कोल्हान

गणतंत्र दिवस पर नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य ने नगरवासियों को दी शुभकामनाएं, संविधान और कर्तव्यों के पालन का किया आह्वान

गणतंत्र दिवस पर नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य ने नगरवासियों को दी शुभकामनाएं, संविधान और कर्तव्यों के पालन का किया आह्वान

सरायकेला : गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरायकेला नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य ने नगरवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, समानता और लोकतंत्र के मूल्यों का प्रतीक है। यह दिवस हमें एक सशक्त और समावेशी भारत के निर्माण की प्रेरणा देता है।

शंभू आचार्य ने नगरवासियों से देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए ईमानदारी से योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान का सम्मान करना और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है।

चाईबासा पुलिस केंद्र में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह, मंत्री दीपक बिरुवा ने फहराया तिरंगा

चाईबासा पुलिस केंद्र में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह, मंत्री दीपक बिरुवा ने फहराया तिरंगा

चाईबासा : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत पुलिस केंद्र, चाईबासा में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में झारखंड राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री श्री दीपक बिरुवा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

निर्धारित समय पर सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक श्री अमित रेनू, जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री चंदन कुमार एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक कोल्हान (सिंहभूम) श्री अनुरंजन किस्पोट्टा समारोह स्थल पर पहुंचे। इसके पश्चात मुख्य अतिथि मंत्री श्री दीपक बिरुवा का आगमन हुआ। अतिथियों ने पुलिस केंद्र स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया। इसके बाद मुख्य अतिथि के नेतृत्व में परेड का निरीक्षण किया गया तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। मंत्री श्री बिरुवा ने मंच से जिला वासियों को संबोधित भी किया।

मुख्य समारोह में कुल 10 प्लाटून एवं बैंड पार्टी द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग विषयों पर आधारित 17 मनमोहक झांकियां प्रदर्शित की गईं। मार्च पास्ट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एनसीसी टाटा कॉलेज, द्वितीय स्थान सहायक महिला पुलिस बल तथा तृतीय स्थान केंद्रीय रिजर्व बल को मिला। वहीं झांकी प्रतियोगिता में समाज कल्याण विभाग को प्रथम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को द्वितीय तथा स्वास्थ्य विभाग को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा देश की रक्षा में ऑपरेशन पराक्रम के अंतर्गत शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को “वीर नारी” के रूप में सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने वाले, सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले, स्वच्छ आंगनबाड़ी केंद्र, स्वच्छ थाना एवं परिसर, दुर्गम क्षेत्रों में टीकाकरण कार्य तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पारलपोसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, सांसद जोबा माझी ने किया ध्वजारोहण

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पारलपोसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, सांसद जोबा माझी ने किया ध्वजारोहण

सरायकेला : सरायकेला प्रखंड के पारलपोसी स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी शामिल हुईं। उन्होंने विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अपने संबोधन में सांसद जोबा माझी ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था, जिससे देश एक संप्रभु गणराज्य बना। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के योगदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने देश की एकता, अखंडता और संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में समाजसेवी कालीपद सोरेन, झामुमो नेता जॉनी हाजरा सहित शिक्षक ज्ञानेंद्र कुमार, अनिल कुमार, देवेंद्र प्रसाद वर्मा, सिद्धांत प्रताप सिंह, नीलम कुमारी, अर्चना यादव, रतना माला एवं विद्यालय के बच्चे उपस्थित थे।

सरायकेला-खरसावां में गणतंत्र दिवस पर विधिक जागरूकता एवं जेल अदालत का आयोजन

सरायकेला-खरसावां में गणतंत्र दिवस पर विधिक जागरूकता एवं जेल अदालत का आयोजन

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गरिमामय एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सिविल कोर्ट परिसर तथा मंडलीय कारागार में ध्वजारोहण, जेल अदालत, चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत सिविल कोर्ट परिसर, सरायकेला-खरसावां में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) श्री रामाशंकर सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इस दौरान अन्य न्यायिक पदाधिकारी एवं जिला बार एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे।
इसके पश्चात झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, श्री रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन तथा श्रीमती अनामिका किस्कू, सचिव डीएलएसए (प्रभारी) के पर्यवेक्षण में मंडलीय कारागार, सरायकेला में जेल अदालत-सह-चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जेल अदालत में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती लूसी सोसेन टिग्गा, एसडीजेएम श्री आशीष अग्रवाल, सचिव डीएलएसए, सहायक लोक अभियोजक तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसडीजेएम श्री आशीष अग्रवाल ने बंदियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संविधान के महत्व एवं नागरिक कर्तव्यों पर प्रकाश डाला।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बंदियों से संवाद कर उनकी विधिक सहायता से संबंधित जानकारी ली। कार्यक्रम की मेजबानी जेल अधीक्षक द्वारा की गई। इस दौरान जेल में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं एवं स्वच्छता कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बंदियों को सम्मानित किया गया।
जेल अदालत में कुल छह मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से चार बंदियों को रिहा किया गया। इसके बाद न्यायिक पदाधिकारियों ने महिला वार्ड का निरीक्षण किया तथा महिला बंदियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों की सराहना की।
सचिव डीएलएसए श्रीमती अनामिका किस्कू ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही नालसा एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार नालसा वीर परिवार सहायता योजना 2025 के तहत प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
यह आयोजन संविधान के मूल्यों, न्याय एवं सामाजिक सुधार के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चक्रधरपुर में भीषण सड़क हादसा, पांच युवकों की मौत

चक्रधरपुर में भीषण सड़क हादसा, पांच युवकों की मौत

चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना बंदगांव प्रखंड के कराईकेला थाना क्षेत्र में हुई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, जिसके कारण उनके परिजनों को सूचना नहीं दी जा पाई है। मृतकों में से चार शव चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल के शवगृह में रखे गए हैं, जबकि एक शव रेलवे अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।
पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को युवकों के बारे में कोई जानकारी हो तो पुलिस को सूचित करें।

सम्मान समारोह में प्रोटोकॉल को लेकर विवाद, झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने जताई आपत्ति

सम्मान समारोह में प्रोटोकॉल को लेकर विवाद, झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने जताई आपत्ति

जगन्नाथपुर : चाईबासा सदर अनुमंडल स्थित मांगीलाल रूंगटा भवन में आयोजित झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समारोह के दौरान एक विवाद सामने आया है। कार्यक्रम में झामुमो जिला प्रवक्ता सह झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के मीडिया प्रभारी बुधराम लागुरी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा था। इसी दौरान एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पीछे से शॉल ओढ़ाए जाने को लेकर मोर्चा ने गंभीर आपत्ति जताई है।
झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने इस घटना को आंदोलनकारियों का अपमान बताया है। मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी मंजीत कोड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस मामले को लेकर आगामी फरवरी माह में होने वाली मोर्चा की बैठक में विरोध प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

कोल्हान ब्ह रुमुल एवं सांस्कृतिक यात्रा को लेकर आयोजन समिति की बैठक, 15 मार्च को होगा आयोजन

कोल्हान ब्ह रुमुल एवं सांस्कृतिक यात्रा को लेकर आयोजन समिति की बैठक, 15 मार्च को होगा आयोजन

चाईबासा : कोल्हान ब्ह रुमुल आयोजन समिति द्वारा आज 25 जनवरी 2026 को चाईबासा के प्रकृति व्याख्या केंद्र के सामने स्थित खुंटकट्टी मैदान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी कोल्हान ब्ह रुमुल एवं सांस्कृतिक यात्रा के सफल आयोजन को लेकर समिति का पुनर्गठन किया गया तथा कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में कोल्हान क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों एवं हो समुदाय के लोगों से एकजुट होकर आयोजन में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से समिति के पदाधिकारियों का चयन किया गया, जिसमें संजय सारील देवगम को अध्यक्ष, क्रांति तिरिया को उपाध्यक्ष, रेयांस सामड को सचिव सह मीडिया प्रभारी, साधु हो को कार्यक्रम प्रबंधक सह मीडिया प्रभारी, सत्यजीत सुंडी को कोषाध्यक्ष, विकास उगुरसंडी एवं बुरु हो को सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर, बबलू बानरा को संरक्षक तथा प्रकाश पूरती, सन्नी, संदीप देवगम एवं मधुसूदन बानरा को सलाहकार समिति में शामिल किया गया।
समिति ने निर्णय लिया कि इस वर्ष कोल्हान ब्ह रुमुल एवं सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन 15 मार्च 2026 को किया जाएगा। यह आयोजन आदिवासी हो समाज के प्रमुख एवं पवित्र पर्व ब्ह पर्व के साथ मनाया जाएगा, जो प्रकृति पूजा, फूलों की अर्पणा, सामूहिक नृत्य एवं लोक संस्कृति का प्रतीक है। आयोजन को इस वर्ष और अधिक गरिमामय, परंपरागत एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है।
कोल्हान ब्ह रुमुल एक सामूहिक उत्सव है, जो कोल्हान क्षेत्र के हो आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, लोकनृत्य, संगीत और सामाजिक एकता को दर्शाता है। आयोजन समिति ने सभी कोल्हानवासियों, हो समाज के लोगों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस सांस्कृतिक यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लें और आयोजन को सफल बनाएं।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सरायकेला सिविल कोर्ट परिसर में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सरायकेला सिविल कोर्ट परिसर में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित

सरायकेला : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार तथा रमाशंकर सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार 25 जनवरी को सरायकेला सिविल कोर्ट परिसर में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना एवं मतदान के महत्व के प्रति जन-जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों एवं पैरा लीगल वालंटियर्स ने सामूहिक रूप से मतदान संबंधी शपथ ली।
समारोह में बिरेश कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, बी.के. पाण्डेय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I, दीपक मलिक, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-II, लूसी सोसेन टिग्गा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अनामिका किस्कू, सिविल जज (वरीय वर्ग)-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (प्रभारी), आशीष अग्रवाल, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी-सह-प्रिन्सिपल मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड एवं धृति धैर्य, अपर सिविल जज (कनिष्ठ वर्ग) उपस्थित रहे।
इसके अलावा सिविल कोर्ट, सरायकेला के वर्ग-III एवं वर्ग-IV कर्मचारी तथा पैरा लीगल वालंटियर्स भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने संविधान के प्रति निष्ठा रखते हुए निष्पक्ष एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी शपथ ग्रहण समारोह एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता को मतदान के महत्व से अवगत कराते हुए निर्भीक होकर अपने मताधिकार के प्रयोग की अपील की गई।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही लोकतंत्र सशक्त और जीवंत बनता है।

चाईबासा में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह आयोजित

चाईबासा में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह आयोजित

पश्चिमी सिंहभूम : चाईबासा जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला निर्वाचन कार्यालय के तत्वावधान में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर एकदिवसीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक (आईटीडीए), अपर उपायुक्त, उप निर्वाचन पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला नजारत उपसमाहर्ता, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोकतंत्र में पूर्ण आस्था रखते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखने, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने तथा बिना किसी प्रलोभन के निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ ली। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्रगान के साथ किया गया।

इस अवसर पर जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एवं 5 बीएलओ सुपरवाइजर को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विद्यालय स्तर पर आयोजित निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके अलावा तीन प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं को वोटर आईडी कार्ड भी सौंपे गए।

गणतंत्र दिवस पर आत्ममंथन आवश्यक: अधिकार हैं, लेकिन आमजन आज भी बुनियादी जरूरतों से वंचित:- धी. रामहरि पेरियार

गणतंत्र दिवस पर आत्ममंथन आवश्यक: अधिकार हैं, लेकिन आमजन आज भी बुनियादी जरूरतों से वंचित:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : गणतंत्र दिवस पर देशभर में उत्सव मनाया जा रहा है, लेकिन यह भी जरूरी है कि हम इस मौके पर आत्ममंथन करें कि क्या हम वास्तव में संविधान की भावना के अनुरूप एक न्यायपूर्ण और समान समाज बना पाए हैं।
एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा व विधानसभा प्रत्याशी धी. रामहरि पेरियार ने कहा कि संविधान लागू हुए 75 वर्षों बाद भी देश का बड़ा वर्ग आज तक रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों से कोसों दूर है। सवाल यह है कि जब देश गणतंत्र है, तो जनता आज भी क्यों असमानता, भुखमरी, बेरोजगारी, अन्याय और शोषण का शिकार है?
उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें समानता का अधिकार दिया, लेकिन सामाजिक और आर्थिक असमानता आज भी जमीनी सच्चाई बनी हुई है। शिक्षा का अधिकार होने के बावजूद करोड़ों बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं। स्वास्थ्य का अधिकार होने के बावजूद गरीब जनता आज भी महंगे इलाज और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था से जूझ रही है। रोजगार के अधिकार की बात होती है, लेकिन युवा वर्ग बेरोजगारी और असुरक्षा की आग में जल रहा है।
धी. रामहरि पेरियार ने यह भी कहा कि आज लोकतंत्र का स्वरूप केवल चुनाव और सत्ता तक सीमित होता जा रहा है, जबकि लोकतंत्र का असली अर्थ है, जनता का सम्मान, उनकी जरूरतों की पूर्ति और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना। जब आम नागरिक अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हो जाए, तो यह गणतंत्र के उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह केवल समारोहों तक सीमित न रहे, बल्कि संविधान की आत्मा को जमीन पर उतारे। नीतियां ऐसी हों जो सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि जनता की जिंदगी में बदलाव लाएं। गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और युवा, सभी को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिले, यही सच्चा गणतंत्र होगा।
गणतंत्र दिवस केवल झंडा फहराने का दिन नहीं है, बल्कि यह दिन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम वास्तव में एक न्यायपूर्ण, समान और मानवीय समाज की ओर बढ़ रहे हैं? अगर नहीं, तो यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम सवाल उठाएं, संघर्ष करें और संविधान में निहित मूल्यों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व, को वास्तविक जीवन में स्थापित करें।
असली गणतंत्र तभी होगा जब
संविधान सिर्फ किताब में नहीं,
बल्कि हर नागरिक की थाली, स्कूल, अस्पताल, रोजगार और सम्मान में उतरे।