पश्चिमी सिंहभूम | भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के मार्गदर्शन में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जिले में लगातार प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 53-मंझगांव विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा के नेतृत्व में हाटगम्हरिया प्रखंड कार्यालय स्थित सभागार में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान मतदाताओं से प्राप्त दावा एवं आपत्तियों के निराकरण की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक दावा एवं आपत्ति का निर्धारित प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से परीक्षण किया जाए। दावा-आपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की विधिवत जांच करते हुए पात्रता एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए आवेदन की जांच, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन, संबंधित मतदाता से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेने की प्रक्रिया से पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अवगत कराया गया।

नो-मैप्ड मतदाताओं की सुनवाई की प्रक्रिया पर भी प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नो-मैप्ड मतदाताओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने के बाद अपनाई जाने वाली सुनवाई की प्रक्रिया, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देने तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया गया कि नोटिस एवं सुनवाई की पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाए तथा प्रत्येक स्तर पर उचित अभिलेखों का संधारण सुनिश्चित किया जाए।
मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना प्राथमिकता
निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से दावा-आपत्ति तथा नो-मैप्ड मतदाताओं से जुड़े मामलों के निष्पादन में पूरी गंभीरता बरतने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा अपात्र, मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट प्रविष्टियों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिया कि मतदाताओं को पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और उन्हें अपने दावे अथवा आपत्ति के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए उचित मार्गदर्शन दिया जाए। साथ ही, किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो और सभी मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष एवं नियमसंगत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को दावा-आपत्ति के निराकरण तथा नो-मैप्ड मतदाताओं की सुनवाई से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मियों की प्रक्रिया संबंधी समझ को मजबूत करना तथा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।
मतदाताओं से सूची की जांच करने की अपील
जिला प्रशासन ने आम मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपने नाम, विवरण एवं अन्य प्रविष्टियों की जांच करें। किसी प्रकार की त्रुटि अथवा आपत्ति होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें। पात्र नागरिकों से निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में सहयोग करने की अपील की गई है।

