चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सूबे के माननीय मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग, श्री दीपक बिरुआ, सिंहभूम सांसद श्रीमती जोबा माझी, मंझगांव विधायक श्री निरल पुरती, चक्रधरपुर विधायक श्री सुखराम उरांव, जगन्नाथपुर विधायक श्री सोनाराम सिंकु तथा मनोहरपुर विधायक श्री जगत माझी ने उपायुक्त श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री अमित रेनू एवं उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार की मौजूदगी में प्रचार वाहन को रवाना किया।
यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को स्वाइन फ्लू के संक्रमण, इसके लक्षणों, बचाव के उपायों तथा संक्रमण की स्थिति में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करेगा।

इस अवसर पर कहा गया कि संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर सावधानी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रचार वाहन के माध्यम से लोगों तक सरल एवं स्पष्ट भाषा में यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों की पहचान कैसे की जाए और संक्रमण से बचाव के लिए किन सावधानियों को अपनाना आवश्यक है।
स्वाइन फ्लू क्या है?
स्वाइन फ्लू अर्थात H1N1, इन्फ्लुएंजा ए वायरस का एक प्रकार है, जो संक्रामक श्वसन संक्रमण का कारण बनता है। यह संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने, खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के माध्यम से फैल सकता है। संक्रमित सतहों को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण फैलने की संभावना रहती है।

संक्रमण की पहचान कैसे करें?
प्रचार वाहन के माध्यम से आमजन को बताया जाएगा कि तेज बुखार या ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान, भूख कम लगना, मतली या उल्टी जैसे लक्षण स्वाइन फ्लू के संकेत हो सकते हैं।
सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या करें?
आमजन को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने, नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करने तथा पौष्टिक एवं स्वस्थ भोजन लेने की सलाह दी जाएगी।
अस्वस्थ महसूस होने पर घर पर रहकर पर्याप्त आराम करने और लक्षण बने रहने या गंभीर होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की जाएगी।
क्या न करें?

स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचाव के लिए संक्रमित अथवा अस्वस्थ व्यक्तियों के निकट संपर्क से बचने, अनावश्यक रूप से हाथ मिलाने से परहेज करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने की सलाह दी जाएगी। बिना हाथ साफ किए आंख, नाक और मुंह को छूने से भी बचने का संदेश दिया जाएगा।
इसके अलावा इस्तेमाल किए गए टिश्यू का दोबारा उपयोग नहीं करने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से यथासंभव बचने तथा चिकित्सक की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करने के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

इन लोगों को विशेष सावधानी की आवश्यकता
गर्भवती महिलाओं, शिशुओं एवं छोटे बच्चों, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों तथा पुरानी बीमारियों या कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय पर लक्षणों की पहचान और चिकित्सकीय परामर्श से बीमारी के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा H1N1 से संबंधित संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से परामर्श लें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

