चाईबासा/खूंटपानी | समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रभावी उपयोग से पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड में लोगों का आयुष के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर, खूंटपानी में पदस्थापित आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. सुष्मिता हेम्ब्रम योग, आयुष परामर्श, जीवनशैली में सुधार तथा आयुष औषधियों के माध्यम से ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उनके प्रयासों से अनेक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिला है, जिससे क्षेत्र में आयुष चिकित्सा की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

इसी क्रम में खूंटपानी प्रखंड के पताहातु गांव की 51 वर्षीय श्रीमती सुखमती पूर्ति की स्वास्थ्य यात्रा आयुष चिकित्सा की प्रभावशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। वे लंबे समय से जोड़ों के दर्द और गैस की समस्या से परेशान थीं। विभिन्न स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी।

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बाद में उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, खूंटपानी में डॉ. सुष्मिता हेम्ब्रम से संपर्क किया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें आयुष चिकित्सा पद्धति के तहत आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

साथ ही जीवनशैली में सुधार और नियमित योगाभ्यास अपनाने की सलाह दी गई। उन्होंने चिकित्सकीय परामर्श का नियमित रूप से पालन किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी स्वास्थ्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

वर्तमान में श्रीमती सुखमती पूर्ति को जोड़ों के दर्द और गैस की समस्या से काफी हद तक राहत मिल चुकी है तथा वे सामान्य और स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रही हैं। उन्होंने आयुष चिकित्सा पद्धति और डॉ. सुष्मिता हेम्ब्रम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष उपचार से उन्हें काफी लाभ मिला है।

अब वे अपने गांव और आसपास के लोगों को भी आयुष चिकित्सा अपनाने, नियमित योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

खूंटपानी प्रखंड में आयुष सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि समर्पित चिकित्सकीय प्रयास, नियमित परामर्श और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से आयुष चिकित्सा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संवर्धन, रोगों की रोकथाम तथा लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

