चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत टाटा कॉलेज, चाईबासा के बहुउद्देशीय सभागार में सोमवार को जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुआ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सिंहभूम सांसद जोबा माझी तथा सम्मानित अतिथियों के रूप में मझगांव विधायक नीरल पूर्ति, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन एवं चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव शामिल हुए। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यशाला के दौरान जन वितरण प्रणाली एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में योगदान देने वाले आपूर्ति कार्यालय के कर्मियों, सहायक गोदाम प्रबंधकों, डोर-स्टेप डिलीवरी संवेदकों, लैम्प्स प्रतिनिधियों तथा दाल-भात केंद्र संचालिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिले के 21 मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्रों को बर्तनों का वितरण किया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले 38 जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रेशर कुकर प्रदान किए गए। इसके अलावा तीन टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया।
जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक मलेरिया जागरूकता प्रचार वाहन, एक प्रोजेक्ट आहार प्रचार वाहन तथा दो नशा मुक्ति जागरूकता वाहनों को अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
राशन विक्रेताओं की भूमिका सराहनीय : दीपक बिरुआ
मुख्य अतिथि मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि देश की आजादी के बाद से सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी राशन विक्रेताओं ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने का कार्य किया है, जिसके लिए वे प्रशंसा के पात्र हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की पहुंच गांव-गांव और प्रत्येक लाभुक परिवार तक होती है, इसलिए वे लोगों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने और मतदाता बने रहने के प्रति जागरूक करें।
मंत्री ने सभी राशन विक्रेताओं से ईमानदारी, पारदर्शिता एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार नेटवर्क संबंधी समस्याओं से अवगत है और इसके स्थायी एवं वैकल्पिक समाधान की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
पारदर्शी राशन वितरण व्यवस्था के लिए सरकार प्रतिबद्ध : जोबा माझी

सांसद जोबा माझी ने कहा कि राज्य सरकार राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राशन प्राप्त करने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं, ऐसे में जन वितरण प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा संचालित सोना-सोबरन धोती, लूंगी एवं साड़ी वितरण योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद लोगों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। सांसद ने राज्यव्यापी नशा मुक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने सड़क किनारे हड़िया बेचकर जीविकोपार्जन करने वाली महिलाओं के पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के लिए संचालित ‘फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान’ का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने हेतु जिला प्रशासन को आवश्यक पहल करने का सुझाव भी दिया।
लाभुकों के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही जरूरी
मझगांव विधायक नीरल पूर्ति ने कहा कि जन वितरण प्रणाली ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा के समान है। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में राशन विक्रेताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव ने राशन डीलरों की कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सामाजिक सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने तथा पात्र लाभुकों को समय पर उनका अधिकार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मनोहरपुर विधायक जगत माझी ने कहा कि राशन दुकानदार सरकार और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। लाभुकों का विश्वास बनाए रखना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक विक्रेता का दायित्व है। उन्होंने जन वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के अंत में जन वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं लाभुक-केंद्रित बनाने तथा झारखंड को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों से कुल 1,254 जन वितरण प्रणाली दुकानदार, 18 सहायक गोदाम प्रबंधक, 13 परिवहन अभिकर्ता तथा 22 मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र संचालिकाओं ने भाग लिया।

