बकरी पालन (गोअटरी) का वितरण किया गया। प्रखंड प्रशासन की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में चयनित लाभुकों को स्वरोजगार सृजन एवं आय वृद्धि के उद्देश्य से बकरी पालन इकाइयां प्रदान की गईं।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने लाभुकों को पशुपालन के वैज्ञानिक तरीकों, उचित देखभाल, टीकाकरण तथा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन जानकारियों के माध्यम से लाभुक योजना का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।
Book your slot today : +91 7250214782
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को सुदृढ़ करना, पशुपालन को बढ़ावा देना तथा लाभुकों को आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही, संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे लाभुकों को समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करें, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
सरायकेला-खरसावां | पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘प्रोजेक्ट डिवाइस’ के तहत सरायकेला थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। सोमवार (04 मई 2026) को थाना क्षेत्र से गुम हुए कुल 13 मोबाइल फोन को CEIR Portal की सहायता से ट्रेस कर बरामद किया गया।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
पुलिस द्वारा सभी बरामद मोबाइल फोन का विधिवत सत्यापन किया गया, जिसके बाद उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लाभुकों के चेहरों पर खुशी स्पष्ट रूप से देखी गई। लाभुकों ने इस सराहनीय कार्य के लिए सरायकेला पुलिस का आभार व्यक्त किया।
Book your slot today : +91 7250214782
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट डिवाइस’ का मुख्य उद्देश्य गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों को राहत प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
Book your slot today : +91 7250214782
सरायकेला थाना पुलिस की इस पहल से आमजन में सुरक्षा और पुलिस के प्रति विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना में सूचना दें या CEIR Portal पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सरायकेला-खरसावाँ (कुचाई) | कुचाई प्रखंड में सोमवार को ग्रामीण लाभुकों के आजीविका संवर्द्धन के उद्देश्य से चयनित किसानों के बीच चार यूनिट बैल जोड़ी का वितरण किया गया। इस वितरण कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) श्री साधु चरण देवगम एवं प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
यह पहल किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत प्रदान करने, उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। बैल जोड़ी मिलने से लाभुक किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में मदद मिलेगी, साथ ही उनकी कृषि लागत में भी कमी आएगी।
Book your slot today : +91 7250214782
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने लाभुकों से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
सरायकेला | जिले के राजनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जच्चा एवं नवजात शिशु की मौत के मामले को उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है। स्थानीय समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
गठित समिति में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह तथा सदर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति मांझी को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह जच्चा-बच्चा की मौत के कारणों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा करे। इसी क्रम में रविवार को उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह की उपस्थिति में जिला स्तरीय समिति ने सीएचसी, राजनगर पहुंचकर मामले की जांच की। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों, जनरेटर, सोलर लाइट, इनवर्टर सहित वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता और कार्यक्षमता की समीक्षा की गई।
Book your slot today : +91 7250214782
जांच के दौरान चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों से विस्तृत पूछताछ की गई। अस्पताल कर्मियों के अनुसार, प्रसूता की मौत अत्यधिक रक्तस्राव एवं रक्तचाप में अचानक गिरावट के कारण हुई। उन्होंने बताया कि आवश्यक उपचार एवं दवाइयों के माध्यम से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सुधार नहीं हो सका, जिसके बाद प्रसूता एवं नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। उपायुक्त ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक, नर्स, एएनएम एवं अन्य कर्मियों से सख्ती से पूछताछ करते हुए यह भी सवाल किया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मोबाइल टॉर्च के सहारे प्रसव क्यों कराया गया और वैकल्पिक व्यवस्था समय पर क्यों सुनिश्चित नहीं की गई।
उपायुक्त ने समिति को सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा सभी तथ्यों का गहन परीक्षण कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राजनगर, अंचल अधिकारी राजनगर, एमओआईसी राजनगर सहित अन्य चिकित्सा एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
सरायकेला | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), सरायकेला-खरसावां द्वारा सोमवार को लोक अदालत भवन में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) के लिए एक महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा तैयार विभिन्न कानूनों की हैंडबुक के आधार पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यरत पीएलवी को सशक्त बनाना है।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, डीएलएसए, रामाशंकर सिंह ने उपस्थित पीएलवी को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय पहुंचाने के लिए कानूनों की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से पीएलवी की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, बिरेश कुमार ने भी अपने संबोधन में पीएलवी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें समाज सेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
Book your slot today : +91 7250214782
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, साइबर अपराध एवं डिजिटल अपराध तथा दिव्यांगजन अधिकार जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 बी.के. पांडेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 दीपक मलिक, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लूसी सोसेन तिग्गा, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आशीष अग्रवाल तथा डीएलएसए सचिव तौसीफ मेराज भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पीएलवी तारामणी बांडिया को बाल विवाह रोकथाम में किए गए सराहनीय कार्य के लिए अध्यक्ष द्वारा प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। डीएलएसए सचिव तौसीफ मेराज ने अपने संबोधन में पीएलवी को समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग, विशेषकर बच्चों के उत्थान के लिए समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, उप मुख्य विधिक सहायता अधिवक्ता ने भी विभिन्न कानूनों की जानकारी देते हुए पीएलवी को उनके दायित्वों से अवगत कराया।
सरायकेला-खरसावां | राजनगर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस हृदयविदारक घटना के विरोध में किया गया, जिसमें सरकारी अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने की कोशिश के दौरान माँ विनीता बानरा और उनके नवजात शिशु की मौत हो गई थी।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
मौके पर उपस्थित पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था स्वयं बीमार है। स्वास्थ्य मंत्री केवल औपचारिकता निभा रहे हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दो जिंदगियों का जाना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि यह एक “संस्थागत हत्या” है। भाजपा के प्रदेश मंत्री ने प्रशासन के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने और लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज न करना और सच्चाई को छिपाना पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है। भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
Book your slot today : +91 7250214782
जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान ने कहा कि “ऐसा प्रतीत होता है कि इरफान अंसारी के नेतृत्व में झारखंड का स्वास्थ्य विभाग एक मजाक बन गया है।” उन्होंने पूर्व में चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस मामले में भी लीपापोती की कोशिश की गई थी। भाजपा ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और मृतका के निकटतम परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। मृतका के पति ने भी अपनी पत्नी और बच्चे के लिए न्याय की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पूर्व विधायक अनंत राम टुडू, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, जिला मंत्री सूर्या देवी, भुवनेश्वर महतो, बलदेव मंडल, प्रखंड अध्यक्ष मनसा लोहार, उज्ज्वल मोदक, सुखदेव गौड़, मुरली प्रधान, बीजू दत्ता, साधन महतो, माईकल महतो, पिंकी मोदक सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग उपस्थित थे।
नोवामुंडी (झारखंड) | झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda ने सोमवार को नोवामुंडी में भारतीय जनता पार्टी की असम, बंगाल एवं पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में मिली जीत पर कार्यकर्ताओं के साथ उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। इस दौरान मिठाइयां बांटी गईं और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
इस अवसर पर मधु कोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि यह जीत स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि देश की जनता Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों पर विश्वास जता रही है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण से जुड़े कानूनों तथा एसआईआर जैसे निर्णयों को जनता का व्यापक समर्थन मिला है, जो चुनाव परिणामों में परिलक्षित होता है।
Book your slot today : +91 7250214782
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे गंभीर मुद्दों पर उठाए गए “बेतुके सवालों” का जवाब दे दिया है। कोड़ा ने कहा, “कुछ लोग ऑपरेशन सिंदूर जैसे मामलों पर प्रश्न उठाकर देश के नेतृत्व को घेरने का प्रयास कर रहे थे, वहीं विदेश नीति को लेकर भी भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। लेकिन जनता ने अपने मत से स्पष्ट कर दिया कि वह मजबूत और निर्णायक नेतृत्व के साथ खड़ी है।”
मधु कोड़ा ने आगे कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों और अवैध घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति रखने वालों को भी जनता ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने असम, बंगाल और पुडुचेरी की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आप सभी ने पार्टी के नीति-सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप यह विजय प्राप्त हुई है।” अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार देशभर में भाजपा को समर्थन मिल रहा है, उसी प्रकार झारखंड की जनता भी जल्द ही वर्तमान सरकार से मुक्ति का मार्ग चुनते हुए विकास और सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाएगी।
जमशेदपुर | शहर में आयोजित NEET (UG)-2026 परीक्षा को भले ही प्रशासन ने शांतिपूर्ण बताया हो, लेकिन एक नेशनल स्तर की टॉपर छात्रा की शिकायत ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CISCE बायोसाइंस टॉपर और सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी तिवारी ने परीक्षा के दौरान व्यवधान और अव्यवस्था का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी इसकी जानकारी दी गई है। शांभवी के परिचित राजेश कुमार सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज परीक्षा केंद्र पर NTA की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और असमानता का माहौल रहा, जिससे छात्रों को मानसिक दबाव और समय की कमी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच निरीक्षक लगातार छात्रों को डिस्टर्ब करते रहे।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
परीक्षा के दौरान नियमों की अनदेखी का आरोप शांभवी के पिता राकेश रमन ने बताया कि NTA के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद परीक्षा के बीच में कई बार थंब इम्प्रेशन लिया गया और अलग-अलग स्थानों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके अलावा बार-बार एडमिट कार्ड और फोटो की जांच की गई, जबकि यह प्रक्रिया परीक्षा शुरू होने से पहले या समाप्ति के बाद की जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि इससे परीक्षा का माहौल प्रभावित हुआ।
Book your slot today : +91 7250214782
समय बर्बाद होने से प्रभावित हुई एकाग्रता परिजनों के अनुसार, इन अतिरिक्त प्रक्रियाओं में करीब 15 से 20 मिनट का समय व्यर्थ हुआ, जिससे शांभवी की एकाग्रता भंग हो गई। परिणामस्वरूप वह चार ऐसे प्रश्न हल नहीं कर सकी, जिनके उत्तर उसे ज्ञात थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गाइडलाइन के अनुसार पारदर्शी बोतल ले जाने की अनुमति होने के बावजूद छात्रों को पानी ले जाने से रोका गया और केंद्र पर भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल जी आनंद ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे स्वयं परीक्षा केंद्र पर मौजूद थे और सभी प्रक्रियाएं व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुसार पूरी की गईं। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा निष्पक्ष और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई गई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा संचालन की पारदर्शिता और व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) | सारंडा जंगल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक दंतैल हाथी आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सारंडा वन प्रमंडल के कोयना वन प्रक्षेत्र अंतर्गत कोलभोंगा क्षेत्र के समीप की बताई जा रही है।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथी का दाहिना अगला पैर जमीन में दबे आईईडी पर पड़ते ही जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट के कारण हाथी के पैर में गहरा घाव हो गया है, जिससे वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि यह आईईडी नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था।
Book your slot today : +91 7250214782
घटना की सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचने की तैयारी में जुट गई है और घायल हाथी के उपचार एवं बचाव के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। हालांकि, जिस इलाके में हाथी घायल पड़ा है, वहां अन्य आईईडी होने की आशंका के चलते बचाव कार्य में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
वन विभाग और सुरक्षा बल संयुक्त रूप से पहले पूरे क्षेत्र की सघन जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। जांच पूरी होने के बाद ही हाथी के सुरक्षित रेस्क्यू और उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यह घटना एक बार फिर सारंडा क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के कारण वन्यजीवों और आम लोगों पर मंडरा रहे खतरे को उजागर करती है।
रांची | झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने आगामी जनगणना 2027 में आदिवासियों के लिए ‘सरना धर्म कोड’ को अलग से शामिल करने की मांग को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। इस संबंध में उन्होंने देश की राष्ट्रपति Droupadi Murmu, प्रधानमंत्री Narendra Modi और झारखंड के राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar को अलग-अलग पत्र लिखकर अपनी बात रखी है।
Admissions Open | Contact : +91 9899613747
मुख्यमंत्री ने अपने पत्रों में कहा कि झारखंड राज्य की आधारशिला यहाँ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्रकृति-आधारित जीवनशैली पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से ‘सरना धर्म’ के रूप में पहचान प्राप्त है। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान जनगणना प्रारूप में अनुसूचित जाति और जनजाति का उल्लेख तो है, लेकिन आदिवासियों की विशिष्ट धार्मिक पहचान दर्ज करने के लिए कोई अलग प्रावधान नहीं है, जिससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
Book your slot today : +91 7250214782
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण ही राष्ट्र के विकास का सर्वोत्तम मार्ग है। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान देश के 21 राज्यों में लगभग 50 लाख लोगों ने अलग कोड न होने के बावजूद स्वेच्छा से ‘सरना’ को धर्म के कॉलम में दर्ज कराया था, जो इस मांग की व्यापकता को दर्शाता है। राष्ट्रपति को भेजे पत्र में उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों और पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए हस्तक्षेप का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जनजातीय समाज की संरक्षक होने के नाते उनकी विशिष्ट पहचान को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
इसके अलावा, राज्यपाल से भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया है कि झारखंड विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव और स्थानीय जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे पर सकारात्मक अनुशंसा भेजी जाए। मुख्यमंत्री ने अपने पत्रों में यह भी उल्लेख किया कि भारत तकनीकी और डिजिटल क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में जनगणना प्रपत्र में ‘सरना धर्म कोड’ को शामिल करना पूरी तरह संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि जनगणना के दूसरे चरण में इस पहचान को आधिकारिक मान्यता मिलती है, तो इससे न केवल सामाजिक समरसता को बल मिलेगा, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक अस्मिता को भी संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उचित स्थान मिलेगा। पत्रों के अंत में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि झारखंड की आकांक्षाओं और आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए आगामी जनगणना प्रपत्रों में आवश्यक संशोधन किए जाएं।