चाईबासा | राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन में पश्चिमी सिंहभूम जिले ने पूरे झारखंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अभियान के दौरान जिले ने निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 93.41 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज करते हुए राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यह सफलता स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, एएनएम, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

अभियान के तहत जिले में 2,329 पोलियो बूथ स्थापित किए गए। इसके अलावा मोबाइल एवं ट्रांजिट टीमों की सक्रिय भागीदारी से कुल 2,21,997 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाई गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले के सभी स्वास्थ्यकर्मियों, पदाधिकारियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों तथा अभियान से जुड़े सभी हितधारकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता टीमवर्क, समर्पण और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उपायुक्त ने कहा कि “सशक्त पश्चिमी सिंहभूम” के लक्ष्य को सभी विभागों के समन्वित प्रयास और आम जनता के सहयोग से ही साकार किया जा सकता है।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में जिले का राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

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उन्होंने जिलेवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अभिभावकों ने अपने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने में सक्रिय सहयोग दिया, जिसके कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी। उन्होंने भविष्य में भी स्वास्थ्य संबंधी सभी जनकल्याणकारी अभियानों में इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपील की।

जिला प्रशासन ने अभियान से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी पश्चिमी सिंहभूम स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े सभी कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान और अधिक मजबूत करेगा।


