चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सदर अस्पताल, चाईबासा में आदिवासी उरांव समाज संघ के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एकदिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में जिला उपायुक्त मनीष कुमार शामिल हुए। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जूझार माझी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की पदाधिकारी ईरा जोरवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने स्थापना दिवस के अवसर पर समाज संघ द्वारा आयोजित इस सामाजिक सरोकार से जुड़े रक्तदान शिविर की सराहना की। उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है।

एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन की रक्षा कर सकता है।” उन्होंने जिले के सभी वर्गों, समुदायों, युवाओं एवं इच्छुक नागरिकों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने तथा जिला प्रशासन के इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित ब्लड बैंक को लाइसेंस प्राप्त हो चुका है। इसका उद्देश्य जिले के लोगों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना और किसी भी मरीज अथवा उसके परिजनों को रक्त की उपलब्धता के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त भंडारण बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।

रक्तदान शिविर के दौरान उपायुक्त ने स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले सभी ‘रक्तवीरों’ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने उनके मानवीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनके प्रयासों से अनेक लोगों को नया जीवन मिलता है।

एकदिवसीय रक्तदान शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया, जिसे जिले में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन ने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए आदिवासी उरांव समाज संघ के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, रक्तदाताओं तथा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

