चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल, चाईबासा ने महिला स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में जिले का पहला कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट (इम्प्लानॉन एनएक्सटी) सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह आधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया डॉ. पौलीना मुंडू और उनकी मेडिकल टीम द्वारा संपन्न की गई। चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट एक सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि है।

इस प्रक्रिया में महिला की ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे एक छोटा, लचीला और माचिस की तीली के आकार का इम्प्लांट लगाया जाता है। यह इम्प्लांट नियंत्रित मात्रा में हार्मोन जारी करता है, जिससे लगभग तीन वर्षों तक अनचाहे गर्भधारण से प्रभावी सुरक्षा मिलती है।

इस विधि की विशेषता यह है कि आवश्यकता पड़ने पर अथवा परिवार विस्तार की इच्छा होने पर इसे प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा किसी भी समय आसानी से निकाला जा सकता है। इम्प्लांट हटाने के बाद महिला सामान्य रूप से पुनः गर्भधारण कर सकती है।

डॉ. पौलीना मुंडू ने कहा कि यह सुविधा जिले की ग्रामीण और शहरी महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक तथा अत्यधिक प्रभावी परिवार नियोजन विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में यह एक माइनर प्रक्रिया है, जिसे कम समय में सुरक्षित रूप से पूरा किया जा सकता है।

इस सेवा की शुरुआत के बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले की महिलाओं को आधुनिक परिवार नियोजन सुविधा अपने ही जिले में निःशुल्क और सुलभ रूप से उपलब्ध होगी। इसके लिए अब लोगों को बड़े निजी अस्पतालों या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

सदर अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस सफल प्रत्यारोपण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मेडिकल टीम को बधाई दी है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि क्षेत्रीय जनता को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा निरंतर प्रयासरत रहेगा।


