चक्रधरपुर | जिले में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल परिसर में चौथे रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में सरकारी शिक्षकों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा शहर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर के दौरान कुल 52 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।

शिविर में उपस्थित रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अंशुमन शर्मा ने कहा कि जिले में रक्त की कमी को दूर करने के लिए समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनुमंडल अस्पताल में आयोजित यह चौथा रक्तदान शिविर है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध कराना है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि रक्तदान को लेकर समाज में आज भी कई प्रकार की भ्रांतियां और गलत धारणाएं व्याप्त हैं, जबकि चिकित्सकीय दृष्टि से रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने लोगों से मानवता के इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव का श्रेष्ठ उदाहरण भी है।

शिविर में प्रखंड, अंचल एवं अनुमंडल अस्पताल के कर्मचारियों के अलावा विभिन्न सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों तथा शहर के युवाओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। वहीं, मां नर्सिंग होम के 20 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।

आयोजन के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया। शिविर के सफल आयोजन पर अस्पताल प्रबंधन ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपील की।


