चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती गुदड़ी प्रखंड की टोमडेल पंचायत में जिला प्रशासन एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के तत्वावधान में ‘प्रोजेक्ट बदलाव’ के तहत सखी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मनोहरपुर के विधायक जगत माझी और उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं सामुदायिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं से संवाद कर महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक नेतृत्व और आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल, प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, मुखिया, प्रखंड प्रमुख, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, जिले के विभिन्न सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं वर्चुअल माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़ीं।

54 सीएलएफ में शुरू हुआ बर्तन बैंक, शेष में जल्द संचालन के निर्देश
सखी संवाद के दौरान महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक नेतृत्व और आजीविका संवर्धन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले के 75 सीएलएफ में से 54 में बर्तन बैंक का संचालन शुरू हो चुका है। शेष सीएलएफ में भी इसे शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि सामुदायिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों में महिलाओं एवं समुदाय को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक सीएलएफ में आकस्मिक कोष (इमरजेंसी फंड) के गठन पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में निक्षय मित्र के रूप में टीबी मरीजों को गोद लेने संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई।
प्रोजेक्ट बदलाव और जागृति की उपलब्धियों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान जिले में संचालित प्रोजेक्ट बदलाव एवं प्रोजेक्ट जागृति के उद्देश्यों, उपलब्धियों और भावी कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा की गई। महिलाओं को स्वास्थ्य जागरूकता, नशा उन्मूलन, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनभागीदारी, आत्मनिर्भरता तथा महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन की विभिन्न पहलों से भी अवगत कराया गया।

महिलाओं की भागीदारी के बिना विकास संभव नहीं : विधायक
अपने संबोधन में विधायक जगत माझी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से गांवों के विकास, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समग्र विकास की कल्पना संभव नहीं है और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सामुदायिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

व्यवहार परिवर्तन और नेतृत्व विकास है प्रोजेक्ट बदलाव का उद्देश्य : उपायुक्त
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और नेतृत्व के स्तर पर सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट बदलाव का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, सामुदायिक नेतृत्व और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना भी है।
उन्होंने महिलाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण, बाल विवाह की रोकथाम, शिक्षा के प्रसार और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी से जिले में विकास की नई मिसाल स्थापित की जा सकती है।

पौधारोपण, जलधारा अभियान और भस्मक का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान पंचायत सचिवालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से पौधारोपण किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार संचालित जलधारा अभियान के तहत पानी के टैंकर को रवाना किया गया, जिससे पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में जलापूर्ति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में स्थापित भस्मक (इंसिनरेटर) का उद्घाटन भी किया गया, जिसे स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
नशामुक्त जिला बनाने और पल्स पोलियो अभियान में सहयोग का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जेएसएलपीएस कर्मियों तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने पश्चिमी सिंहभूम को नशामुक्त जिला बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही 28 जून से शुरू होने वाले पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता फैलाने की शपथ भी ली।

