पश्चिमी सिंहभूम | आगामी 22 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर की तैयारियों एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं सामाजिक समूहों के पदाधिकारी, कर्मी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है। प्रत्येक रक्तदाता किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अपने-अपने स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र एवं इच्छुक लोगों को 22 अगस्त को आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

उपायुक्त ने समाहरणालय, अंचल, प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक, वरीय सहायक, सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ-साथ शिक्षकों एवं डीएमएफटी अनुशिक्षकों से भी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रज्ञा केंद्रों के वीएलई, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, जेएसएलपीएस की दीदियों, पीडीएस डीलरों, पंचायत सेवकों, बीपीओ, रोजगार सेवकों, मुखिया एवं जनसेवा से जुड़े कर्मियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने की अपील की।

इसी क्रम में कल्याण, कृषि, खेल एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों, सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं उनकी टीम, खेल प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों, जलसहिया तथा बैंकर्स सहित विभिन्न समूहों को भी रक्तदान अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न विभागों एवं सामाजिक समूहों की सामूहिक भागीदारी से रक्तदान को जनअभियान का स्वरूप दिया जा सकता है।
टीबी उन्मूलन के लिए निक्षय मित्र बनने की अपील
बैठक में पश्चिमी सिंहभूम जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में भी विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों, कर्मियों तथा समाज के सक्षम एवं इच्छुक लोगों से निक्षय मित्र के रूप में आगे आने और टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं में सहयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को भावनात्मक, सामाजिक एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे उनके उपचार की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान और टीबी उन्मूलन दोनों ही मानवीय संवेदनशीलता एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़े महत्वपूर्ण अभियान हैं। जिले के पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, युवा, खिलाड़ी, बैंकर्स एवं आम नागरिक इन अभियानों से जुड़कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि 22 अगस्त को आयोजित रक्तदान शिविर में पात्र एवं स्वस्थ व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में सहभागी बनें। साथ ही, सक्षम नागरिक निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को सहयोग प्रदान करें। सामूहिक प्रयासों से पश्चिमी सिंहभूम को स्वस्थ, जागरूक एवं टीबी मुक्त जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया जा सकता है।

