चक्रधरपुर | चक्रधरपुर-सोनुआ मुख्य मार्ग पर कॉन्सेप्ट पब्लिक स्कूल के समीप शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार बाइक और एक बस के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे बाइक सवार तीनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
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हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। हादसे के बाद कुछ समय तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य करा दिया गया।
चक्रधरपुर | जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभुकों को उपलब्ध कराए जा रहे टूलकिट वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं लाभुकों की वर्तमान स्थिति की भी विस्तार से जानकारी ली गई।
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बैठक के दौरान उपायुक्त ने DRP पोर्टल पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लंबित ऋण मामलों के निष्पादन में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
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समीक्षा बैठक में चिरोंजी उत्पादन इकाई की स्थापना से संबंधित कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने इलेक्ट्रिक चाक एवं पेडल मशीन प्राप्त लाभुकों की स्थिति की जानकारी लेते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लाभुकों तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने जिले के प्रत्येक प्रखंड में स्थानीय उत्पादों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य करने को कहा। इसके अलावा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) गतिविधियों के तहत जेल में बंद कैदियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना पर भी चर्चा की गई, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा सके। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर, जिला उद्योग पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सोनुवा | गुदड़ी प्रखंड के सुदूरवर्ती देवां गांव में बिरसाईत समाज का तीन दिवसीय 38वां धर्म दिवस शुक्रवार को सामूहिक प्रार्थना के साथ शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंहभूम सांसद जोबा माझी शामिल हुईं। इस अवसर पर सांसद के हाथों भगवान बिरसा मुंडा के तीसरे अवतार माने जाने वाले बिरसा आबा (रान्दो बरजो) की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
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कार्यक्रम में बताया गया कि बिरसा आबा ने क्षेत्र में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव को बढ़ावा देने का कार्य किया था। बिरसाईत समाज के लोग भगवान बिरसा मुंडा और बिरसा आबा द्वारा बताए गए सादगीपूर्ण जीवन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेते हैं। इस मौके पर धर्म संचालक बिरसा मुंडा एवं धर्म दादा रामाय मुंडा ने बिरसा आबा के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही बिरसाईत समाज एवं क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं की ओर सांसद का ध्यान आकर्षित करते हुए उनके समाधान की मांग की गई।
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समारोह को संबोधित करते हुए सांसद जोबा माझी ने कहा कि बिरसाईत समाज अहिंसा, प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है। यह समाज नशापान और अंधविश्वास से दूर रहकर प्रकृति पूजा एवं नैतिक जीवन जीने की सीख देता है। उन्होंने बिरसाईत समाज की समस्याओं के शीघ्र समाधान तथा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने का आश्वासन दिया। साथ ही समाज के लोगों से एकजुट होकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने की अपील की।
तीन दिवसीय धर्म दिवस कार्यक्रम में गुदड़ी प्रखंड के विभिन्न गांवों के अलावा बंदगांव एवं खूंटी जिले से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में धर्म दादा सुखराम मुंडा, राजेंद्र मुंडा, धर्म संचालक बिरसा मुंडा, गुदड़ी थाना प्रभारी सुदर्शन मिंज, धर्म दादा चिलगी मुंडाइन, मंगरा मुंडा, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुनील बुढ़, आकाश भेंगरा, विश्वनाथ पान, दिनेश मुंडा, रंदाय लांग, बुधु मुंडा, कैरी मुंडाइन, सोमवारी मुंडाइन, मंगरा आबा समेत बड़ी संख्या में बिरसाईत समाज के लोग उपस्थित थे।
चाईबासा | कोल्हान विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) से संबंधित दो दिवसीय बैठकों का सफलतापूर्वक समापन हुआ। पहले दिन कार्यक्रम पदाधिकारियों की वार्षिक बैठक तथा दूसरे दिन 6वीं NSS सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। दोनों बैठकों में NSS गतिविधियों को सशक्त बनाने, युवाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा समाज सेवा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। पहले दिन आयोजित वार्षिक बैठक में NSS क्षेत्रीय निदेशक, पटना विनय कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों से लगभग 40 कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता एवं कुलसचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण उपस्थित रहे।
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स्वागत भाषण में कुलसचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए NSS गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पदाधिकारी अपने-अपने महाविद्यालयों में NSS गतिविधियों को और अधिक सक्रियता के साथ संचालित करें। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने कहा कि NSS के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक कार्य एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को समाज से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कार्यक्रम पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक NSS इकाई एक गांव को गोद लेकर वहां निरंतर विकास एवं जागरूकता संबंधी कार्य करे। उन्होंने NSS के मूलमंत्र “Not Me But You” को आत्मसात करने का आह्वान भी किया। कुलपति ने आयोजन के सफल संचालन के लिए कार्यक्रम संयोजक सह NSS समन्वयक डॉ. मीनाक्षी मुंडा की सराहना की।
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वहीं, NSS क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने अपने प्रस्तुतीकरण में झारखंड के NSS विंग को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय को वार्षिक बैठक आयोजित करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि राज्य में विभिन्न चुनौतियों के बावजूद NSS युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। बैठक में Treasury Single Account (TSA) मोड के कार्यान्वयन, स्वयंसेवकों के आंकड़ों, वार्षिक कार्ययोजना, विशेष शिविरों तथा कार्यक्रम पदाधिकारियों के प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। दूसरे दिन आयोजित 6वीं NSS सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता डॉ. संजय कुमार सिंह ने की। बैठक में कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम के सचिव अजय कुमार, NSS क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार, विश्वविद्यालय एवं विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा समिति सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में NSS की गतिविधियों, युवा सहभागिता, सामाजिक जागरूकता अभियान, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास एवं विशेष शिविरों से संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी सत्र की कार्ययोजना एवं NSS को अधिक समाजोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं गैर-सरकारी संस्थाओं जैसे आदिवासी मित्र मंडल, PRADAN, ग्रामीण बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण तथा प्लान इंटरनेशनल से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक सह NSS समन्वयक डॉ. मीनाक्षी मुंडा ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत करते हुए युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने में NSS की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे पीजी भूविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. जया जैक्लिन तिर्की ने प्रस्तुत किया।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने “प्रोजेक्ट-बचपन: भविष्य की राहें” के तहत बुधवार को सदर चाईबासा परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र गितिलिपी और किरीगोट में आयोजित बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह की 14 तारीख को आयोजित किया जाता है।
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कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में मौजूद बच्चों से संवाद किया। मई माह में जन्मदिन वाले बच्चों का सामूहिक रूप से केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने कविता और कहानियां सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिस पर उपायुक्त ने उनका उत्साहवर्धन किया।
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उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य में देश के कर्णधार बनेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों के समग्र विकास और आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षण बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रों में बच्चों के लिए खुशनुमा वातावरण तैयार कर बेहतर पठन-पाठन सुनिश्चित करने हेतु लगातार नवाचार किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनसी जांच, स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य गतिविधियों का अवलोकन किया। साथ ही बच्चों के लिए तैयार भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बच्चों को केक और खीर खिलाकर उनके साथ समय बिताया।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (BOI-RSETI) द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक तथा आरसेटी निदेशक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न ट्रेडों के तहत 909 ग्रामीण युवक-युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वहीं, वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षण आधारित दो बैचों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है तथा एक बैच वर्तमान में संचालित है। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि केंद्र के बाहर संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत जिले के मंडल कारा में चार बैचों के माध्यम से फिनायल एवं पेपर कप निर्माण, मशरूम उत्पादन तथा फास्ट फूड निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे जेल से बाहर आने के बाद बंदियों को सम्मानजनक आजीविका प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
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उपायुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर जीविकोपार्जन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही जेएसएलपीएस की दीदियों की सूची तैयार की जाए। साथ ही, प्रशिक्षण सत्रों के दौरान उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए नए प्रशिक्षुओं के बीच उनके अनुभव साझा कराए जाएं, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें।
बैठक में उपायुक्त ने प्रशिक्षण केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, प्रशिक्षुओं के लिए आवासन व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकाधिक ग्रामीण क्षेत्रों के 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर देते हुए ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कंप्यूटर, सीसीटीवी इंस्टॉलेशन सहित अन्य तकनीकी कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में सिंहभूम सांसद जोबा माझी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर तथा पौधा एवं वेजिटेबल बास्केट भेंट कर स्वागत किया गया। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, बुनियादी सुविधाओं तथा जनसमस्याओं की विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद जोबा माझी ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
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समीक्षा के दौरान कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कल्याण विभाग को सामुदायिक वन पट्टा वितरण, एकलव्य विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। वहीं, वन विभाग को एलीफेंट अलर्ट सिस्टम एवं हाईमास्ट लाइट लगाने की दिशा में कार्य तेज करने को कहा गया।
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बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत सड़कों की मरम्मत, पेयजल संकट को देखते हुए चापाकलों की मरम्मत, जलमीनारों के संचालन तथा बंद पड़ी ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को पुनः चालू करने पर भी जोर दिया गया। चक्रधरपुर एवं जगन्नाथपुर में जर्जर पानी टंकियों के सुरक्षित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा पंचायत स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग, जिला परिषद की निर्माणाधीन योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने, नवोदय विद्यालय नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने, तांतनगर में फार्मेसिस्ट कॉलेज संचालन तथा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य निरीक्षण को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में मोबाइल कनेक्टिविटी, भूमिहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि उपलब्ध कराने, पशुपालन योजनाओं के लाभुकों को प्रशिक्षण देने तथा बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त मनीष कुमार ने बताया कि आपदा से संबंधित लंबित मुआवजा मामलों में कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान एवं बारिश से प्रभावित लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश से निपटने के लिए एंटीवेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में जैक बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ है तथा ब्लड बैंक लाइसेंस एवं होमगार्ड प्रशिक्षण को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में मिशन वात्सल्य योजना के तहत एकल अभिभावक वाले बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने की अपील की गई। योजना के तहत बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच आवास योजना के डमी चेक, प्रेशर कुकर, साइकिल, सामुदायिक वन पट्टा, खेल किट, स्कूल बैग, किताबें, मत्स्य विपणन किट, ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र सहित अन्य सामग्री वितरित की गई। साथ ही जैक बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। जागरूकता रथों को दिखाई गई हरी झंडी बैठक के उपरांत अतिथियों ने पोषण, जनगणना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, टीबी मुक्त भारत, एचपीवी वैक्सीनेशन, रक्तदान, पेयजल एवं स्वच्छता तथा जेएसएलपीएस के प्रोजेक्ट बदलाव से संबंधित जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समाहरणालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया। बैठक में कालीचरण मुंडा, निरल पुरती, सुखराम उरांव, सोनाराम सिंकु, जगत माझी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
चक्रधरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड की सात युवतियों को चक्रधरपुर पुलिस ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया। बताया गया कि सभी युवतियां रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेश जाने के लिए निकली थीं। जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन परिसर में चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार की नजर इन युवतियों पर पड़ी। संदेह होने पर उन्होंने सभी से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवतियों ने बताया कि वे मजदूरी एवं रोजगार की तलाश में बाहर जाने की तैयारी में थीं।
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इसके बाद थाना प्रभारी ने युवतियों को बाहर काम करने के दौरान संभावित जोखिमों, मानव तस्करी तथा अन्य प्रकार के शोषण से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक किया। पुलिस की पहल पर सभी युवतियों को टाटा मैजिक वाहन से सुरक्षित उनके घर वापस भेज दिया गया।
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थाना प्रभारी की इस मानवीय एवं संवेदनशील पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे मामलों में कई बार नाबालिग बच्चियों और युवतियों के मानव तस्करी तथा शोषण का शिकार होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पुलिस द्वारा समय रहते की गई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिल्ली | दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा कानूनी और राजनीतिक मोड़ सामने आया है। एक्साइज पॉलिसी केस से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal समेत आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की है।
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अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायपालिका के खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बनाने और जनता के बीच अदालत की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया गया। इस मामले में Manish Sisodia, Sanjay Singh, Saurabh Bharadwaj और Vinay Mishra के नाम भी शामिल हैं।
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कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि न्यायिक फैसलों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन न्यायपालिका की छवि खराब करने या अदालत की निष्पक्षता पर अविश्वास पैदा करने वाला अभियान गंभीर मामला माना जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीति के साथ-साथ न्यायपालिका की गरिमा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं को लेकर नई बहस छिड़ गई है। आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई और अदालत की टिप्पणियों पर देशभर की नजरें टिकी रहेंगी।
नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कार्यपालिका का अत्यधिक नियंत्रण दिखाई देता है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अदालत ने सवाल उठाया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने वाली संस्था के चयन में किसी स्वतंत्र सदस्य को शामिल क्यों नहीं किया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा था। सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक के चयन में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) चयन समिति का हिस्सा होते हैं, लेकिन चुनाव आयोग के प्रमुख की नियुक्ति में उन्हें शामिल नहीं किया जाता। जस्टिस दत्ता ने कहा, “CBI निदेशक की नियुक्ति में CJI शामिल होते हैं। इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने या कानून के शासन से जोड़कर देखा जा सकता है। लेकिन लोकतंत्र को बनाए रखने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ऐसा क्यों नहीं होना चाहिए?”
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उन्होंने आगे कहा कि अदालत यह नहीं कह रही कि चयन समिति में CJI को ही शामिल किया जाए, लेकिन किसी स्वतंत्र सदस्य की मौजूदगी आवश्यक होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि तीसरा सदस्य मंत्रालय से ही क्यों होना चाहिए। जस्टिस दत्ता ने कहा, “आज प्रधानमंत्री एक सदस्य चुनते हैं और विपक्ष के नेता (LoP) दूसरे सदस्य को चुनते हैं। यदि दोनों के बीच मतभेद हो, तो क्या तीसरा सदस्य विपक्ष के नेता के पक्ष में जाएगा?” इस पर अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि वह इस विषय पर कोई अटकल नहीं लगाना चाहते और व्यावहारिक रूप से स्थिति अलग भी हो सकती है। इस पर जस्टिस दत्ता ने टिप्पणी करते हुए कहा, “तो इसका मतलब है कि कार्यपालिका ही सब कुछ कंट्रोल कर रही है।”
पीठ ने यह भी कहा कि इस प्रकार की नियुक्तियों में निर्णय व्यवहारिक रूप से 2:1 के बहुमत से होगा, क्योंकि कैबिनेट मंत्री के प्रधानमंत्री के रुख से अलग राय रखने की संभावना बेहद कम होती है। सुनवाई के दौरान जस्टिस दत्ता ने यह भी सवाल उठाया कि कार्यपालिका को “वीटो” जैसी स्थिति क्यों दी गई है। उन्होंने कहा कि संसद के पास कानून बनाने का अधिकार है, लेकिन कानूनों की अंतिम व्याख्या करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट के पास ही रहेगा। उन्होंने कहा, “पहली नजर में हमें इस बात से परेशानी हो रही है कि कार्यपालिका को वीटो का अधिकार क्यों दिया गया है। संसद कानून बना सकती है, लेकिन कानूनों की अंतिम व्याख्या सुप्रीम कोर्ट ही करेगा।”