चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने बुधवार को तांतनगर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, कोकचो एवं प्राथमिक विद्यालय, गितिलादेर का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं तथा मध्याह्न भोजन योजना के संचालन का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत मध्य विद्यालय, कोकचो से हुई। उपायुक्त ने विभिन्न कक्षाओं का भ्रमण कर विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया तथा हिन्दी, अंग्रेजी, गणित और सामान्य ज्ञान सहित विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता एवं शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए।
उपायुक्त ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने, पुस्तकों का निरंतर अध्ययन करने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है और प्रत्येक विद्यार्थी को उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।

उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों से विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति, शैक्षणिक गतिविधियों और सीखने के परिणामों की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता के अनुरूप शिक्षण कार्य सुनिश्चित किया जाए तथा जिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है, उन्हें विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक वातावरण, नवाचार, रचनात्मकता एवं नैतिक मूल्यों के विकास पर भी विशेष बल दिया।

इसके बाद उपायुक्त ने प्राथमिक विद्यालय, गितिलादेर का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की पाकशाला का निरीक्षण कर भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, रसोईघर की स्वच्छता, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, पेयजल व्यवस्था एवं भोजन वितरण प्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मध्याह्न भोजन का स्वाद चखकर उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता, स्वाद एवं पोषण स्तर का भी आकलन किया।
उपायुक्त ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण एवं विद्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए योजना के संचालन में गुणवत्ता एवं स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति को निर्देश दिया गया कि विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बच्चों के अनुकूल बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका त्वरित निराकरण किया जाए।
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत सुविधाएं एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा, पौष्टिक मध्याह्न भोजन और सकारात्मक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समितियों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके।

