कोल्हान

सरायकेला गेस्ट हाउस परिसर में दुर्गा मंदिर निर्माण का भूमि पूजन

सरायकेला गेस्ट हाउस परिसर में दुर्गा मंदिर निर्माण का भूमि पूजन

सरायकेला : सरायकेला नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत गेस्ट हाउस परिसर में सनातनी दुर्गा पूजा समिति द्वारा देवी दुर्गा मंदिर निर्माण की आधारशिला बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर रखी गई। इस अवसर पर मनोज चौधरी और अशोक मिश्रा यजमान के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पूजा विधि आचार्य अंबुज पाठक ने संपन्न कराई।
उल्लेखनीय है कि सनातनी दुर्गा पूजा समिति बीते दो वर्षों से गेस्ट हाउस क्षेत्र में गेस्ट हाउसवासियों, प्रबुद्धजनों, श्रद्धालुओं एवं जिला प्रशासन के सहयोग से भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन करती आ रही है, जिससे क्षेत्र को अलग पहचान मिली है। हाल ही में आम जनों की बैठक में उक्त स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण का निर्णय लिया गया था।
भूमि पूजन के साथ ही गेस्ट हाउस क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। समिति के सदस्यों ने बताया कि देवी दुर्गा मंदिर निर्माण का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।

आदित्यपुर में गौड़ सेवा संघ का 35वां संकल्प दिवस धूमधाम से मनाया गया

आदित्यपुर में गौड़ सेवा संघ का 35वां संकल्प दिवस धूमधाम से मनाया गया

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत आदित्यपुर के आसंगी बस्ती में शुक्रवार को गौड़ सेवा संघ का 35वां संकल्प दिवस समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गौड़ सेवा संघ के पदाधिकारियों द्वारा समाज के झंडोत्तोलन के साथ की गई। इसके बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस तथा संस्थापक स्व. देवीलाल प्रधान और स्व. चतुर्भुज बारिक के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए गए।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री सह सरायकेला विधायक चंपाई सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि मानव एक सामाजिक प्राणी है और समाज में रहकर सामाजिक कार्यों में भागीदारी निभाना जरूरी है। उन्होंने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की। चंपाई सोरेन ने कहा कि भाषा, संस्कृति और परंपरा ही हमारी पहचान है, इसलिए इसके संरक्षण को लेकर समाज को सजग रहना चाहिए। उन्होंने नशा और जुए को समाज के विकास में बाधक बताते हुए इससे दूर रहने की सलाह दी तथा महिलाओं को समाज के विकास में अहम भूमिका निभाने की अपील की। साथ ही उन्होंने गौड़ समाज के विकास और समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
विशिष्ट अतिथि गौड़ सेवा संघ स्टेयरिंग कमेटी के चेयरमैन मारकंडो महाकुड़ ने संगठन की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के सफर की जानकारी दी। गौड़ सेवा संघ के अध्यक्ष पितोवास प्रधान ने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य समाज का सर्वांगीण विकास करना है। इसके लिए गौड़ सेवा संघ द्वारा ‘गौड़ विकास रथ’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जो गौड़ बहुल गांवों में जाकर शिक्षा एवं अन्य विषयों पर लोगों को जागरूक कर रहा है।
गौड़ सेवा संघ के महासचिव भास्कर महाकुड़ ने युवाओं से लक्ष्य पर केंद्रित रहते हुए समाज से जुड़कर समाजहित में कार्य करने की अपील की।
संकल्प दिवस समारोह में कोल्हान समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए और समाज के कल्याण एवं विकास को लेकर आयोजित सामाजिक परिचर्चा में भाग लिया। इस अवसर पर समाज में उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। साथ ही मुख्य अतिथि द्वारा समाज की एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में गौड़ सेवा संघ के कोषाध्यक्ष चीनीवास प्रधान सहित भास्कर महाकुड़, मायाधर बेहरा, अशोक प्रधान, हरेकृष्ण प्रधान, मुरलीधर प्रधान, नागेश्वर प्रधान, काशीनाथ प्रधान, कृष्णा प्रधान, रंजीत प्रधान, दीपक गिरी, अश्वनी प्रधान, कलाकार गौड़, प्रमेश्वर प्रधान, हेमसागर प्रधान, अभिमन्यु गोप, प्रहलाद गोप, यशवंत प्रधान, जगन्नाथ प्रधान, मनोहर गोप, कमल महाकुड़, राजू प्रधान समेत हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।

हाथी प्रभावित गांवों में राहत सामग्री का वितरण, सुरक्षा के निर्देश जारी

हाथी प्रभावित गांवों में राहत सामग्री का वितरण, सुरक्षा के निर्देश जारी

पश्चिम सिंहभूम : मझगांव प्रखंड के बेनीसागर, घोड़ाबंदा, नयागांव, मझगांव पंचायत सहित अन्य हाथी प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों के बीच पटाखा, टॉर्च, चावल, तिरपाल सहित आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया गया।

बताया गया कि बीते 15–20 दिनों से क्षेत्र में हाथियों का आतंक बढ़ा है, जिससे जन-धन की हानि हुई है। हाथी हमले में जान गंवाने वाले परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

वन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित गांवों के आसपास टीम तैनात कर हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें और हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

प्रशासन ने कहा है कि जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समस्या के समाधान के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

चाईबासा : वार्ड संख्या 12 से फिरोज अशरफ ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में की दावेदारी

चाईबासा : वार्ड संख्या 12 से फिरोज अशरफ ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में की दावेदारी

चाईबासा : नगर परिषद चाईबासा के वार्ड संख्या 12 से कांग्रेस समर्थित वार्ड पार्षद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के इच्छुक कांग्रेस के पूर्व थाना अध्यक्ष फिरोज अशरफ ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नाम संबोधित आवेदन पत्र नगर निकाय चाईबासा के पर्यवेक्षक त्रिशानु राय को सौंपा।
फिरोज अशरफ ने आवेदन में उल्लेख किया कि वे कांग्रेस संगठन में विभिन्न पदों पर रहकर लंबे समय से पार्टी के हित में कार्य करते आ रहे हैं। सामाजिक संगठनों से जुड़े रहने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय सहभागिता के चलते उनका वार्ड के लोगों से निरंतर संपर्क बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वार्ड संख्या 12 का सर्वांगीण विकास ही उनका प्रमुख उद्देश्य है।
इस मौके पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष मो. सलीम, उपाध्यक्ष मो. एहसान सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

आदिवासी मूलनिवासी युवाओं के अपराध की ओर बढ़ने के कारणों पर गंभीर शोध की आवश्यकता:- धी. रामहरि पेरियार

आदिवासी मूलनिवासी युवाओं के अपराध की ओर बढ़ने के कारणों पर गंभीर शोध की आवश्यकता:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : मानव अधिकार परिषद, झारखंड प्रदेश महासचिव सह पूर्व लोकसभा, विधानसभा प्रत्याशी रहे धी. रामहरि पेरियार ने गुरुवार को पश्चिम सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत किरीबुरू मुठभेड़ से संबंधित प्रकाशित समाचारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर कार्रवाई हुई, उनमें अधिकांश हमारे अपने आदिवासी मूलनिवासी समाज से थे। यह स्थिति न केवल अत्यंत दुखद है, बल्कि यह पूरे समाज और शासन व्यवस्था के लिए गंभीर आत्ममंथन की मांग भी करती है।
       उन्होंने कहा कि यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है कि आखिर इतने वर्षों तक आदिवासी युवाओं को यह रास्ता क्यों चुनना पड़ा? क्या इसके पीछे बेरोजगारी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी, जल-जंगल-जमीन से बेदखली, सामाजिक उपेक्षा, राजनीतिक उपेक्षा या प्रशासनिक विफलता जैसे कारण जिम्मेदार हैं? जब विकास के अवसर सीमित होते हैं और संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण नहीं होता, तब हाशिए पर खड़ा समाज गलत रास्तों की ओर धकेला जाता है।
धी. पेरियार ने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन उससे कहीं अधिक जरूरी है उन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच करना, जिन्होंने इन युवाओं को अपराध की ओर धकेला। केवल मुठभेड़ों और दमनात्मक कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। स्थायी समाधान के लिए मूल कारणों पर आधारित गंभीर शोध, संवेदनशील नीति निर्माण और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन अनिवार्य है।
*उन्होंने सरकार और प्रशासन से निम्नलिखित ठोस मांगें रखीं*:-
1. इस पूरे मामले की सामाजिक, आर्थिक और मानवाधिकार दृष्टिकोण से स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
2. आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्थायी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका के ठोस अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
3. जल, जंगल और जमीन से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का ईमानदारी और प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए।
4. आदिवासी युवाओं के लिए विशेष पुनर्वास, कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाएं लागू की जाएं।
5. स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाया जाए, ताकि नीतियां ज़मीनी सच्चाइयों के अनुरूप बन सकें।
धी. पेरियार ने कहा कि यह केवल कुछ व्यक्तियों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और व्यवस्था की असफलताओं का आईना है। यदि समय रहते ठोस और संवेदनशील कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहराएगा। अब समय आ गया है कि गोली नहीं, समाधान की राजनीति हो, दमन नहीं, बल्कि विकास, न्याय और अधिकार की राजनीति हो।

हाट गम्हरिया वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, चार घर क्षतिग्रस्त, वन विभाग ने दिया तात्कालिक राहत

हाट गम्हरिया वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, चार घर क्षतिग्रस्त, वन विभाग ने दिया तात्कालिक राहत

चाईबासा : हाट गम्हरिया वन क्षेत्र अंतर्गत सुंडी सुरनिया एवं हेसा सुरनिया गांव में जंगली हाथियों ने चार घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।

वन विभाग की टीम द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल राहत के रूप में चावल एवं नकद राशि प्रदान की गई। साथ ही हाथियों से बचाव के लिए सुंडी सुरनिया गांव में पटाखे और मुआवजा फॉर्म वितरित किए गए। हेसा सुरनिया के रेगो साईं, लोदोबासा एवं मुंडा साईं को एक-एक पैकेट पटाखा दिया गया, जबकि सुंडी सुरनिया के बागनबासा में पटाखे के साथ मुआवजा फॉर्म उपलब्ध कराया गया।

पीड़ित धूम हेस्सा एवं उनके परिवार को भी तात्कालिक आर्थिक सहायता दी गई। इस अवसर पर वन अधिकारी शनिचर हांसदा ने सुंडी सुरनिया संयुक्त वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष वीर सिंह हेस्सा एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में 12 किलो चावल एवं ₹500 नगद प्रदान किए।

इसके अलावा हेसा सुरनिया गांव में वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को ‘हमार हाथी ऐप 2.0’ के उपयोग एवं लाभ की जानकारी दी गई। ग्रामीणों से अपील की गई कि हाथी दिखाई देने पर तुरंत ऐप के माध्यम से सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए बस सेवा की मांग

कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए बस सेवा की मांग

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय, टाटा कॉलेज, जीसी जैन कमर्स कॉलेज, महिला कॉलेज और आईटीआई कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों के छात्रों के लिए सस्ती और नियमित बस सेवा शुरू करने की मांग को लेकर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अनीष गोप और कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने गुरुवार को कुलपति की अनुपस्थिति में सहायक वीसी सेल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि प०सिंहभूम जिले के दूरदराज क्षेत्रों से प्रतिदिन लंबे सफर करके छात्र शिक्षा के लिए आते हैं। वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बस समय पर नहीं मिलने से छात्र महत्वपूर्ण कक्षाओं को मिस कर रहे हैं। निजी वाहनों और टैक्सी का खर्च भी अधिक है और देर शाम कक्षाएं खत्म होने के बाद घर लौटने में सुरक्षा का भी खतरा रहता है।
इसलिए छात्रों ने मुख्य रूटों पर विश्वविद्यालय की नियमित बस सेवा चलाने, स्टूडेंट पास के माध्यम से रियायती किराए की व्यवस्था करने और बसों का समय कक्षाओं के अनुसार निर्धारित करने की मांग की। मौके पर एनएसयूआई के जिला महासचिव आर्य प्रकाश सोय, सदस्य साहिल बिरुली, रूप सिंह बिरुली, हरिहर सावैयां और राजवीर प्रधान भी मौजूद थे।

माध्यमिक व इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

माध्यमिक व इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

सरायकेला : समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास राय, जिला कोषागर पदाधिकारी अपर्णा सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने परीक्षा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में माध्यमिक परीक्षा के लिए 42 परीक्षा केंद्रों पर 11,709 परीक्षार्थी एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए 30 परीक्षा केंद्रों पर 9,178 परीक्षार्थी शामिल होंगे। उपायुक्त ने सभी परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड द्वारा निर्धारित तिथि, समय-सारिणी एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने विधि-व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, समय पालन, परीक्षार्थियों की सुविधा, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित की जाएं।

टाटा–कांड्रा मार्ग पर सड़क हादसा, तीन लोग घायल

टाटा–कांड्रा मार्ग पर सड़क हादसा, तीन लोग घायल

सरायकेला : टाटा–कांड्रा मुख्य मार्ग पर गुरुवार को पिंडराबेड़ा के पास एक तेज रफ्तार स्कोडा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। हादसे से कुछ समय के लिए सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
दुर्घटना में एक महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत खतरे से बाहर है।
जानकारी के मुताबिक, कार में सवार सभी लोग जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र के निवासी थे और मुड़िया से मानगो की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार कांड्रा की ओर से तेज गति में आ रही थी, तभी चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया।
घटना की सूचना मिलते ही कांड्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त कार को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

चाईबासा समाहरणालय परिसर में पलाश दीदी कैफे का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

चाईबासा समाहरणालय परिसर में पलाश दीदी कैफे का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित समाहरणालय परिसर में सदर चाईबासा प्रखंड के सपना स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित नवअधिष्ठापित पलाश दीदी कैफे का विधिवत उद्घाटन डीडीसी एवं अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। दीदी कैफे के संचालन हेतु समूह को क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के माध्यम से ₹3 लाख का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
समाहरणालय परिसर में दीदी कैफे के शुरू होने से आम नागरिकों एवं कार्यालय कर्मियों को ताजा एवं गर्म भोजन, नाश्ता, चाय और स्नैक्स की सुविधा मिलेगी। डीडीसी की सक्रिय पहल से समाहरणालय में इस कैफे की स्थापना संभव हो सकी। कैफे में जिले के पारंपरिक एवं स्थानीय खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार सृजन और स्वयं सहायता समूहों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।