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सरायकेला में जय मां पाउड़ी नाट्यअनुष्ठान का नववर्ष मिलन समारोह आयोजित

सरायकेला में जय मां पाउड़ी नाट्यअनुष्ठान का नववर्ष मिलन समारोह आयोजित

सरायकेला : सरायकेला स्थित जय मां पाउड़ी नाट्यअनुष्ठान के कलाकारों द्वारा नववर्ष के अवसर पर नया साल मिलन समारोह एवं रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस मौके पर संस्था से जुड़े कलाकारों ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और आने वाले वर्ष में सांस्कृतिक गतिविधियों को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

मिलन समारोह के दौरान आगामी मार्च माह में प्रस्तावित ओड़िया नाटक के मंचन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। नाटक के विषय, प्रस्तुति शैली, मंच सज्जा और अभ्यास कार्यक्रम पर कलाकारों ने अपने सुझाव रखे। सभी ने मिलकर उत्कृष्ट और प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति देने का निर्णय लिया।

कार्यक्रम का मार्गदर्शन निर्देशक श्री नीलकंठ सड़ंगी ने किया। इस अवसर पर शशांक कुमार साथुआ, सोनू आचार्य, चंदन साहू, मनबोध दारोघा, टिंकू साहू, बबलू साथुआ, मुकेश साहू, तापस साहू, अशोक साहू, राजेश दारोघा, मनोरंजन दारोघा, किशोर सड़ंगी, तापस मोदक, अगस्ती बारीक, राखोहरी रजक एवं सुमित पति सहित सभी कलाकार उपस्थित रहे।

मानकी मुंडा संघ की आपात बैठक में झारखंड पेसा नियमावली 2025 सर्वसम्मति से खारिज

मानकी मुंडा संघ की आपात बैठक में झारखंड पेसा नियमावली 2025 सर्वसम्मति से खारिज

चाईबासा : मानकी मुंडा रेस्ट हाउस, मंगला हाट, चाईबासा में मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्रीय समिति की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष श्री गणेश पाठ पिंगुआ ने की।
बैठक में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) तथा झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 की धारा 131(1) के अंतर्गत बनाए गए झारखंड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली 2025 की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद बैठक में उपस्थित मानकी, मुंडा, डाकुवा एवं रैयतों ने सर्वसम्मति से इस नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया।
बैठक में उठाए गए प्रमुख आपत्तियाँ
पेसा अधिनियम 1996 की धारा 5 के अनुसार, अधिनियम लागू होने के एक वर्ष के भीतर नियमावली बननी थी, लेकिन झारखंड सरकार ने लगभग 29 वर्ष बाद नियमावली अधिसूचित की, जो असंवैधानिक है।
पेसा अधिनियम 1996 संसद द्वारा पारित एवं राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित है, जबकि झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 राज्य कानून है, जिसे अनुसूचित क्षेत्रों पर वरीयता नहीं दी जा सकती।
झारखंड नियमावली 2025 में ग्राम सभा की परिभाषा राज्य अधिनियम 2001 के अनुसार ली गई है, जबकि पेसा अधिनियम 1996 में ग्राम सभा को धारा 4(म)(i) से 4(म)(vii) तक विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जिनका उल्लंघन किया गया है।
नियमावली 2025 में लगभग 25 अन्य अधिनियमों व नियमों को शामिल किया गया है, जो संविधान की पाँचवीं अनुसूची के प्रावधानों के विपरीत है।
सरकार से की गई मांग
बैठक में झारखंड सरकार से मांग की गई कि पेसा अधिनियम 1996 की धारा 3, धारा 4(म) एवं धारा 5 के आलोक में अनुसूचित क्षेत्रों में उच्च स्तर पर स्वशासी परिषद तथा निचले स्तर पर ग्राम सभा की स्थापना हेतु नई अधिसूचना जारी की जाए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग
बैठक में कृष्णा सामाड, कामिल केराई, ललित सावयाँ, दलप देवगम, कृष्णा सिंकू, सुशील कुमार सिंकु, बागुन सोय, प्रभु सहाय देवगम, अर्जुन देवगम, सुभाष बारी, नसीम चाचिया, विश्वनाथ सवाइयाँ, हरे कृष्णा महापात्र, चंदन होनहगा (महासचिव) सहित कई मानकी, मुंडा, डाकुवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुरुप में गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह आयोजित, सामाजिक एकजुटता और शिक्षा पर जोर

मुरुप में गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह आयोजित, सामाजिक एकजुटता और शिक्षा पर जोर

सरायकेला : सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरुप स्थित प्रसिद्ध देवी स्थल माता ठाकुरानी दरह परिसर में रविवार को क्षेत्रीय गौड़ समाज (महालिमोरुप) की ओर से वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय गौड़ समाज एवं गौड़ सेवा संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने माता ठाकुरानी देवी की पूजा-अर्चना कर समाज और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
वनभोज के दौरान सामाजिक गतिविधियों एवं विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में आगामी 23 जनवरी को आदित्यपुर के आसंगी में आयोजित होने वाले गौड़ सेवा संघ के 35वें संकल्प दिवस को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर महिलाओं की पुरुषों के समान भागीदारी सुनिश्चित करने तथा समाज के लोगों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई।
कार्यक्रम में गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष पितोवास प्रधान ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शिक्षा और आपसी एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक चेतना से ही समाज मजबूत होगा। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर आईएएस, आईपीएस सहित अन्य उच्च पदों तक पहुंचाने का आह्वान किया। क्षेत्रीय गौड़ सेवा संघ के अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान ने भी समाज के विकास के लिए सभी को एक मंच पर आने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम को केंद्रीय उपाध्यक्ष हेमसागर प्रधान, अभिमन्यु गोप एवं नागेश्वर प्रधान ने संबोधित किया। समारोह का संचालन जिला सचिव मुरली प्रधान ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय प्रवक्ता उमाकांत प्रधान ने किया। अंत में समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से भोजन कर वनभोज का आनंद लिया।
कार्यक्रम में नागेश्वर प्रधान, परमेश्वर प्रधान, जगन्नाथ प्रधान, प्रह्लाद गोप, हेमसागर प्रधान, उमाकांत प्रधान, यशवंत प्रधान, मुरली प्रधान, पंचु प्रधान, आकाश प्रधान, सूर्य प्रधान, अर्जुन प्रधान, भैरव प्रधान, तीर्थो प्रधान, सीतानाथ प्रधान, दीनबंधु प्रधान, शैलेंद्र प्रधान, जगदीश प्रधान सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

सरायकेला में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान

सरायकेला में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान

सरायकेला : पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावाँ के निर्देश पर रविवार को सरायकेला शहर के गैराज चौक पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व परीक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक ने किया। इस दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर और सरायकेला थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे।

अभियान के तहत आम नागरिकों, वाहन चालकों और राहगीरों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई। उन्हें यातायात कानूनों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीडिंग के खतरों तथा गुड सेमेरिटन नियमों के बारे में जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को कानून का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए लोगों को बिना डर सहायता करनी चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन कर स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।

पश्चिमी सिंहभूम में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए स्कूलों का अवकाश बढ़ाने की मांग

पश्चिमी सिंहभूम में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए स्कूलों का अवकाश बढ़ाने की मांग

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार गिरते तापमान, बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने जिला प्रशासन से सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश कुछ दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 4 जनवरी 2026 को प्रकाशित समाचारों और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार ठंड का असर और बढ़ने वाला है। जिले में न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अगले दो दिनों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे बच्चों के लिए स्कूल जाना जोखिमभरा हो गया है।

त्रिशानु राय ने कहा कि ठंड, कोहरा और शीतलहर के कारण छोटे बच्चों में सर्दी, बुखार, निमोनिया और श्वसन संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसको देखते हुए उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सरकारी और निजी सभी विद्यालयों में एक समान रूप से अवकाश बढ़ाया जाए।

भरनियां पंचायत में जल जीवन मिशन ठप, ग्रामीणों ने आंदोलन का किया ऐलान

भरनियां पंचायत में जल जीवन मिशन ठप, ग्रामीणों ने आंदोलन का किया ऐलान

चक्रधरपुर : भरनियां पंचायत में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। पंचायत के विभिन्न गांवों और टोलों में जल-नल योजना का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। रविवार को डुकरी पताडीह में आयोजित एक आम सभा में ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर आंदोलन का ऐलान किया।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता विजय सिंह सामाड ने कहा कि पंचायत के डुकरी, पताडीह, बांधासाई, गुंजा, साईतोपा, दुड़ियाम और डांगोडीह गांवों में स्थिति बेहद खराब है। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दी गई है, जबकि कई टोलों में अब तक बोरिंग का काम भी शुरू नहीं हुआ है। सरकारी कागजों में योजना संचालित दिख रही है, लेकिन हकीकत में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सड़क से लेकर विभागीय कार्यालय तक संघर्ष करने को तैयार हैं। हालांकि विजय सिंह सामाड ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले सभी ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को सौंपे जाएंगे। यदि इसके बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हर घर में पेयजल की सुविधा नहीं मिलेगी, आंदोलन जारी रहेगा।
इस आम सभा में राजेंद्र सामाड, मंगल सिंह बोदरा, रामसिंह सामाड, ब्रिज मोहन महतो, बासुदेव मुखी, नवीन सामाड, रामजीवन लोहरा, सुखराम लोहरा, हरिचरण सामाड, बेरगा सामाड, बेरगा बोदरा, सोमा गुंदुवा, दिलीप सामाड, जगाया बोदरा, रामराई बोदरा सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।

चाईबासा दुष्कर्म-हत्या मामला: पुलिस ने आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु को किया गिरफ्तार

चाईबासा दुष्कर्म-हत्या मामला: पुलिस ने आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु को किया गिरफ्तार

चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में 25 वर्षीय युवती कुंती पिंगुवा की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जोगीदारु गांव स्थित तोडांग टोला से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, बड़ाजामदा निवासी कुंती पिंगुवा का शव 29 दिसंबर 2025 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जोगीदारा जंगल के पास एक खेत से पुआल में ढंका हुआ बरामद किया गया था। प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच में हुई।
गिरफ्तार आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु ने पूछताछ के दौरान अपराध स्वीकार किया है। उसने बताया कि उसने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद गला दबाकर और पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बड़ा लगिया गांव निवासी जयकिशन होनहागा के खेत में फेंक दिया गया था। 30 दिसंबर को खेत मालिक द्वारा पुलिस को शव मिलने की सूचना दी गई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन और लाल रंग की स्कूटी भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन छानबीन के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।
छापामारी दल में चाईबासा सदर एसडीपीओ बहामन टुटी, मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

पीएनबी आरसेटी में महिलाओं के लिए निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण शुरू, 35 दिन का होगा कोर्स

पीएनबी आरसेटी में महिलाओं के लिए निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण शुरू, 35 दिन का होगा कोर्स

सरायकेला : पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के तत्वावधान में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सरायकेला-खरसावां जिले की जरूरतमंद महिलाओं एवं युवतियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच है।
यह प्रशिक्षण भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है तथा पंजाब नेशनल बैंक द्वारा पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भोजन, छात्रावास की सुविधा, कॉपी-किताब, ड्रेस एवं अन्य प्रशिक्षण सामग्री संस्थान की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण की अवधि 35 दिन होगी, जो प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। प्रशिक्षण के दौरान ब्यूटी पार्लर से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकों के साथ-साथ सफल उद्यमी बनने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
यह प्रशिक्षण आरसेटी, पंजाब नेशनल बैंक, दवानसाईं, सरायकेला में आयोजित किया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी निम्नलिखित मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
7479717293, 9199646025, 8789471135, 7250286385, 7007609159, 6200940892

कोलाबीरा में पेसा नियमावली को लेकर आदिवासी प्रतिनिधियों की बैठक

कोलाबीरा में पेसा नियमावली को लेकर आदिवासी प्रतिनिधियों की बैठक

प्रस्तावित स्वामी विवेकानंद उच्च विद्यालय, कोलाबीरा में सिंहदिशोम देश परगना श्री फकीर मोहन टुडू की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा जारी पेसा नियमावली पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने अपनी-अपनी राय रखी।

चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया कि वर्तमान पेसा नियमावली आदिवासी परंपरागत स्वशासन व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। वक्ताओं का कहना था कि इसमें झारखंड पंचायत राज अधिनियम (JPRA) 2001 के अधिकांश प्रावधानों को ही थोप दिया गया है। इस कारण बैठक में पेसा नियमावली का पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया गया। साथ ही इसके लिए जल्द ही रणनीति तैयार करने पर भी सहमति बनी।

बैठक में दुगनी पिंड परगना दिवाकर सोरेन, बृहस्पति सिंह सरदार, राष्ट्रीय कोल सेना अध्यक्ष विष्णु बानरा, पूर्व मुखिया सह अध्यक्ष गणेश गगराई, खरसावां पिंड मानकी दोलू सिंह सरदार, प्राणिक बाबा कमल किशोर हांसदा, चारडीहा माझी बाबा सालखान मुर्मू, पिंड कारजी सह घाट परगना बाबा लखीराम हांसदा, हतु मुंडा बोसेन मुंडा, सुकलाल किसकु, बबलू मुर्मू, नूना राम हांसदा, गांव गणराज्य अध्यक्ष बलराम सरदार सहित आदिवासी परंपरागत स्वशासन व्यवस्था से जुड़े कई पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।

पेसा नियमावली 2025 को लेकर झारखंड में कानूनी बहस तेज

पेसा नियमावली 2025 को लेकर झारखंड में कानूनी बहस तेज

झारखंड सरकार द्वारा बहुप्रतीक्षित पेसा नियमावली–2025 को अधिसूचित किए जाने के बाद इसके समर्थन और विरोध में राज्यभर में बहस शुरू हो गई है। यह नियमावली झारखंड पंचायत राज अधिनियम–2001 (जेपीआरए) की धारा 131(1) के तहत बनाई गई है, जिसमें सरकार को अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नियमावली बनाने का अधिकार दिया गया है।
हालांकि, इस नियमावली की वैधानिकता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जेपीआरए–2001 संविधान के भाग–9 के तहत सामान्य क्षेत्रों के लिए बना कानून है, जबकि संविधान का अनुच्छेद 243(एम) अनुसूचित क्षेत्रों में भाग–9 के प्रावधानों को लागू करने से स्पष्ट रूप से रोकता है।
आलोचकों के अनुसार, यदि अनुसूचित क्षेत्र और सामान्य क्षेत्र के कानूनों के बीच टकराव होता है, तो जेपीआरए–2001 के प्रावधान पेसा नियमावली–2025 पर हावी हो जाएंगे, जिससे पेसा नियमावली निष्प्रभावी हो सकती है।
इसके अलावा, पेसा अधिनियम–1996 की धारा 5 के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों से संबंधित कोई भी असंगत राज्य कानून केवल एक वर्ष तक ही प्रभावी रह सकता है। इस संदर्भ में जेपीआरए–2001 की धारा 1(ii) को पांचवीं अनुसूची और राष्ट्रपति आदेश–1950 के विपरीत बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद केवल एक नियमावली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संविधान, पेसा अधिनियम, पांचवीं अनुसूची और राज्य के सामान्य पंचायत कानूनों के बीच अधिकारों के टकराव का मामला है। इसे अनुसूचित क्षेत्रों में राज्य के सामान्य कानूनों को “पिछले दरवाजे से” लागू करने का प्रयास बताया जा रहा है।
यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या एक स्वतंत्र केंद्रीय कानून (पेसा अधिनियम–1996) की नियमावली, राज्य के पंचायत कानून जेपीआरए–2001 के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बनाई जा सकती है, जबकि जेपीआरए की धारा 131 केवल उसी अधिनियम के प्रयोजनों के लिए नियम बनाने की अनुमति देती है।
इस पूरे मामले ने झारखंड में पेसा कानून के वास्तविक क्रियान्वयन और आदिवासी स्वशासन के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
— बिर सिंह बिरुली
अध्यक्ष, ईचा–खरकई बांध विरोधी संघ, कोल्हान