सरायकेला | जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नीतीश कुमार सिंह ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी भी मौजूद रहीं।

बैठक में अवैध खनन की रोकथाम, खनिज परिवहन की निगरानी तथा संबंधित नियमावली के अनुपालन की समीक्षा की गई। जिला खनन पदाधिकारी ने झारखंड मिनरल्स (अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन निवारण) नियमावली तथा झारखंड माइनर मिनरल कन्सेशन (जेएमएमसी) नियमावली में किए गए संशोधनों की जानकारी दी। इस पर उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित नियमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के खनन पट्टा क्षेत्रों एवं ईंट भट्टों का मैपिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। उपायुक्त ने स्टोन क्रशर इकाइयों और डीलर लाइसेंसधारियों को भी मैपिंग प्रक्रिया में शामिल करने तथा प्रखंडवार सीमांकन को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने जिन बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां शीघ्र संचालन शुरू करने के लिए ग्राम सभा की स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। साथ ही पाटा टोल प्लाजा से लंबित सीसीटीवी एवं वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शेष ईंट भट्टों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा जिला परिवहन पदाधिकारी एवं जिला खनन पदाधिकारी को खनिज परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच करने, तिरपाल से ढंकाई सुनिश्चित कराने और मासिक निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, संयुक्त छापेमारी अभियान तथा सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। साथ ही अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को विशेष रूप से अवैध बालू उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एनजीटी की प्रतिबंध अवधि के दौरान नदी तल से किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी, जिले के सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि सहित जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स के सदस्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

