चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय परिसर स्थित राजस्व शाखा का उपायुक्त मनीष कुमार ने शुक्रवार को विस्तृत निरीक्षण कर शाखा में संचालित विभिन्न कार्यों, अभिलेखों और कार्यालयीन प्रक्रियाओं की समीक्षा की। इस दौरान अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा एवं प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल भी मौजूद रहीं।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने राजस्व शाखा में प्रतिनियुक्त कर्मियों के बीच कार्यों के बंटवारे, विभिन्न टेबलों के माध्यम से संपादित कार्यों की प्रगति, संधारित पंजीयों, अभिलेखों तथा कार्यालयीन प्रक्रियाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने शाखा में कार्यरत कर्मियों की संख्या, उपस्थिति, कार्य निष्पादन की स्थिति और लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए शाखा की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली।

इसके बाद उपायुक्त ने राजस्व शाखा के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ बैठक कर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राजस्व संग्रहण की अद्यतन स्थिति का आकलन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने का निर्देश दिया। साथ ही विभिन्न अंचलों में आयोजित राजस्व शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए इन शिविरों को अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने पर जोर दिया।

उपायुक्त ने आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्रों के निर्गमन की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र आवेदकों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पंजी-2 सुधार से संबंधित प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की तथा लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा।

इसके अलावा भू-लगान वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने और राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग आमजन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों से प्राप्त आवेदनों का अनावश्यक विलंब किए बिना गुणवत्तापूर्ण निष्पादन किया जाए तथा कार्यालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सहज और सकारात्मक प्रशासनिक अनुभव मिले।

आपदा प्रबंधन से संबंधित अभिलेखों और मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राकृतिक आपदाओं अथवा अन्य आपदा जनित घटनाओं से प्रभावित लोगों के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत एवं सहायता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए पीड़ितों तक यथाशीघ्र राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रतिवेदनों, अभिलेखों और लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण भाव से करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यकुशलता और जनसेवा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी शाखाओं के कार्यों की नियमित समीक्षा और निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।

