चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के अंतर्गत कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में सोमवार को जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को खरीफ मौसम की उन्नत कृषि तकनीकों, गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, सिंहभूम सांसद जोबा माझी, मझगांव विधायक नीरल पूर्ति, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, उपायुक्त मनीष कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, चक्रधरपुर एवं सदर चाईबासा के अनुमंडल पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने कृषि जागरूकता एवं तकनीकी जानकारी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिरसा कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर किसानों को उन्नत खेती, फसल प्रबंधन, बीज उपचार, प्राकृतिक खेती तथा कृषि विभाग की योजनाओं के संबंध में जागरूक करेगा।

इसके साथ ही झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित आम बिक्री स्टॉल एवं पलाश स्टॉल का उद्घाटन भी किया गया। अतिथियों ने स्टॉलों का अवलोकन करते हुए महिला समूहों द्वारा तैयार एवं विपणन किए जा रहे उत्पादों की सराहना की तथा महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग की ओर से 19 किसानों के बीच धान बीज का वितरण किया गया। वहीं, जेएसएलपीएस से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सशक्तिकरण प्रदान करने के उद्देश्य से क्रेडिट लिंकेज के तहत डमी चेक भी वितरित किए गए। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 15 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में सांसद जोबा माझी ने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा किसानों की समृद्धि से ही गांवों का समग्र विकास संभव है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मझगांव विधायक नीरल पूर्ति ने किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, वैज्ञानिक खेती पद्धतियों तथा कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
मनोहरपुर विधायक जगत माझी ने किसानों को कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की उन्नति एवं कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग, आत्मा, जेएसएलपीएस एवं अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने तथा उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तायुक्त बीजों की समय पर उपलब्धता, किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान करना तथा कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने खरीफ फसल उत्पादन, उन्नत बीजों के उपयोग, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी किसानों को दी। किसानों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए कृषि विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का समापन किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने तथा झारखंड को नशामुक्त राज्य बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

