राजनीति

पश्चिमी सिंहभूम में सड़क सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण

पश्चिमी सिंहभूम में सड़क सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण

चाईबासा : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को जिले में बन रहे ब्लैक स्पॉट्स का संयुक्त निरीक्षण किया गया। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, जिला परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण में जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल चाईबासा के सहायक अभियंता राजाराम दीवाना, पुलिस विभाग के अधिकारी और जिला सड़क सुरक्षा टीम शामिल रहे।

निरीक्षण के प्रमुख स्थल :



मुफ्फसिल थाना क्षेत्र – बादुरी गांव :


यहां लगातार हो रही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज रफ्तार पाया गया। अब तक हुई 7 दुर्घटनाओं में दोपहिया, ट्रक और अज्ञात वाहनों की संलिप्तता रही। इस क्षेत्र में रम्बल स्ट्रिप, स्पीड लिमिट संकेतक बोर्ड और NH-220 से जुड़ने वाली ग्रामीण सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने की जरूरत बताई गई। साथ ही, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने एवं सड़क सुरक्षा ग्राम समिति बनाने का सुझाव दिया गया।

सदर थाना क्षेत्र – आर.के. जैन पेट्रोल पंप से ओवरब्रिज तक का मार्ग :


इस क्षेत्र में अतिक्रमण, घनी आबादी और भारी ट्रैफिक को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माना गया। यहां अब तक 9 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें बस, दोपहिया और ट्रक शामिल रहे। बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, बस स्टैंड चौक का चौड़ीकरण, दोपहिया और भारी वाहनों पर कड़ा एन्फोर्समेंट तथा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की जरूरत पर जोर दिया गया।


प्रशासन की कार्रवाई :

प्रशासन का कहना है कि ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके। आगे भी सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी।

चाईबासा में इंदिरा गांधी की जयंती मनाई गई

चाईबासा में इंदिरा गांधी की जयंती मनाई गई

#पश्चिमी_सिंहभूम  : चाईबासा के कांग्रेस भवन में बुधवार को भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती मनाई गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी जीवनी पर परिचर्चा की।

कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की राजनीति में पुरुष वर्चस्व को चुनौती दी। उन्होंने बैंकों और कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण किया, राजाओं के प्रिवी पर्स समाप्त किए, चीन के विरोध के बावजूद सिक्किम का भारतीय गणराज्य में विलय कराया और पाकिस्तान से टुकड़े कर बांग्लादेश का निर्माण किया। इसके अलावा, उन्होंने शिमला समझौते के जरिए कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण रोका और भारत का पहला परमाणु परीक्षण कर देश को गौरवान्वित किया।

कांग्रेसजनों ने कहा कि वर्तमान समय में देश को एकजुट रखने और वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत दिखाने के लिए इंदिरा गांधी के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उनके तेज निर्णय और आक्रामक नेतृत्व के कारण उन्हें ‘आयरन लेडी’ की उपाधि मिली। उनकी विरासत लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

इस अवसर पर कांग्रेस जिला सचिव जानवी कुदादा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, शिक्षा विभाग चेयरमैन पुरुषोत्तम दास पान, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष राधा मोहन बनर्जी, प्रखंड उपाध्यक्ष महीप कुदादा मुनी बारी , नितिमा अंगरिया , सुनिता अल्डा , जेमा बोदरा , सोमबारी बोयपाई , दशमाती हेम्ब्रम , सुनीता पाड़ेया , सरोज पुरती , दयमंती पिंगुवा , पानो देवगम , कमला लागुरी , विरंग कुई , सरिता केराई , विजय लक्ष्मी तिरिया , कमला लागुरी , मनीषा तियू और अन्य कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

चाईबासा में सड़क सुरक्षा की मांग ने लिया विवाद का रूप, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से कई परिवार टूटे

चाईबासा में सड़क सुरक्षा की मांग ने लिया विवाद का रूप, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से कई परिवार टूटे

पश्चिमी_सिंहभूम : चाईबासा में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने ‘नो एंट्री’ लागू करने की मांग सरकार से की थी, लेकिन यह मांग अब गंभीर विवाद में बदल गई है। आरोप है कि सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उठाने के बाद पुलिस ने आधी रात में कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया तथा उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार अब तक लगभग डेढ़ दर्जन लोग जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि 75 नामजद और 500 अज्ञात लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

इस कार्रवाई का सबसे दर्दनाक प्रभाव उन परिवारों पर पड़ा है जिनके माता-पिता जेल में बंद हैं। कुछ ऐसे बच्चे सामने आए हैं जिनके पिता महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं और मां पिछले महीने से जेल में बंद हैं। इन बच्चों को माता-पिता के जीवित होने के बावजूद पड़ोसियों के सहारे “अनाथों” की तरह जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है। उनके चेहरों पर मायूसी और आंखों में दर्द साफ झलक रहा है।

इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठाई गई है। फेसबुक पोस्ट के माध्यम से चंपाई सोरेन ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा की मांग करना अपराध नहीं, बल्कि नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन इसके बदले लोगों को दमनकारी कार्रवाई झेलनी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड में आदिवासियों पर अत्याचार, जमीन कब्जाने के प्रयास और जन आंदोलनों को कुचलने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि वीर शहीदों के वंशजों तक को सम्मान नहीं दिया जा रहा और सत्ता के नशे में कुछ लोग इन परिवारों को पीड़ा पहुंचा रहे हैं।

सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से सवाल किया है कि सड़क सुरक्षा की मांग करने वालों को अपराधी क्यों माना जा रहा है और इन बेसहारा बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा? इस मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज

पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज

राँची : झारखंड हाईकोर्ट के चर्चित अधिवक्ता राजीव कुमार ने राजधानी रांची के डोरंडा थाने में झारखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने डीजीपी तथा उनके सहयोगियों पर आपराधिक और भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाया है और सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। राजीव कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई झारखंड और देशहित में अत्यंत आवश्यक है।




संगठित अपराध और उगाही के आरोप

शिकायत के अनुसार, पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा और अन्य अपराधियों के साथ मिलकर ‘कोयलांचल शांति समिति (KSS)’ नामक आपराधिक संगठन का गठन किया। आरोप यह भी है कि गुप्ता ने डीजीपी पद पर रहते हुए इस संगठन का संचालन किया और कोयला व्यवसायियों, ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डॉक्टरों व बिजनेसमैन से करोड़ों रुपये की अवैध उगाही की।




सुरक्षा को लेकर गंभीर खुलासे

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयलांचल शांति समिति को पाकिस्तान से हथियार उपलब्ध कराए गए थे और अनुराग गुप्ता ने एक अपराधी के इशारे पर जेल में बंद अपराधी अमन साहू की कथित मुठभेड़ करवाई थी। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है।




पद का दुरुपयोग और फर्जी एफआईआर का आरोप

राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि डीजी, एसीबी और सीआईडी के पद पर रहते हुए गुप्ता ने अपने चहेते अफसरों – डीएसपी मोहम्मद परवेज आलम, मोहम्मद नेहाल और अनिमेष नाथानी की मदद से विरोधियों के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज करवाई और सरकारी अफसरों व इंजीनियरों से भी उगाही की।

इस कथित भ्रष्टाचार में एसीबी और सीआईडी के कई कर्मियों के शामिल होने का भी जिक्र है, जिनमें अमर कुमार पांडेय, गणेश प्रसाद (इंस्पेक्टर), अनुज महतो, चंदन कुमार, प्रभात दुबे, बीरेंद्र कुमार महतो, दीपक मेहता, महादेव महतो और रंजीत राणा (सिपाही) शामिल हैं।

झारखंड हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन और पुलिस थानों पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

झारखंड हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन और पुलिस थानों पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

रांची : झारखंड हाईकोर्ट में आज जेल व्यवस्था और राज्य के थानों को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में शराब व जीएसटी घोटाले के आरोपियों द्वारा डांस करते हुए वीडियो वायरल होने पर स्वतः संज्ञान लिया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को दो दिनों के भीतर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में नियमित जेल अधीक्षक नियुक्त करने का मौखिक आदेश दिया। साथ ही गृह विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जेल में किसी भी प्रकार के मोबाइल फोन, चार्जर या नशे का सामान न जाए। इसके अलावा, झालसा एवं पुलिस प्रशासन को समय-समय पर जेल का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी।

दूसरी ओर, झारखंड हाईकोर्ट ने प्रॉपर्टी रिएल्टी प्राइवेट लिमिटेड, शौभिक बनर्जी एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 5 जनवरी तक झारखंड के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश पर आज मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और आईटी सचिव हाईकोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए।

याचिका में आरोप लगाया गया कि चेक बाउंस मामले में बेल लेने धनबाद आए शौभिक बनर्जी को धनबाद पुलिस ने दो दिनों तक थाना में अवैध रूप से बैठाए रखा और दबाव बनाकर दूसरे पक्ष की मदद की। यह पूरा घटनाक्रम बैंक मोड़ थाने में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ था। हाईकोर्ट द्वारा रिकॉर्ड मांगे जाने पर पुलिस ने केवल दो दिनों का बैकअप उपलब्ध होने की बात कही। इस पर अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए शीर्ष पुलिस अधिकारियों को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था।

जल मीनार का विधायक दशरथ गागराई ने किया उद्घाटन

जल मीनार का विधायक दशरथ गागराई ने किया उद्घाटन

सरायकेला_खरसावाँ : गम्हारिया प्रखंड के ग्राम दुगनी, बड़ामथान में खरसावां विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री दशरथ गागराई ने अपने निजी फंड से निर्मित जल मीनार का मंगलवार को विधिवत उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय सदस्य सुधीर महतो, विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप, सरायकेला प्रखंड उप प्रमुख बासुदेव महतो, जिला उपाध्यक्ष संजय प्रधान, गम्हारिया प्रखंड विधायक प्रतिनिधि पंकज प्रधान, गम्हारिया प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश महतो, सरायकेला प्रखंड अध्यक्ष भगत महतो, खरसावां प्रखंड अध्यक्ष अरुण जामुदा, लक्ष्मण महतो, मनसा टुडू, शैलेन्द्र महतो सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

जल मीनार निर्माण से ग्रामवासियों को पेयजल सुविधा में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मानकी मुण्डा संघ कोल्हान पोड़ाहाट समिति में पुनर्गठन अटका – आपात बैठक की जरूरत पर महासचिव चंदन होनहागा का बयान

मानकी मुण्डा संघ कोल्हान पोड़ाहाट समिति में पुनर्गठन अटका – आपात बैठक की जरूरत पर महासचिव चंदन होनहागा का बयान

पश्चिमी सिंहभूम : कोल्हान पोड़ाहाट क्षेत्र के सभी मानकी मुण्डा एवं डाकुवा समुदाय से संवाद करते हुए, मानकी मुण्डा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केन्द्रीय समिति पश्चिमी सिंहभूम झारखंड के महासचिव चंदन होनहागा ने समिति के पुनर्गठन में आ रही परेशानियों पर चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने बताया कि नवंबर माह की मासिक बैठक में उपस्थिति अत्यंत कम रही, जिसके कारण पुनर्गठन की तिथि तय करना संभव नहीं हो पाया। साथ ही पिछले तीन वर्षों से केंद्रीय कोषाध्यक्ष की ओर से हिसाब-किताब प्रस्तुत न किए जाने को भी एक बड़ी समस्या बताया।

महासचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि समूचे मानकी मुण्डा एवं डाकुवा समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर पुनर्गठन हो जाता, तो कई नये चेहरे समिति में आते और काम को मजबूती मिलती।

आपातकालीन बैठक की जरूरत

चंदन होनहागा ने सुझाव दिया कि नवंबर माह में ही एक आपातकालीन बैठक आयोजित कर समाधान निकाला जाना चाहिए, अन्यथा स्थिति लगातार बिगड़ती जाएगी।

न्याय पंच को लेकर गंभीर टिप्पणी

समिति से जुड़े मानकी मुण्डा न्याय पंच को लेकर भी उन्होंने गंभीर टिप्पणियां कीं। उनका कहना है कि न्याय पंच समिति का ही हिस्सा होते हुए भी कई कार्यकर्ता स्वयं को अलग समझ रहे हैं, जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।

महासचिव ने विधि सलाहकार श्री महेंद्र दोराईबुरू पर अत्यधिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा कि

> “उन्हें अपने दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए और न्याय पंच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसी वजह से कई मानकी मुण्डा एवं डाकुवाओं को परेशानी हो रही है।”



उन्होंने मांग की कि —

1) वे बिना का मानकी मुण्डा न्याय के कार्यालय में भी न प्रवेश करें।


2. उन्हें एवं उनकी धर्म पत्नी को सलाहकार समिति से हटाया जाए, क्योंकि वे समिति की स्वीकृति से नहीं बल्कि स्वयं नियुक्त हुए हैं।



महासचिव ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ, उनके क्लाइंट के माध्यम से उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम व विधानसभा सचिवालय, रांची में भारी आरोप पत्र भेजा गया है, जो समिति की मर्यादा के विरुद्ध है।

अंत में उन्होंने कहा—
“अब आप ही सोचिए, ऐसे सलाहकार को समिति में जगह कैसे दी जा सकती है?”

और सभी सदस्यों को हार्दिक जोहार प्रेषित किया।

मानगो में नाली व जलजमाव समस्या पर कार्रवाई की पहल

मानगो में नाली व जलजमाव समस्या पर कार्रवाई की पहल

जमशेदपुर : मानगो क्षेत्र में लगातार बढ़ती नाली और जलजमाव की समस्या को लेकर आज़ाद समाज पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद फ़ैयाज़ आलम और राशिद खान ने सोमवार को पहल की। दोनों नेता मानगो नगर निगम कार्यालय पहुँचकर सिटी मैनेजर निशांत कुमार से मिले और ओल्ड पुरुलिया रोड नंबर 3, सिबतैन मस्जिद के पास बह रही नाली के पानी की समस्या पर चर्चा की।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाली क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे आवाजाही में दिक्कत होती है। दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। दुर्गंध और गंदगी से स्वास्थ्य खतरे भी बढ़ रहे हैं।

नेताओं ने नगर निगम अधिकारियों से नाली का पुनर्निर्माण करने और उसमें मजबूत स्लैब लगाने की मांग की, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

सिटी मैनेजर निशांत कुमार ने आश्वासन दिया कि समस्या को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे।

स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि निगम की कार्रवाई से उनकी लंबे समय से चल रही परेशानी दूर होगी। इसे क्षेत्र में स्वच्छता और जनसुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरदार पटेल जयंती पर भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस, मंगलवार को चाईबासा में यूनिटी मार्च

सरदार पटेल जयंती पर भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस, मंगलवार को चाईबासा में यूनिटी मार्च

चाईबासा : सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी, पश्चिमी सिंहभूम ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, जिला अध्यक्ष संजय पांडे, प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कूवर गागराई, पूर्व विधायक जवाहरलाल बांनरा और गुरु चरण नायक सहित कई नेता उपस्थित थे।

सांसद आदित्य साहू ने बताया कि सरदार पटेल की स्मृति में मंगलवार को चाईबासा में यूनिटी मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च सुबह 8 बजे पुरानी डीसी ऑफिस के पास स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा स्थल से शुरू होगा। उन्होंने शहरवासियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अधिक संख्या में शामिल होकर एकता के संदेश को मजबूत करने की अपील की।

आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल के योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया सम्मान मिला है। उन्होंने बताया कि विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—देश की ओर से सरदार पटेल को दी गई सर्वोच्च श्रद्धांजलि है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए प्रशासनिक सुधार, सीमाओं की सुरक्षा और सहकारी संघवाद को मजबूत कर रही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एकजुट कर आधुनिक भारत की नींव रखी। आज भाजपा सरकार उसी संकल्प के साथ देश को मजबूत, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए कार्य कर रही है।

अंत में, नेताओं ने सभी नागरिकों से यूनिटी मार्च में शामिल होकर सरदार पटेल को सामूहिक श्रद्धांजलि देने की अपील की।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए कड़े कदमों का निर्देश

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए कड़े कदमों का निर्देश

चाईबासा : जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक, तीनों अनुमंडलों के पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक की शुरुआत जिला परिवहन पदाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं के विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करते हुए की। उन्होंने पिछले वर्षों के हादसों व मृतकों की संख्या, वर्ष 2024-25 के तुलनात्मक डेटा, जिले में चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों, नियम उल्लंघन पर की गई कार्रवाई और सड़क निर्माण विभाग के सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी दी।

दुर्घटना की समीक्षा के बाद उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर बार-बार हादसे हो रहे हैं, वहां राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधार तुरंत सुनिश्चित करें। सड़क मरम्मत, चौड़ीकरण, संकेत बोर्ड और रोड मार्किंग जैसे कार्य जल्द पूरा करने का आदेश दिया गया। साथ ही अगली बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय थाना और अंचल अधिकारियों को विशेष बैठक कराने के निर्देश दिए। चाईबासा शहर में टोटो चालकों से जुड़ी समस्याओं पर उन्होंने नगरपालिका और परिवहन विभाग को सभी चालकों के साथ बैठक कर उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और नाबालिग, बिना लाइसेंस व बिना पंजीकरण वाले वाहनों पर सख्त अभियान चलाने को कहा।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दिसंबर में पिकनिक सीजन के दौरान पिकनिक स्थलों पर वाहनों की सघन जांच की जाएगी। अधिकांश दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार से चल रहे दोपहिया वाहन शामिल होने की बात सामने आई है। इसलिए नियमित जांच, हेलमेट की अनिवार्यता और गति नियंत्रण पर सख्ती के निर्देश सभी थानों को दिए गए हैं। ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि प्रदीप अग्रवाल ने सिंघपोखरिया क्षेत्र में हादसों में बढ़ोतरी की बात कही। इस पर उपायुक्त ने तत्काल उस क्षेत्र का निरीक्षण कर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य राजा राम गुप्ता ने एम्बुलेंस सेवाओं को बेहतर करने की मांग की, जिस पर उपायुक्त ने सभी उपलब्ध एम्बुलेंस के संपर्क नंबर सार्वजनिक करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया।

बैठक में यह सहमति बनी कि जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और सड़क निर्माण एजेंसियां मिलकर काम करेंगी, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।