झारखंड में पेसा नियमावली को लेकर आदिवासी संगठनों ने जताई नाराज़गी

झारखंड में पेसा नियमावली को लेकर आदिवासी संगठनों ने जताई नाराज़गी

झारखंड में पेसा कानून की नियमावली को लेकर आदिवासी समाज में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। आरोप है कि राज्य सरकार ने पेसा के पहले ही पन्ने में ग्राम सभा के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पारंपरिक ग्राम प्रधानों के अलावा “अन्य” का विकल्प जोड़कर पिछला दरवाज़ा खोल दिया है। इससे आदिवासी समाज की परंपरागत सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करने की आशंका जताई जा रही है।

आदिवासी नेताओं का कहना है कि पेसा कानून का मूल उद्देश्य आदिवासी समाज की रूढ़िजन्य विधियों, सामाजिक-धार्मिक प्रथाओं, परंपराओं और स्वशासन प्रणाली को संवैधानिक संरक्षण देना है। लेकिन झारखंड में बनाए गए नियमों में रूढ़िजन्य विधि और धार्मिक प्रथा जैसे महत्वपूर्ण शब्दों को ही हटा दिया गया है।

आरोप है कि पहले सरकार ने ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (TAC) से राज्यपाल को अलग किया और अब शेड्यूल एरिया में राज्यपाल के अधिकारों को सीमित कर उपायुक्त को अधिक अधिकार दिए जा रहे हैं, जिससे प्रशासन मनमानी कर सके।

नियमावली में ग्राम सभाओं के अधिकार भी सीमित कर दिए गए हैं। पहले ग्राम सभा राज्य की योजनाओं और DMFT जैसे कार्यक्रमों को स्वीकृति देती थी, लेकिन अब केवल सहमति ली जाएगी। यदि 30 दिनों के भीतर सहमति नहीं दी गई तो योजना को स्वीकृत मान लिया जाएगा। इसे ग्राम सभा के अधिकारों का हनन बताया जा रहा है।

लघु खनिज जैसे बालू, मिट्टी, पत्थर और मोरम पर पहले ग्राम सभा का पूर्ण अधिकार था, लेकिन अब उन्हें केवल “सरकारी निर्देशों का पालन” करना होगा। इसी तरह CNT/SPT एक्ट के उल्लंघन पर भूमि की वापसी का अधिकार और जमीन हस्तांतरण से पहले ग्राम सभा की सहमति का प्रावधान भी हटा दिया गया है।

नियमावली में शेड्यूल एरिया में लगने वाले उद्योगों को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है। सवाल उठाया जा रहा है कि यदि कंपनियां मुनाफा कमाएं और आदिवासी विस्थापित होते जाएं, तो ऐसे विकास का क्या अर्थ है। आदिवासी समाज का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि जमीन देने के बदले प्रभावित परिवारों को उद्योगों के लाभ में हिस्सेदार बनाया जाए।

आरोप लगाया गया कि जिस दिन कैबिनेट में पेसा अधिनियम को मंजूरी दी गई, उसी दिन नोवामुंडी (पश्चिम सिंहभूम) में हिंडाल्को को करीब 850 एकड़ जमीन बिना ग्राम सभा की सहमति के दे दी गई। इस भूमि पर आदिवासी वर्षों से खेती, पशुपालन करते आए हैं और वहां देशाउली व जाहेरस्थान भी स्थित है। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं।

आदिवासी संगठनों का कहना है कि सरकार को शेड्यूल एरिया में शराब की दुकानों और भट्ठियों की याद तो रही, लेकिन आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की गई। उन्होंने ऐलान किया है कि वे गांव-गांव जाकर इस नियमावली और आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की कोशिशों का विरोध करेंगे।

मकरंडा पंचायत में बाल श्रम मुक्त घोषणा कार्यक्रम आयोजित, ग्रामीणों ने लिया संकल्प

मकरंडा पंचायत में बाल श्रम मुक्त घोषणा कार्यक्रम आयोजित, ग्रामीणों ने लिया संकल्प

मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के मकरंडा पंचायत में पंचायत स्तरीय बाल श्रम मुक्त घोषणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, बच्चे और युवा शामिल हुए, जिससे माहौल जागरूकता और उत्साह से भरा रहा।
इस अवसर पर बताया गया कि मनोहरपुर प्रखंड के अंतर्गत डिंबुली, लाईलोर और मकरंडा पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित किया जा चुका है। यह उपलब्धि प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से संभव हुई है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मकरंडा पंचायत की मुखिया श्रीमती रानी गुड़िया रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुखिया भीमसेन महतो, एस्पायर संस्था के प्रखंड समन्वयक राजेश लगुरी, स्टेट को-ऑर्डिनेटर एन. नरेश और जिला सहायक रामन उपस्थित थे। इसके अलावा दिलबर गुड़िया, मनोज चंपिया, मंच संचालक नीमा लुगुन, ग्राम मुंडा नोंदो सुरीन सहित सैकड़ों ग्रामीण, बच्चे और युवा मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करने के लिए पंचायत स्तर पर निरंतर निगरानी, शिक्षा को बढ़ावा और जनजागरूकता आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को श्रम के बजाय विद्यालय भेजें।
एस्पायर संस्था के प्रतिनिधियों ने बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा से जोड़ने और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने बाल श्रम के खिलाफ संकल्प लेते हुए पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाए रखने का भरोसा दिलाया.

उदालकम गांव में दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ

उदालकम गांव में दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ

पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर प्रखंड के उदालकम गांव में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी खेल और उत्साह का माहौल देखने को मिला। भरनिया ग्राम विकास मंच समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व मुखिया एवं कांग्रेस नेता विजय सिंह सामाड ने किया। उन्होंने खेलों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्वयं सीटी बजाकर बच्चियों की दौड़ प्रतियोगिता की शुरुआत की।

इस अवसर पर बासुदेव मुखी, भोलेनाथ बोदरा, पुटु कांडेयांग और वासु गुंजा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता के पहले दिन बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें बच्चों, बच्चियों, बड़ी लड़कियों, बुजुर्गों और युवाओं के लिए अलग-अलग वर्गों में दौड़ कराई गई।

इसके अलावा बच्चों के लिए आटा रेस, तीन पैर की दौड़, सुई-धागा रेस, जूता रेस और मेंढक रेस का भी आयोजन हुआ, जिसका दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। विजय सिंह सामाड ने कहा कि खेलों से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि अनुशासन और टीम भावना भी विकसित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को मंच देना सराहनीय कार्य है।

इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें अध्यक्ष रामेश्वर गिलुवा, सचिव जुगदू बांकिरा, रामसिंह गागराई, मुचीराय गागराई, विडराय गिलुवा, सुकरा गिलुवा, गुलाब लोहार, चरण गागराई, मुहीराम गागराई, राजेन्द्र सामाड, सुशील गिलुवा और रुईदास सरदार का विशेष योगदान रहा।

नशामुक्ति अभियान के तहत जिले में विविध कार्यक्रम आयोजित

नशामुक्ति अभियान के तहत जिले में विविध कार्यक्रम आयोजित

नालसा : नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिले में एक सप्ताह की गतिविधि योजना के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में अर्का जैन विश्वविद्यालय, गम्हरिया में निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें डीएलएसए की सचिव (प्रभारी) अनामिका किस्कू का सक्रिय सहयोग रहा, जबकि मुख्य एलएडीसी दिलीप कुमार शॉ ने विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व किया।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, स्ट्रीट प्ले एवं युवाओं द्वारा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों में पारा लीगल वॉलंटियर्स ने भाग लिया और नशामुक्त जीवन तथा स्वास्थ्य के महत्व पर लोगों को जागरूक किया।

कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के जीवन को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज पर भी इसके गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य नशामुक्त जीवन को बढ़ावा देना, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

इस पहल को छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों ने सराहा और इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

समाहरणालय सभागार में धान अधिप्राप्ति की समीक्षा बैठक आयोजित

समाहरणालय सभागार में धान अधिप्राप्ति की समीक्षा बैठक आयोजित

सरायकेला : समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा, जिला कृषि पदाधिकारी रौशन नीलकमल, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में जिले में धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। बताया गया कि अब तक 742 किसानों से कुल 42,089.02 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। जिले में कुल 6,191 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 447 किसानों को धान विक्रय की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष किसानों का भुगतान प्रक्रियाधीन है।

समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों (लैम्प्सवार) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने किसानों के पंजीकरण में वृद्धि सुनिश्चित करने, सभी केंद्रों से समय पर धान का उठाव कराने, एडवांस सीएमआर का नियत समय-सीमा में जनरेशन एवं प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा धान विक्रय के बाद किसानों को देय राशि का त्वरित एवं सुचारु भुगतान करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पारदर्शिता बनाए रखते हुए दस्तावेजों का समयबद्ध संधारण, डेटा का नियमित अद्यतन एवं निरंतर अनुश्रवण के माध्यम से धान अधिप्राप्ति कार्य का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसान हित में कार्य करने का निर्देश दिया।

ओबीसी समाज से राजनीतिक छल बंद करे सरकार गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति

ओबीसी समाज से राजनीतिक छल बंद करे सरकार गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति

चाईबासा : गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक बिपिन गोप के अध्यक्षता में सर्किट हाउस, चाईबासा में संपन्न हुई। बैठक में झारखंड की वर्तमान महागठबंधन सरकार पर ओबीसी समाज के साथ अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक छल करने का गंभीर आरोप लगाया गया। समिति ने एक स्वर में कहा कि चुनाव के समय 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार सत्ता में आते ही उस वादे को पूरी तरह भूल चुकी है।
      बैठक में कहा गया कि सरकार के गठन के लगभग 22 महीने बीत जाने के बावजूद विधानसभा के किसी भी सत्र में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने से संबंधित एक भी विधेयक का प्रस्तुत न किया जाना यह स्पष्ट करता है कि यह सरकार ओबीसी समाज के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है। यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक धोखा है।
   समिति ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर 27% आरक्षण लागू करने का जो वादा किया गया था, वह आज केवल एक खोखला राजनीतिक जुमला बनकर रह गया है। सत्ता मिलते ही वादों से मुकर जाना सिर्फ राजनीतिक बेईमानी नहीं है, बल्कि यह करोड़ों ओबीसी परिवारों के विश्वास पर सीधा हमला है। आज झारखंड में सामाजिक न्याय की नहीं, बल्कि कुर्सी बचाने की राजनीति हो रही है।
   बैठक में सरकार में शामिल पार्टी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। समिति ने कहा कि सरकार की निर्णायक साझेदार होने के बावजूद यदि पार्टी ओबीसी आरक्षण जैसे बुनियादी और संवैधानिक मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, तो यह उसकी कथनी और करनी के बीच गहरे अंतर को दर्शाता है। सामाजिक न्याय का झंडा उठाने का दावा करने वाली पार्टी की यह चुप्पी, ओबीसी समाज का खुला अपमान है।
बैठक में यह भी कहा गया कि झारखंड के सात जिलों में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण शून्य होना अपने-आप में एक संवैधानिक अपराध है। विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम जैसे आदिवासी बहुल जिले में ओबीसी समाज को पूरी तरह आरक्षण से बाहर कर देना यह साबित करता है कि सरकार की नीतियाँ समावेशी नहीं, बल्कि बहिष्करणकारी हैं। इसका सीधा परिणाम यह है कि ओबीसी समाज शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व, तीनों क्षेत्रों में लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है।
समिति ने कहा कि योग्यता, मेहनत और प्रतिभा होने के बावजूद ओबीसी युवाओं को अवसर नहीं मिल रहा है। सरकार की नीतियों ने युवाओं को हताशा, कुंठा और बेरोजगारी की दलदल में धकेल दिया है। यह केवल ओबीसी समाज का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
     बैठक में इस स्थिति को भारतीय संविधान की खुली अवहेलना बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है, लेकिन जब किसी जिले में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण शून्य कर दिया जाए, तो समानता केवल किताबों और भाषणों तक सीमित रह जाती है। वहीं अनुच्छेद 15 और 16 सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को विशेष संरक्षण देने की स्पष्ट व्यवस्था करते हैं, जिसे यह सरकार लगातार कुचल रही है।
इस संगठनात्मक बैठक में गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति का विस्तार पर भी निर्णय लिया गया। सर्वसम्मति से रामहरि गोप को केंद्रीय अध्यक्ष चुना गया। केंद्रीय संरक्षक के रूप में विपिन गोप, केंद्रीय सलाहकार राजू पान, सुकदेव गोप एवं रघुनाथ गोप,
केंद्रीय उपाध्यक्ष भारत गोप एवं पीपुन बारीक, केंद्रीय महासचिव भास्कर गोप, उपसचिव राजू गोप,
केंद्रीय सचिव सोनाराम गोप,
संगठन सचिव रविन्द्र बेहरा,
सह संगठन सचिव संजीत कुमार,
कोषाध्यक्ष शैलेश गोप एवं
सह कोषाध्यक्ष विश्वनाथ गोप को जिम्मेदारी सौंपी गई।
     इसके अलावा शुरू गोप एवं सरिता गोप को केंद्रीय सदस्य बनाया गया।
   केंद्रीय बैठक में लगभग 55 प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। बैठक के अंत में यह सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि यदि सरकार ने शीघ्र ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर ठोस, समयबद्ध और स्पष्ट कदम नहीं उठाए, तो राज्यव्यापी आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा।
    समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ओबीसी समाज अब और ठगा जाना स्वीकार नहीं करेगा और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।

जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में जेएसएलपीएस योजनाओं को गति देने के निर्देश

जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में जेएसएलपीएस योजनाओं को गति देने के निर्देश

चाईबासा: उप विकास आयुक्त एवं सहायक समाहर्ता की उपस्थिति में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी प्रखंडों के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक तथा जिला स्तर की तकनीकी टीम मौजूद रही।

बैठक में चाईबासा एवं चक्रधरपुर में स्वीकृत पलाश मार्ट की वर्तमान स्थिति, जिले के प्रत्येक गांव में स्वयं सहायता समूहों के क्रियान्वयन, तथा डीएमएफटी के माध्यम से जेएसएलपीएस को दिए गए प्रोजेक्ट्स के संचालन एवं वित्तीय संयोजन की समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देश दिया गया कि जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों और जिला समाहरणालय में पलाश दीदी कैफे की स्थापना एवं संचालन सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा जिले के विभिन्न आवासीय विद्यालय परिसरों की खाली जमीन पर नियमित सब्जी खेती शुरू करने तथा चयनित प्रखंडों में मसाला खेती के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वयं सहायता समूहों का चयन करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में बताया गया कि जेएसएलपीएस के तहत महिला आजीविका को सशक्त बनाना मुख्य उद्देश्य है। जिले में कुल 75 सीएलएफ और 15,609 स्वयं सहायता समूह गठित हैं, जिनमें से 14,473 समूहों को प्रथम किस्त का आर्थिक संयोजन दिया जा चुका है। निर्देश दिया गया कि इन समूहों द्वारा संचालित आर्थिक गतिविधियों की सूची तैयार की जाए।

साथ ही प्रत्येक पंचायत में 20 से 25 स्वयं सहायता समूहों का चयन कर समूह आधारित आर्थिक गतिविधि तय करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निर्देश दिया गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक को इन सभी बिंदुओं से संबंधित प्रतिवेदन 21 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

धोलाबनी गांव में ग्राम सभा संपन्न, सर्वसम्मति से जगन्नाथ महली बने ग्राम मुंडा

धोलाबनी गांव में ग्राम सभा संपन्न, सर्वसम्मति से जगन्नाथ महली बने ग्राम मुंडा

पश्चिमी सिंहभूम : सोनुआ प्रखंड के गोलमुंडा पंचायत अंतर्गत धोलाबनी गांव में मंगलवार को ग्राम सभा का आयोजन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक वातावरण में किया गया। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से श्री जगन्नाथ महली को ग्राम मुंडा के रूप में चयनित किया।

ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि नए ग्राम मुंडा के नेतृत्व में गांव के समग्र विकास को गति मिलेगी तथा आदिवासी समाज के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के साथ सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

ग्राम मुंडा चयनित होने के बाद श्री जगन्नाथ महली ने ग्राम सभा और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को किसी पद का अधिकारी नहीं, बल्कि गांव का सेवक मानते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संविधान, पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत रहकर जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी जनहित के मुद्दों पर ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे। साथ ही ग्राम सभा को सशक्त बनाने और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

ग्राम सभा का समापन शांति, भाईचारे और एकता के संदेश के साथ हुआ। मौके पर पंचायत मुखिया संजीव कुमार कंडियांग, उप मुखिया राजू बेसरा, सहिया सोनामनी महली, जल सहिया पुनी धोबा, शिक्षक दशरथ महतो सहित कई ग्रामीण और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।

नक्सल प्रभावित चम्पावा पंचायत में 150 जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण

नक्सल प्रभावित चम्पावा पंचायत में 150 जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण

बंदगांव : नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम जंगल क्षेत्र स्थित चम्पावा पंचायत भवन में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया गया। पंचायत की मुखिया कानू तैसुन, पंचायत समिति सदस्य फुलमुनी मुंडरी एवं पंचायत सचिव पूजा कुमारी के नेतृत्व में करीब 150 गरीब और असहाय लोगों को कंबल प्रदान किए गए।
इस मौके पर मुखिया कानू तैसुन ने कहा कि पंचायत का प्रयास है कि जंगल क्षेत्र में रहने वाले वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक ही कंबल पहुंचे। उन्होंने बताया कि चम्पावा पंचायत के सभी गांव घने जंगल क्षेत्र में स्थित हैं, जहां ठंड के मौसम में अत्यधिक ठंड पड़ती है। इससे लोग बीमार हो जाते हैं और कई बार जान का खतरा भी बना रहता है। इसी को देखते हुए समय पर कंबल वितरण किया जा रहा है।
कार्यक्रम में रोजगार सेवक सुनील सरदार, एतवा बोरजो, संजय कंडिर, श्याम पूर्ति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा : कांग्रेस भवन, चाईबासा में सोमवार को कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष स्वर्गीय अशोक कुमार जैन की जयंती के अवसर पर कांग्रेसजनों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
बताया गया कि स्वर्गीय अशोक कुमार जैन ने जिला कांग्रेस कमेटी, पश्चिमी सिंहभूम में विभिन्न पदों पर रहकर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि स्वर्गीय जैन एक समाजसेवी और खेल प्रेमी थे। आम जनता और कांग्रेस पार्टी उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी नहीं भूल सकती। वे सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष मो. सलीम, एससी विभाग कोल्हान प्रभारी सूरज मुखी, युवा कांग्रेस जिला महासचिव गुलजार अंसारी, मंडल अध्यक्ष विनीत लागुरी, वरीय कांग्रेसी सुनीता सावैयां, अजय कुमार, राकेश सिंह, मो. अरसलाम सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।