चाईबासा | मलेरिया रोधी माह जून-2026 के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चला रहे हैं। उपायुक्त मनीष कुमार के मार्गदर्शन में मलेरिया की रोकथाम, समय पर जांच, प्रभावी उपचार और जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत आने वाले 255 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 1,169 गांवों में कुल 1,51,156 घरों में दो चरणों में कीटनाशी छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के तहत अब तक 405 गांवों के 24,349 घरों में सफलतापूर्वक कीटनाशी का छिड़काव किया जा चुका है।

मिशन UDAY के तहत संचालित “प्रोजेक्ट जागृति” के अंतर्गत जिलेभर में सक्रिय रोगी खोज अभियान चलाया गया। इस अभियान में मलेरिया से संक्रमित 579 मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया।

इसके अलावा, 20 से 30 जून तक संचालित “मिशन मलेरिया उलगुलान” के तहत 16 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 86 गांवों में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 814 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 46 व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी संक्रमित मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है।

मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिलेभर में जागरूकता रथ, माइकिंग, रैलियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, पुस्तिका वितरण, हाट-बाजारों में प्रचार-प्रसार, विद्यालयों में कार्यशालाएं तथा ग्राम सभाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस पिकेट, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ कैंपों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बुखार होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं, चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार पूरा उपचार लें, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें तथा घर और आसपास जलजमाव न होने दें, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।


