चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में गुरुवार को समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की, जबकि उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की समीक्षा
बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना को प्राथमिकता देते हुए पात्र किशोरियों की पहचान, आवेदन एवं स्वीकृति की स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र किशोरी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने के साथ-साथ योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।

बच्चों के अपार और आभा आईडी पंजीकरण पर जोर
आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अपार आईडी एवं आभा आईडी पंजीकरण की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी पात्र बच्चों का पंजीकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया।
इसके अलावा टेक होम राशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और समर कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा पोषाहार वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने का निर्देश
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यादेश के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण और पेयजल सुविधा की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही केंद्रों के विद्युतीकरण, भवन निर्माण तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने पोषण ट्रैकर पर सभी आवश्यक आंकड़ों एवं सूचनाओं को नियमित रूप से शत-प्रतिशत अपडेट करने को कहा। उपायुक्त ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित थीं।

