चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में सुशासन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से संचालित प्रोजेक्ट प्राण के तहत पंचायत दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल की उपस्थिति में टोंटो प्रखंड अंतर्गत बामेबासा एवं नीमडीह पंचायत का भ्रमण कर विभिन्न विकास योजनाओं एवं आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। साथ ही ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली।

भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने बामेबासा पंचायत सचिवालय परिसर में स्थापित भस्मक (इंसिनरेटर) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं तथा इनके प्रभावी उपयोग से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सहायता मिलेगी।

इसके बाद उपायुक्त ने बामेबासा पंचायत क्षेत्र में लाभुक सुनील बारी द्वारा संचालित आम बागवानी परियोजना तथा मोहन बारी द्वारा किए जा रहे काजू उत्पादन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभुकों से परियोजनाओं की प्रगति, उत्पादन क्षमता एवं प्राप्त लाभ की जानकारी ली। उपायुक्त ने कृषि एवं उद्यानिकी आधारित आजीविका गतिविधियों को ग्रामीणों की आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बताते हुए अन्य किसानों को भी ऐसे कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने क्षेत्र के विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग देने के लिए पंचायत सचिवालयों में ज्ञान केंद्र स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र न होकर शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक विकास का भी केंद्र बनना चाहिए।

इस दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग की राशि से पंचायत सचिवालयों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में हैंडवॉश यूनिट, पेवर ब्लॉक एवं भस्मक जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उपायुक्त ने इन संसाधनों के समुचित उपयोग एवं नियमित रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत भवनों में गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा बुजुर्ग महिलाओं के लिए ‘मंईयां कक्ष’, बच्चों के लिए ‘ऊर्जा कक्ष’ तथा महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों को जनसुविधाओं से युक्त मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

बामेबासा एवं नीमडीह पंचायत सचिवालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करने तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने की अपील की।
उन्होंने समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ एवं विकसित समाज की आधारशिला है। इस अवसर पर दोनों पंचायतों में जिले को नशामुक्त बनाने का सामूहिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। साथ ही उपायुक्त ने प्रोजेक्ट जागृति के तहत संचालित रक्तदान अभियान में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया।

किसानों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में लैम्पस के माध्यम से 50 प्रतिशत अनुदान पर धान बीज का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इस योजना का लाभ उठाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने की अपील की।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य पंचायत भवनों को ग्रामीण विकास का सशक्त केंद्र बनाते हुए सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित मुखियाओं को स्पॉन्सरशिप योजना के प्रपत्र उपलब्ध कराने तथा अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इससे लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एकल अभिभावक वाले अथवा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को प्रति माह 4,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने एवं त्रुटियों के निराकरण की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित कराने की अपील की।
कार्यक्रम में टोंटो प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड प्रमुख, स्थानीय मुखिया, पंचायत सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

