#चाईबासा #पश्चिमीसिंहभूम #मंडलकारा #प्रोजेक्टपरिवर्तन #हुनरसेपहचान #maskalnews

मंडल कारा चाईबासा में बंदियों के लिए व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शुरू, हुनर के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने की पहल

मंडल कारा चाईबासा में बंदियों के लिए व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शुरू, हुनर के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने की पहल

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट परिवर्तन-हुनर से पहचान’ के तहत मंडल कारा, चाईबासा में बंदियों के कौशल विकास और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने दीप प्रज्वलित कर छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक सुनील कुमार सहित बैंक ऑफ इंडिया-आरसेटी के प्रशिक्षक मौजूद रहे।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

40 बंदियों को फल-सब्जी उत्पादन और जैविक खाद का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविर 4 से 9 सितंबर 2026 तक संचालित होगा। इसमें मंडल कारा के 40 बंदियों को फल एवं सब्जी उत्पादन तथा जैविक खाद निर्माण से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशल से जोड़कर भविष्य में स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका के लिए तैयार करना है।

Contact no :- +91 9337736501

मंडल कारा में प्रोजेक्ट परिवर्तन का तीसरा प्रशिक्षण शिविर
जिला प्रशासन के अनुसार, ‘प्रोजेक्ट परिवर्तन-हुनर से पहचान’ के तहत मंडल कारा में यह तीसरा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से बंदियों को विभिन्न रोजगारपरक गतिविधियों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सजा पूरी करने के बाद वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें।
व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फल एवं सब्जी उत्पादन के साथ जैविक खाद तैयार करने की तकनीक और इसके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इससे उन्हें भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

उपायुक्त ने बंदियों को नई शुरुआत के लिए किया प्रेरित
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट परिवर्तन’ का उद्देश्य बंदियों को ऐसे उपयोगी और रोजगारपरक कौशल से जोड़ना है, जिससे वे कारा से बाहर निकलने के बाद सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें। उन्होंने बंदियों से जीवन में हुई गलतियों से सीख लेने और भविष्य में उन्हें दोहराने से बचने की अपील की।
उपायुक्त ने प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा यहां प्राप्त ज्ञान और कौशल का बेहतर उपयोग कर अपने भविष्य को नई दिशा देने के लिए भी प्रेरित किया।
सिलाई एवं कपड़ा निर्माण केंद्र का किया अवलोकन
प्रशिक्षण सत्र में शामिल होने के बाद उपायुक्त ने मंडल कारा परिसर में संचालित सिलाई केंद्र एवं कपड़ा निर्माण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी ली और बंदियों को दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था का जायजा लिया।

Book your slot today : +91 7250214782

सीसीटीवी कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण
मंडल कारा के भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कारा परिसर की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कौशल विकास के जरिए पुनर्वास पर जोर
‘प्रोजेक्ट परिवर्तन-हुनर से पहचान’ के माध्यम से जिला प्रशासन बंदियों के कौशल विकास और सकारात्मक पुनर्वास की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शिविर इसी पहल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य बंदियों को उपयोगी हुनर प्रदान कर उन्हें भविष्य में रोजगार या स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना है, ताकि वे सजा पूरी करने के बाद समाज में सम्मानजनक और सकारात्मक जीवन की नई शुरुआत कर सकें।