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UGC के नई नियमावली जारी, मनुवादियों का विरोध; अभियान के स्टूडेंट्स विंग का समर्थन—29 जनवरी को धरना-प्रदर्शन।

UGC के नई नियमावली जारी, मनुवादियों का विरोध; अभियान के स्टूडेंट्स विंग का समर्थन—29 जनवरी को धरना-प्रदर्शन।

चाईबासा। 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा एक महत्वपूर्ण नियमावली जारी की गई, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ जाति, धर्म, लिंग और क्षेत्र के आधार पर हो रहे अन्याय, उत्पीड़न और भेदभाव को रोकना है। यह नियमावली भारतीय संविधान में निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि इस नियमावली के जारी होते ही तथाकथित कुछ वर्गों द्वारा इसका विरोध किया जाने लगा। यह विरोध केवल एक प्रशासनिक असहमति नहीं है, बल्कि यह मनुवादी, ब्राह्मणवादी और ऊँच-नीच पर आधारित उस रुग्ण मानसिकता को उजागर करता है, जो आज भी बहुजन समाज के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलने से रोकना चाहती है।

इस विरोध का सीधा अर्थ यही निकाला जा सकता है कि हजारों वर्षों से चली आ रही जातिगत वर्चस्व की मानसिकता को आज भी बहुजन समाज के विद्यार्थियों पर थोपा जा रहा है। विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और अन्य पावर सेंटरों से दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दूर रखने की एक सुनियोजित कोशिश लगातार जारी है।

यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पिछले पाँच वर्षों के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो यह स्पष्ट होता है कि जातीय भेदभाव के मामलों में लगभग 118% की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि हाल के वर्षों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालयों में भेदभाव और उत्पीड़न बढ़ा है, न कि घटा है।

आज भी समाज का एक वर्ग अपनी वर्चस्ववादी सोच के तहत दबे-कुचले समुदायों के लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार करता है। वे नहीं चाहते कि पिछड़े वर्गों के लोग उच्च पदों पर पहुँचें, निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में भाग लें और देश व समाज की सेवा करें। यही कारण है कि देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आज भी प्रतिनिधित्व की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है—

अनुसूचित जनजाति के लगभग 83%,

अनुसूचित जाति के लगभग 64%,

और अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग 80%

असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली पड़े हैं।

ऐसी परिस्थितियों में सामाजिक न्याय और समान अवसर की बात किस आधार पर की जा सकती है? जहाँ दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व नाममात्र का हो, वहाँ वे वर्चस्ववादी समाज के सामने अपनी बात मजबूती से कैसे रख सकते हैं?

विगत वर्षों में अनेक ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ विश्वविद्यालयों में दलित, पिछड़े और आदिवासी विद्यार्थियों को जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर इतना प्रताड़ित किया गया कि कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। यह हमारे शैक्षणिक तंत्र और सामाजिक संवेदनशीलता पर एक गहरा प्रश्नचिह्न है।

ऐसी स्थिति में यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उत्पीड़न और भेदभाव को रोकने के लिए नियमावली बनाता है, तो उसका विरोध करना वास्तव में अमानवीय व्यवहार को जायज ठहराने जैसा है। सवाल यह है कि वे कौन लोग हैं, जो आज भी जानवरों जैसा व्यवहार इंसानों के साथ करने को सही ठहराना चाहते हैं?

यह नियमावली किसी के अधिकार छीनने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह उन विद्यार्थियों को सुरक्षा और सम्मान देने की कोशिश है, जिन्हें सदियों से वंचित रखा गया है। यदि हमें एक सच्चे लोकतांत्रिक और संवैधानिक गणराज्य का निर्माण करना है, तो ऐसी प्रगतिशील पहलों का समर्थन करना ही होगा—विरोध नहीं।

UGC के नए नियमों को लेकर विवाद, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दिया

UGC के नए नियमों को लेकर विवाद, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दिया

नई दिल्ली : बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट तक इस नियम को भेदभाव बढ़ाने वाला बताकर याचिका दाखिल की गई है।
UGC ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना विनियम, 2026 जारी किया है। इसके तहत ओबीसी छात्रों को भी एससी-एसटी के समान सुरक्षा मिलेगी। नियम के अनुसार हर कॉलेज/यूनिवर्सिटी में ‘इक्विटी कमेटी’ बनेगी, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधि अनिवार्य होंगे। हालांकि, सामान्य वर्ग के प्रतिनिधि का कोई प्रावधान नहीं है।
नए नियमों में कहा गया है कि एससी, एसटी और ओबीसी सदस्यों के साथ होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार को भेदभाव माना जाएगा। शिकायत मिलने पर कमेटी को 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करनी होगी और 15 दिनों में रिपोर्ट देनी होगी। संस्थानों को 24/7 हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू करनी होगी। नियमों का पालन न करने पर विश्वविद्यालय की डिग्री देने की शक्ति या अनुदान रोका जा सकता है।
विरोध करने वाले कहते हैं कि सामान्य वर्ग के प्रतिनिधि न होने से जांच निष्पक्ष नहीं होगी और नियमों का दुरुपयोग झूठी शिकायतों के लिए किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि उच्च शिक्षा में ओबीसी छात्रों को भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्हें सुरक्षा देना जरूरी है। यह सिफारिश शिक्षा संबंधी संसदीय समिति ने भी की थी।

कार्तिक मेमोरियल क्लब की खेलकूद प्रतियोगिता में विधायक दशरथ गागराई ने किया विजेताओं का सम्मान

कार्तिक मेमोरियल क्लब की खेलकूद प्रतियोगिता में विधायक दशरथ गागराई ने किया विजेताओं का सम्मान

सरायकेला (सीनी पदमपुर) : सरायकेला प्रखंड के सीनी पदमपुर (घोड़ा चौक) में कार्तिक मेमोरियल क्लब द्वारा आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में खरसावां के माननीय विधायक श्री दशरथ गागराई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर विधायक श्री गागराई ने प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को अपने कर-कमलों से पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और उन्हें निखारने के लिए कार्तिक मेमोरियल क्लब के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं, बल्कि खेल संस्कृति को भी मजबूत करते हैं।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय युवा और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में क्लब के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण दर्शक उपस्थित थे।

गोलमुरी में आदिवासी हो समाज भवन में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित

गोलमुरी में आदिवासी हो समाज भवन में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित

जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित आदिवासी हो समाज भवन में 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर झंडोत्तोलन कर राष्ट्रीय पर्व को सम्मानपूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से रवि सवैया, सरस्वती बिरूवा सवैया, सुरा बुरुली, निकिता सोए बिरुली, उपेन्द्र बानरा, मनोज मेलगंडी, अमित हेंब्रम, अजय बिरुली, डिबार पूर्ति, मनीष बनरा, भूलटू बारी, लालमोहन जमुदा, राजकुमार बानरा, देवेंद्र बिरुवा, वीरसिंह देवगम, सिरमा देवगम, प्रकाश कोया, सुबोध श्रीवास्तव, गुरुचरण मुखी एवं जुलेश मुखी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा व्यक्त की तथा देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।

लंदन में गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महात्मा गांधी को किया नमन

लंदन में गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महात्मा गांधी को किया नमन

रांची : गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने लंदन स्थित पार्लियामेंट स्क्वायर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू के सत्य, अहिंसा और ईमानदारी के आदर्श आज भी हमें उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व, समाज सेवा और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और जीवन मूल्य न केवल नागरिकों के लिए मार्गदर्शक हैं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में झारखंड से अध्ययन के लिए आए स्कॉलर्स, प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस अवसर को यादगार और प्रेरणादायी बताया।

सरायकेला में पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, हरिहर मॉल में हो रहा आयोजन

सरायकेला में पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, हरिहर मॉल में हो रहा आयोजन

सरायकेला : बिरसा चौक के समीप स्थित हरिहर मॉल के हॉल में रविवार 26 जनवरी से पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन का आयोजन हरिहर लोहार द्वारा किया जा रहा है। इससे पूर्व भी वे इस प्रकार के कथा कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं।
आयोजक हरिहर लोहार ने बताया कि मानव जीवन में अपनी क्षमता के अनुसार श्री नारायण के चरणों में ध्यान लगाना और जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति न तो कुछ लेकर आता है और न ही कुछ लेकर जाता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि निर्धारित समय पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक कथा का आयोजन होगा। 26 और 27 जनवरी को उड़ीसा से पधारे कथा वाचक श्री राम नारायण दास जी, 28 और 29 जनवरी को वृंदावन से पधारे कथा वाचक श्री विष्णु वाहन दास जी तथा 30 जनवरी को श्री निर्गुण दास जी द्वारा कथा वाचन किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस भवन चाईबासा में झंडोत्तोलन, जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने एकजुट होकर चुनौतियों से मुकाबले का किया आह्वान

गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस भवन चाईबासा में झंडोत्तोलन, जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने एकजुट होकर चुनौतियों से मुकाबले का किया आह्वान

चाईबासा : गणतंत्र दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सभी चुनौतियों का मिलकर सामना करने का आह्वान किया।
झंडोत्तोलन के बाद जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। भारत की संस्कृति जोड़ने और भाईचारे की संस्कृति है, जिसके कारण पूरा देश एक झंडे के नीचे एकजुट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति भी जोड़ने की है और यही भारत की मूल पहचान है।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संकल्प लेने का आग्रह किया कि देश के सामने आने वाली हर चुनौती का एकजुट होकर मजबूती से मुकाबला किया जाएगा। कांग्रेस का इतिहास त्याग और बलिदान का रहा है और पार्टी आज भी हर प्रकार की कुर्बानी देने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक देवेंद्र नाथ चांपिया, अंजुमन सदर खलीकुर रहमान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

77वें गणतंत्र दिवस पर लंदन में डॉ. अंबेडकर के निवास पर पहुंचे हेमंत सोरेन

77वें गणतंत्र दिवस पर लंदन में डॉ. अंबेडकर के निवास पर पहुंचे हेमंत सोरेन

रांची/लंदन: 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लंदन स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के निवास स्थान पर जाने का अवसर प्राप्त हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण को उन्होंने अत्यंत भावुक बताते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के प्रति नमन करते हुए वे उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिसने भारत जैसे विशाल लोकतंत्र की सशक्त नींव रखी। उन्होंने बाबा साहेब के समावेशी, सशक्त और समानतामूलक समाज के विचारों को आत्मसात करने की बात कही।

चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर स्थित पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, पंप रोड शत्रुघ्न नगर परिसर में आज 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता पूजन, भारत माता आरती एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण मुख्य अतिथि मनोज भगेरिया, विद्यालय संरक्षक सह भगेरिया फाउंडेशन के सचिव के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद चन्द्र प्रधान ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया। कार्यक्रम का सफल संचालन आचार्य सौभिक घटक द्वारा किया गया।

समारोह में विद्यालय के भैया-बहनों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति नृत्य एवं हिंदी तथा अंग्रेजी में दिए गए प्रभावी भाषणों ने सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि मनोज भगेरिया ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज ही के दिन देश में संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ था। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें अच्छे संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना देना अत्यंत आवश्यक है, जिसमें माताओं एवं आचार्य-आचार्याओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

विद्यालय के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में कहा कि जैसे देश का संविधान है, वैसे ही हर घर का भी एक संविधान होना चाहिए, जिससे बच्चे अनुशासन और नियमों का पालन करना सीखें।

वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह सह विद्यालय सदस्य मोहन कच्छप ने बच्चों के कार्यक्रमों की सराहना करते हुए राष्ट्रीयता की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में विद्यालय की उपाध्यक्ष दमयंती नाग, कोषाध्यक्ष संदीप महतो सहित रवि कुमार बाँकिरा, रमेश शर्मा, राखोहरी सारंगी, इंद्रजीत समद, गोपाल जी, विकास कुमार, अभिषेक पुरोहित, अभय महतो, आचार्य परिवार एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।

संत जेवियर गर्ल्स हाई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस, जे. बी. तुबिद रहे मुख्य अतिथि

संत जेवियर गर्ल्स हाई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस, जे. बी. तुबिद रहे मुख्य अतिथि

चाईबासा : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर संत जेवियर गर्ल्स हाई स्कूल परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं झारखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट सचिव श्री जे. बी. तुबिद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत परेड मार्च ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि श्री जे. बी. तुबिद ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को अनुशासन, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे परिसर में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।