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नगर निकाय चुनाव 2026: सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव चुनावी मैदान में

नगर निकाय चुनाव 2026: सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव चुनावी मैदान में

सरायकेला : नगर निकाय चुनाव 2026 की तिथि नजदीक आते ही सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरायकेला के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वे मंगलवार को विधिवत रूप से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
सोमवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इसकी जानकारी दी। इस अवसर पर रानी अरुणिमा सिंहदेव, जो सरायकेला नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं, भी उपस्थित थीं।
पत्रकारों से बातचीत में राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य सहित कुछ अन्य कारणों से उनकी चुनाव लड़ने की कोई इच्छा नहीं थी, लेकिन स्थानीय जनता के भारी आग्रह और स्नेह के कारण उन्होंने अपना निर्णय बदला। उन्होंने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में ही परिवार के सदस्यों ने नामांकन पत्र पहले ही खरीद लिया था।
उन्होंने कहा कि सरायकेला की जनता ही उनका परिवार है। राज परिवार और जनता के बीच वर्षों पुराना और गहरा संबंध रहा है। हमारा अस्तित्व जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए जनता की इच्छा, विश्वास और सम्मान को बनाए रखने के लिए चुनावी मैदान में उतरना आवश्यक हो गया है।

सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जलेश कवि ने किया नामांकन, क्षेत्र विकास को बनाया प्राथमिकता

सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जलेश कवि ने किया नामांकन, क्षेत्र विकास को बनाया प्राथमिकता

सरायकेला : नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर सरायकेला में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को जलेश कवि ने नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि वे आम जनता की ओर से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं और क्षेत्र के समग्र विकास, जनसमस्याओं के समाधान तथा जनता की आवश्यकताओं की पूर्ति को अपना मुख्य लक्ष्य बनाएंगे।

जलेश कवि ने बताया कि वे 4 फरवरी को अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उन्होंने सरायकेला के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों तथा राजनीतिक और गैर-राजनीतिक दलों से क्षेत्र के विकास के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर के विकास कार्यों को गति देना, बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना और आम लोगों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी।

सेरेंगसिया घाटी शहीद दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

सेरेंगसिया घाटी शहीद दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

चाईबासा : सेरेंगसिया घाटी में शहीद दिवस के अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री जे. बी. तुबिड ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री तुबिड ने कहा कि देश और समाज के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत सदैव अमर रहते हैं और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती वीरों की धरती रही है और सेरेंगसिया घाटी के शहीदों द्वारा जल-जंगल-जमीन एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र एवं समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रताप कटियार महतो, भाजपा मंडल अध्यक्ष लेबेया लागुरी, हाटगमरिया मंडल अध्यक्ष बृजमोहन चातोंबा, महेंद्र लागुरी, पूजा समिति अध्यक्ष राजू लागुरी, चंद्रमोहन तियु, झींकपानी मंडल अध्यक्ष दिलीप कुमार महतो उर्फ पप्पू महतो सहित जयकिशन बिरुली, निरेश देवगम, तरुण सवैयां, अनिल दास, लेबेया खंडाईत, डोबरो खंडाईत, सिदम लागुरी, सुमित समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सरायकेला प्रखंड में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ

सरायकेला प्रखंड में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ

सरायकेला-खरसावां : सरायकेला प्रखंड अंतर्गत पांड्रा पंचायत भवन में सोमवार को प्रखंड प्रमुख लक्ष्मी गगराई की अध्यक्षता में संपूर्णता अभियान 2.0 के लॉन्चिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान नीति आयोग द्वारा आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा तीन माह का राष्ट्रीय अभियान है, जो 28 जनवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा।

अभियान का मुख्य उद्देश्य आकांक्षी जिलों और प्रखंडों में बुनियादी सेवाओं को सशक्त करना है। इसके तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और पशु टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निर्धारित समयावधि के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख लक्ष्मी गगराई ने सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर आकांक्षी प्रखंड फेलो प्रीति सिन्हा, महिला पर्यवेक्षिका सविता सिन्हा, प्रभारी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अशोक महतो, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी संजीव कुमार सहित सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधान, प्रधानाध्यापिका, सेविका, एएनएम, सहिया एवं जलसहिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

शहीद दिवस पर सेरेंगसिया पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा को बताया समाज की मजबूत नींव

शहीद दिवस पर सेरेंगसिया पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा को बताया समाज की मजबूत नींव

चाईबासा : राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को टोटों प्रखंड के सेरेंगसिया पहुंचे। शहीद दिवस के अवसर पर उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आयोजित सभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी, विशेषकर बच्चों को शिक्षा जरूर दिलाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के अभाव में समाज कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती के लिए जरूरी है कि बच्चे आगे चलकर जज, वकील, आईएएस और आईपीएस जैसे पदों तक पहुंचें। शिक्षा ही सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की मजबूत नींव है।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की

चाईबासा : पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे “विकसित भारत” के निर्माण की मजबूत आधारशिला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार, आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देने और भारत को वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की ओर ले जाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

मधु कोड़ा ने कहा कि बजट में प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रावधान छात्राओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है, जो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा। उन्होंने इसे युवा शक्ति पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने रांची में निम्हांस-2 मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता किए जाने से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने में सहायक सिद्ध होगा।

BVC क्लब के तत्वावधान में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का सफल समापन

BVC क्लब के तत्वावधान में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का सफल समापन

सरायकेला : BVC क्लब के तत्वावधान में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का सफल समापन हुआ। प्रतियोगिता में विभिन्न टीमों ने भाग लिया और शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
फाइनल मुकाबले में सरायकेला की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, जबकि चक्रधरपुर (CKP) रेलवे की टीम उपविजेता रही।
टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों में खेल भावना और उत्साह देखने को मिला। आयोजन को सफल बनाने में BVC क्लब के सदस्यों की अहम भूमिका रही।

खरकाई नदी किनारे केवट समाज ने देवी मां उहरापाट की पूजा की

खरकाई नदी किनारे केवट समाज ने देवी मां उहरापाट की पूजा की

जमशेदपुर : खरकाई नदी के तट स्थित चापड़ा घाट के पास केवट समाज द्वारा रविवार को देवी मां उहरापाट की पूजा पूरे भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। समाज के लोगों ने बताया कि यह पूजा परंपरागत रूप से उनके पूर्वजों द्वारा शुरू की गई थी, जिसे आज भी श्रद्धा के साथ निभाया जा रहा है। प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के बाद यह पूजा आयोजित की जाती है।

पूजा के माध्यम से समाज एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा विभिन्न संकटों से रक्षा के लिए देवी मां से प्रार्थना की गई। डुमरडीहा, चापड़ा, विक्रमपुर एवं दीघी गांव के केवट समाज के सदस्यों ने संयुक्त रूप से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर क्षेत्र के बाहर से आए समाज के लोग भी शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया।

पूजा-अर्चना पुजारी सकूल केवट द्वारा कराई गई। कार्यक्रम में अनुधवज केवट, राधा कृष्ण केवट, सूरज केवट, मकरधवज केवट, रंजीत केवट, डोडलो केवट, अभय केवट, झपड़ू केवट सहित केवट समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।

आजादी के 77 साल बाद भी सड़क से वंचित है बलिबा गांव, विकास से कोसों दूर जनता

आजादी के 77 साल बाद भी सड़क से वंचित है बलिबा गांव, विकास से कोसों दूर जनता

मनोहरपुर : देश को आज़ादी मिले 77 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन सारंडा क्षेत्र के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत बलिबा गांव की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। आज़ादी से पहले बसे इस गांव तक अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीण आज भी कीचड़, पथरीले रास्तों और दुर्गम जंगलों से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग दशकों पुरानी है, लेकिन सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि चुनाव के समय विधायक और सांसद विकास के बड़े-बड़े वादे कर वोट लेते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की सुध लेने कोई नहीं पहुंचता। ग्रामीणों के अनुसार यह इलाका सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गया है।
राजस्व देता है क्षेत्र, लेकिन सुविधाओं से वंचित जनता
सारंडा क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और यहां से होने वाला राजस्व राज्य व देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। इसके बावजूद सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी अधूरी हैं।


मंत्रियों का दौरा, लेकिन समस्याओं पर चुप्पी :-
हाल ही में सारंडा वाइल्डलाइफ सेंचुरी को लेकर छोटानगरा में ग्राम सभा के नाम पर कई मंत्री और अधिकारी पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि किसी ने भी क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को गंभीरता से नहीं समझा। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी योजनाओं से पहले बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए।


हक मांगने पर असंवैधानिक गतिविधियों का आरोप :-
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे अपने अधिकारों और सुविधाओं की मांग उठाते हैं, तो प्रशासन असंवैधानिक गतिविधियों का हवाला देकर उनकी आवाज दबा देता है। इससे क्षेत्र की स्थिति वर्षों से जस की तस बनी हुई है।


जनता के सवाल :-
बलिबा गांव सहित आसपास के ग्रामीणों का सवाल है कि क्या वे सिर्फ चुनाव के समय वोट देने के लिए हैं? क्या उनकी समस्याओं का कभी समाधान होगा? क्या आज़ादी के 77 साल बाद भी बुनियादी सुविधाएं सपना ही बनी रहेंगी?


अब भी उम्मीद की किरण :-
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि बलिबा गांव तक जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवागमन की समस्याओं का समाधान हो सके। जनता का कहना है कि अब उन्हें वादे नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

सेरेंसिया घाटी के जंगल में देशाउली फाउंडेशन की एक दिवसीय बैठक “मंथन” का आयोजन

सेरेंसिया घाटी के जंगल में देशाउली फाउंडेशन की एक दिवसीय बैठक “मंथन” का आयोजन

सेरेंसिया घाटी (कोल्हान) : देशाउली फाउंडेशन की ओर से रविवार को सेरेंसिया घाटी के जंगलों के बीच एक दिवसीय बैठक “मंथन” का आयोजन किया गया। यह बैठक फाउंडेशन के लिए विशेष महत्व की रही, क्योंकि वर्ष 2019 के बाद पहली बार इतने लंबे अंतराल के बाद देशाउली फाउंडेशन के सदस्यों का इतना बड़ा पुनर्मिलन हुआ।

इस बैठक में कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ ओडिशा से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। खुले जंगल और प्राकृतिक वातावरण के बीच सभी प्रतिभागियों ने एक साथ समय बिताया और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।

बैठक में नशा और शराब की बढ़ती समस्या, रोजगार के अवसर, परम्परागत मानकी-मुण्डा स्वशासन व्यवस्था, शिक्षा की वर्तमान स्थिति एवं उसमें सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया—

1. देशाउली फाउंडेशन की रूप-रेखा

आने वाले समय में देशाउली फाउंडेशन की दिशा, उद्देश्य, कार्यप्रणाली और सामाजिक पहचान को लेकर स्पष्ट रणनीति पर विचार किया गया।

2. दिउरी की मजबूती में योगदान

गाँव के धार्मिक प्रधान दिउरी की गरिमा बनाए रखने, उनके महत्व को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा गाँव को बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखने में समाज की भूमिका पर खुली चर्चा हुई।

3. पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता

जंगल, जल, जमीन और जैव-विविधता की रक्षा के लिए व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर किए जाने वाले ठोस कदमों पर सुझाव रखे गए और प्रतिबद्धता जताई गई।

4. सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना

समाज में आपसी भाईचारे, एकजुटता और विश्वास को मजबूत करने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पर गंभीर मंथन हुआ।

यह बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति ने अपने विचार साझा किए और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्राप्त किया। प्रकृति के बीच हुआ यह आयोजन भावनात्मक रूप से जोड़ने वाला होने के साथ-साथ भविष्य के लिए दिशा-निर्देश देने वाला भी सिद्ध हुआ।

देशाउली फाउंडेशन ने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दूर-दराज़ से आकर इस “मंथन” को सफल और सार्थक बनाया। बैठक का समापन एकजुट होकर समाजहित में कार्य करने के नए संकल्प और ऊर्जा के साथ किया गया।