कोल्हान

धोलाबनी गांव में ग्राम सभा संपन्न, सर्वसम्मति से जगन्नाथ महली बने ग्राम मुंडा

धोलाबनी गांव में ग्राम सभा संपन्न, सर्वसम्मति से जगन्नाथ महली बने ग्राम मुंडा

पश्चिमी सिंहभूम : सोनुआ प्रखंड के गोलमुंडा पंचायत अंतर्गत धोलाबनी गांव में मंगलवार को ग्राम सभा का आयोजन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक वातावरण में किया गया। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से श्री जगन्नाथ महली को ग्राम मुंडा के रूप में चयनित किया।

ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि नए ग्राम मुंडा के नेतृत्व में गांव के समग्र विकास को गति मिलेगी तथा आदिवासी समाज के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के साथ सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

ग्राम मुंडा चयनित होने के बाद श्री जगन्नाथ महली ने ग्राम सभा और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को किसी पद का अधिकारी नहीं, बल्कि गांव का सेवक मानते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संविधान, पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत रहकर जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी जनहित के मुद्दों पर ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे। साथ ही ग्राम सभा को सशक्त बनाने और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

ग्राम सभा का समापन शांति, भाईचारे और एकता के संदेश के साथ हुआ। मौके पर पंचायत मुखिया संजीव कुमार कंडियांग, उप मुखिया राजू बेसरा, सहिया सोनामनी महली, जल सहिया पुनी धोबा, शिक्षक दशरथ महतो सहित कई ग्रामीण और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।

नक्सल प्रभावित चम्पावा पंचायत में 150 जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण

नक्सल प्रभावित चम्पावा पंचायत में 150 जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण

बंदगांव : नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम जंगल क्षेत्र स्थित चम्पावा पंचायत भवन में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया गया। पंचायत की मुखिया कानू तैसुन, पंचायत समिति सदस्य फुलमुनी मुंडरी एवं पंचायत सचिव पूजा कुमारी के नेतृत्व में करीब 150 गरीब और असहाय लोगों को कंबल प्रदान किए गए।
इस मौके पर मुखिया कानू तैसुन ने कहा कि पंचायत का प्रयास है कि जंगल क्षेत्र में रहने वाले वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक ही कंबल पहुंचे। उन्होंने बताया कि चम्पावा पंचायत के सभी गांव घने जंगल क्षेत्र में स्थित हैं, जहां ठंड के मौसम में अत्यधिक ठंड पड़ती है। इससे लोग बीमार हो जाते हैं और कई बार जान का खतरा भी बना रहता है। इसी को देखते हुए समय पर कंबल वितरण किया जा रहा है।
कार्यक्रम में रोजगार सेवक सुनील सरदार, एतवा बोरजो, संजय कंडिर, श्याम पूर्ति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा : कांग्रेस भवन, चाईबासा में सोमवार को कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष स्वर्गीय अशोक कुमार जैन की जयंती के अवसर पर कांग्रेसजनों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
बताया गया कि स्वर्गीय अशोक कुमार जैन ने जिला कांग्रेस कमेटी, पश्चिमी सिंहभूम में विभिन्न पदों पर रहकर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि स्वर्गीय जैन एक समाजसेवी और खेल प्रेमी थे। आम जनता और कांग्रेस पार्टी उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी नहीं भूल सकती। वे सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष मो. सलीम, एससी विभाग कोल्हान प्रभारी सूरज मुखी, युवा कांग्रेस जिला महासचिव गुलजार अंसारी, मंडल अध्यक्ष विनीत लागुरी, वरीय कांग्रेसी सुनीता सावैयां, अजय कुमार, राकेश सिंह, मो. अरसलाम सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पश्चिमी सिंहभूम: स्पॉन्सरशिप–फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक संपन्न

पश्चिमी सिंहभूम: स्पॉन्सरशिप–फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक संपन्न

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप–फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य मो. शमीम, संरक्षण अधिकारी डॉ. कृष्णा कुमार तिवारी सहित बाल गृह एवं गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण योजना के तहत स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 117 जरूरतमंद बच्चों तथा बाल देखरेख संस्थान के 3 बच्चों को फोस्टर केयर योजना के तहत 2 उपयुक्त परिवारों में बेहतर पालन-पोषण के लिए रखने की स्वीकृति दी।

उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत लाभुक बच्चों को ₹4000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कठिन परिस्थितियों में रहने वाले अधिक से अधिक बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जाए, ताकि बच्चों को बाल तस्करी, बाल श्रम और पलायन जैसे जोखिमों से बचाया जा सके।

बैठक में फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत इच्छुक परिवारों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक मिशन वात्सल्य योजना के तहत स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम में 337 बच्चों को लाभ दिया जा चुका है, जबकि फोस्टर केयर योजना के माध्यम से 14 बच्चों को परिवार आधारित देखभाल से जोड़ा गया है। उपायुक्त ने सभी लाभुक बच्चों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पश्चिमी सिंहभूम में हाथी का कहर, महिला की मौत

पश्चिमी सिंहभूम में हाथी का कहर, महिला की मौत

पश्चिमी सिंहभूम : गोईलकेरा थाना क्षेत्र में हाथी का आतंक लगातार जारी है। बिला पंचायत अंतर्गत बिला गांव के वनग्राम मिस्त्रीबेड़ा में रविवार देर रात एक दंतैल हाथी ने 50 वर्षीय महिला को कुचलकर मार डाला। मृतका की पहचान जोंगा लागुरी (50), पति चंद्र मोहन लागुरी के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, बीते कई दिनों से यह दंतैल हाथी बिला गांव और आसपास के इलाकों में घूम रहा था। रविवार रात हाथी के गांव के पास पहुंचते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागने लगे। इसी दौरान जोंगा लागुरी हाथी की चपेट में आ गई। हाथी ने महिला को पकड़कर पैरों से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

सोमवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया है और पिछले पांच दिनों में अब तक छह लोगों की जान ले चुका है, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग हाथी को आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रहा है और ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में घर से बाहर न निकलने तथा हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

सरायकेला-खरसावां: फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक जिज़ेल बुसों ईचा में स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों से हुई अवगत

सरायकेला-खरसावां: फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक जिज़ेल बुसों ईचा में स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों से हुई अवगत

सरायकेला-खरसावां : राजनगर प्रखंड स्थित ईचा गांव में सोमवार को फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक जिज़ेल बुसों का भव्य स्वागत किया गया। उनका स्वागत ईचा राजपरिवार के सदस्यों राजेश्वर सिंहदेव और छऊ गुरु तपन पटनायक ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित कर किया।
श्रीमती बुसों ने ईचा राजमहल (पैलेस) और लगभग 250 वर्ष पुराने श्री रघुनाथ मंदिर का दौरा किया। उन्होंने मंदिर की प्राचीनता और ईचा की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का निकट से अवलोकन किया। इसके अलावा, उन्हें ईचा छऊ नृत्य का प्रदर्शन देखने का अवसर भी मिला, जिसने उन्हें बेहद प्रभावित किया।
जिज़ेल बुसों ने ईचा की संस्कृति, इतिहास और मंदिर की प्राचीनता की सराहना की और राजपरिवार के आतिथ्य को अविस्मरणीय अनुभव बताया।
ईचा राजपरिवार के सदस्य राजेश्वर सिंहदेव ने कहा कि विदेशी अतिथि की यह यात्रा ईचा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने में मदद करेगी। इस दौरान राजेश्वर सिंहदेव, छऊ गुरु तपन पटनायक, बैधनाथ सिंहदेव, जितेश सिंहदेव और मलवीर सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

मानकी मुंडा संघ की आपात बैठक में झारखंड पेसा नियमावली 2025 सर्वसम्मति से खारिज

मानकी मुंडा संघ की आपात बैठक में झारखंड पेसा नियमावली 2025 सर्वसम्मति से खारिज

चाईबासा : मानकी मुंडा रेस्ट हाउस, मंगला हाट, चाईबासा में मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्रीय समिति की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष श्री गणेश पाठ पिंगुआ ने की।
बैठक में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) तथा झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 की धारा 131(1) के अंतर्गत बनाए गए झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली 2025 की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद बैठक में उपस्थित मानकी, मुंडा, डाकुवा एवं रैयतों ने सर्वसम्मति से इस नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया।
बैठक में उठाए गए प्रमुख आपत्तियाँ
पेसा अधिनियम 1996 की धारा 5 के अनुसार, अधिनियम लागू होने के एक वर्ष के भीतर नियमावली बननी थी, लेकिन झारखंड सरकार ने लगभग 29 वर्ष बाद नियमावली अधिसूचित की, जो असंवैधानिक है।
पेसा अधिनियम 1996 संसद द्वारा पारित एवं राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित है, जबकि झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 राज्य कानून है, जिसे अनुसूचित क्षेत्रों पर वरीयता नहीं दी जा सकती।
झारखंड नियमावली 2025 में ग्राम सभा की परिभाषा राज्य अधिनियम 2001 के अनुसार ली गई है, जबकि पेसा अधिनियम 1996 में ग्राम सभा को धारा 4(म)(i) से 4(म)(vii) तक विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जिनका उल्लंघन किया गया है।
नियमावली 2025 में लगभग 25 अन्य अधिनियमों व नियमों को शामिल किया गया है, जो संविधान की पाँचवीं अनुसूची के प्रावधानों के विपरीत है।
सरकार से की गई मांग
बैठक में झारखंड सरकार से मांग की गई कि पेसा अधिनियम 1996 की धारा 3, धारा 4(म) एवं धारा 5 के आलोक में अनुसूचित क्षेत्रों में उच्च स्तर पर स्वशासी परिषद तथा निचले स्तर पर ग्राम सभा की स्थापना हेतु नई अधिसूचना जारी की जाए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग
बैठक में कृष्णा सामाड, कामिल केराई, ललित सावयाँ, दलप देवगम, कृष्णा सिंकू, सुशील कुमार सिंकु, बागुन सोय, प्रभु सहाय देवगम, अर्जुन देवगम, सुभाष बारी, नसीम चाचिया, विश्वनाथ सवाइयाँ, हरे कृष्णा महापात्र, चंदन होनहगा (महासचिव) सहित कई मानकी, मुंडा, डाकुवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुरुप में गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह आयोजित, सामाजिक एकजुटता और शिक्षा पर जोर

मुरुप में गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह आयोजित, सामाजिक एकजुटता और शिक्षा पर जोर

सरायकेला : सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरुप स्थित प्रसिद्ध देवी स्थल माता ठाकुरानी दरह परिसर में रविवार को क्षेत्रीय गौड़ समाज (महालिमोरुप) की ओर से वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय गौड़ समाज एवं गौड़ सेवा संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने माता ठाकुरानी देवी की पूजा-अर्चना कर समाज और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
वनभोज के दौरान सामाजिक गतिविधियों एवं विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में आगामी 23 जनवरी को आदित्यपुर के आसंगी में आयोजित होने वाले गौड़ सेवा संघ के 35वें संकल्प दिवस को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर महिलाओं की पुरुषों के समान भागीदारी सुनिश्चित करने तथा समाज के लोगों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई।
कार्यक्रम में गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष पितोवास प्रधान ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शिक्षा और आपसी एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक चेतना से ही समाज मजबूत होगा। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर आईएएस, आईपीएस सहित अन्य उच्च पदों तक पहुंचाने का आह्वान किया। क्षेत्रीय गौड़ सेवा संघ के अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान ने भी समाज के विकास के लिए सभी को एक मंच पर आने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम को केंद्रीय उपाध्यक्ष हेमसागर प्रधान, अभिमन्यु गोप एवं नागेश्वर प्रधान ने संबोधित किया। समारोह का संचालन जिला सचिव मुरली प्रधान ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय प्रवक्ता उमाकांत प्रधान ने किया। अंत में समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से भोजन कर वनभोज का आनंद लिया।
कार्यक्रम में नागेश्वर प्रधान, परमेश्वर प्रधान, जगन्नाथ प्रधान, प्रह्लाद गोप, हेमसागर प्रधान, उमाकांत प्रधान, यशवंत प्रधान, मुरली प्रधान, पंचु प्रधान, आकाश प्रधान, सूर्य प्रधान, अर्जुन प्रधान, भैरव प्रधान, तीर्थो प्रधान, सीतानाथ प्रधान, दीनबंधु प्रधान, शैलेंद्र प्रधान, जगदीश प्रधान सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

पश्चिमी सिंहभूम में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए स्कूलों का अवकाश बढ़ाने की मांग

पश्चिमी सिंहभूम में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए स्कूलों का अवकाश बढ़ाने की मांग

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार गिरते तापमान, बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने जिला प्रशासन से सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश कुछ दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 4 जनवरी 2026 को प्रकाशित समाचारों और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार ठंड का असर और बढ़ने वाला है। जिले में न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अगले दो दिनों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे बच्चों के लिए स्कूल जाना जोखिमभरा हो गया है।

त्रिशानु राय ने कहा कि ठंड, कोहरा और शीतलहर के कारण छोटे बच्चों में सर्दी, बुखार, निमोनिया और श्वसन संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसको देखते हुए उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सरकारी और निजी सभी विद्यालयों में एक समान रूप से अवकाश बढ़ाया जाए।

भरनियां पंचायत में जल जीवन मिशन ठप, ग्रामीणों ने आंदोलन का किया ऐलान

भरनियां पंचायत में जल जीवन मिशन ठप, ग्रामीणों ने आंदोलन का किया ऐलान

चक्रधरपुर : भरनियां पंचायत में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। पंचायत के विभिन्न गांवों और टोलों में जल-नल योजना का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। रविवार को डुकरी पताडीह में आयोजित एक आम सभा में ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर आंदोलन का ऐलान किया।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता विजय सिंह सामाड ने कहा कि पंचायत के डुकरी, पताडीह, बांधासाई, गुंजा, साईतोपा, दुड़ियाम और डांगोडीह गांवों में स्थिति बेहद खराब है। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दी गई है, जबकि कई टोलों में अब तक बोरिंग का काम भी शुरू नहीं हुआ है। सरकारी कागजों में योजना संचालित दिख रही है, लेकिन हकीकत में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सड़क से लेकर विभागीय कार्यालय तक संघर्ष करने को तैयार हैं। हालांकि विजय सिंह सामाड ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले सभी ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को सौंपे जाएंगे। यदि इसके बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हर घर में पेयजल की सुविधा नहीं मिलेगी, आंदोलन जारी रहेगा।
इस आम सभा में राजेंद्र सामाड, मंगल सिंह बोदरा, रामसिंह सामाड, ब्रिज मोहन महतो, बासुदेव मुखी, नवीन सामाड, रामजीवन लोहरा, सुखराम लोहरा, हरिचरण सामाड, बेरगा सामाड, बेरगा बोदरा, सोमा गुंदुवा, दिलीप सामाड, जगाया बोदरा, रामराई बोदरा सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।