सरायकेला | आम लोगों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्चीला न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को प्रखंड कार्यालय, सरायकेला में स्थायी लोक अदालत की उपयोगिता, अधिकारिता एवं कार्यप्रणाली विषयक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देश तथा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष (प्रभारी), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सरायकेला-खरसावां श्री ब्रज किशोर पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री तौसिफ मेराज के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के सदस्य श्री रोहित कुमार मिश्रा एवं श्रीमती मालती लागुरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता श्री दिलीप कुमार शॉ, प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री अमित कुमार श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने स्थायी लोक अदालत की स्थापना के उद्देश्य, अधिकार क्षेत्र एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत स्थापित स्थायी लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शीघ्र, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह लोक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान का एक प्रभावी एवं वैकल्पिक मंच है।

वक्ताओं ने जानकारी दी कि परिवहन, डाक, दूरसंचार, जलापूर्ति, स्वच्छता, विद्युत सेवा तथा अन्य अधिसूचित लोक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवाद स्थायी लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौते के माध्यम से विवादों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन आमजन के बीच विधिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत लोक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए एक सुलभ एवं प्रभावी मंच उपलब्ध कराती है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और आम नागरिकों की न्याय तक पहुंच सुदृढ़ होती है।

मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता दिलीप कुमार शॉ ने स्थायी लोक अदालत की संरचना एवं प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक त्रिसदस्यीय निकाय है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश करते हैं तथा उनके साथ दो अन्य सदस्य भी होते हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्था नियमित रूप से बैठकें आयोजित कर विभिन्न विवादों के समाधान का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत न्यायालयों पर लंबित मामलों का भार कम करने, सौहार्दपूर्ण समझौतों को बढ़ावा देने तथा गरीब, वंचित एवं कमजोर वर्गों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और प्रतिभागियों ने इसकी सराहना की।

