चक्रधरपुर में रेशम साड़ी प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण, 1000 महिलाओं को प्रशिक्षण व रोजगार से जोड़ने की तैयारी

चक्रधरपुर में रेशम साड़ी प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण, 1000 महिलाओं को प्रशिक्षण व रोजगार से जोड़ने की तैयारी

चक्रधरपुर | अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), पोड़ाहाट चक्रधरपुर एवं महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र ने सोमवार को ग्राम रचना रेशम साड़ी प्रशिक्षण केंद्र, चक्रधरपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने केंद्र में संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी ली तथा महिलाओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्य का जायजा लिया।

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निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालक ने बताया कि संस्थान के माध्यम से केरा एवं कराईकेला क्षेत्र की महिलाओं को सिल्क रीलिंग एवं वीविंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 150 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि भविष्य में 1000 महिलाओं को प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की गई है।
केंद्र संचालक ने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा चक्रधरपुर में सिल्क रीलिंग एवं वीविंग यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इस यूनिट के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक और सराहनीय पहल है, जो क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी।

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित, किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने पर जोर

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित, किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने पर जोर

चाईबासा | उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में फलोत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है और इस प्रकार के आयोजन किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगे।

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उपायुक्त ने फल संरक्षण, पैकेजिंग एवं विपणन से संबंधित आवश्यक जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ विपणन व्यवस्था से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्रेताओं, विक्रेताओं और आम उत्पादकों के बीच संवाद स्थापित किया गया। इस अवसर पर किसानों को बाजार की मांग, गुणवत्ता मानकों और विपणन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही फल विपणन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उत्पादकों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

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उपायुक्त ने समाहरणालय परिसर में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित फलों के लिए स्थायी विपणन व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु प्लास के जिला आजीविका प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने समाहरणालय परिसर में किसानों द्वारा लगाए गए आम उत्पादन प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, विशेषज्ञ, क्रेता-विक्रेता प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

खरसावां-कुचाई मुख्य सड़क पर अनियंत्रित कार होंडा शोरूम में घुसी, दो बाइक क्षतिग्रस्त

खरसावां-कुचाई मुख्य सड़क पर अनियंत्रित कार होंडा शोरूम में घुसी, दो बाइक क्षतिग्रस्त

खरसावां | खरसावां-कुचाई मुख्य सड़क पर रविवार दोपहर देहरूडीह गांव के पास एक तेज रफ्तार इंडिगो कार (जेएच 05 एएफ 3268) अनियंत्रित होकर होंडा शोरूम में जा घुसी। इस हादसे में एक युवक बाल-बाल बच गया, जबकि शोरूम के बाहर खड़ी दो नई बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। दुर्घटना में कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।


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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार मुख्य सड़क से करीब 15 से 20 फीट अंदर जाकर शोरूम से टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शोरूम के समीप स्थित एक घर का करकट शेड भी टूट गया।
मिली जानकारी के अनुसार, कार में सवार दो युवक—खरसावां के बैजनाथपुर गांव निवासी रौशन राउत और पदमपुर-तेलीसाही गांव निवासी विवेक साहू—कुचाई से खरसावां लौट रहे थे। इसी दौरान देहरूडीह गांव के पास कार अनियंत्रित होकर शोरूम में घुस गई। दुर्घटना में दोनों युवकों को भी चोटें आई हैं।
घटना के बाद दोनों युवक कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।


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स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कार सवार युवक नशे की हालत में थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कुछ लोग मामले को रफा-दफा करने में जुटे होने की भी बात सामने आ रही है।
खरसावां-कुचाई क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ रही है।

मरम्मति के अभाव में जर्जर हुआ मुरुप स्थित अर्जुन लाइब्रेरी भवन, जीर्णोद्धार की उठी मांग

मरम्मति के अभाव में जर्जर हुआ मुरुप स्थित अर्जुन लाइब्रेरी भवन, जीर्णोद्धार की उठी मांग

सरायकेला | सरायकेला प्रखंड के मुरुप गांव स्थित अर्जुन लाइब्रेरी भवन मरम्मति और रखरखाव के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। लाइब्रेरी प्रबंधन समिति और स्थानीय युवाओं ने भवन की शीघ्र मरम्मति, रंगाई-पुताई एवं जीर्णोद्धार की मांग उठाई है।
लाइब्रेरी के अध्यक्ष हेमसागर प्रधान ने बताया कि इस भवन का निर्माण वर्ष 2001 में खरसावां के तत्कालीन विधायक अर्जुन मुंडा की विधायक निधि से कराया गया था। निर्माण के बाद से अब तक भवन की न तो रंगाई-पुताई हुई है और न ही किसी प्रकार की मरम्मति कराई गई है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष लाइब्रेरी से जुड़े युवा विद्यार्थियों ने श्रमदान कर भवन के अंदरूनी हिस्से की रंगाई की थी, लेकिन समय के साथ वह भी खराब हो चुकी है।

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हेमसागर प्रधान ने पंचायत प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए भवन की तत्काल मरम्मति और सौंदर्यीकरण की मांग की है।
उन्होंने बताया कि मुरुप और आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इस लाइब्रेरी पर निर्भर हैं। पाठ्यक्रम की किताबों के अलावा विशेष विषयों की जानकारी और अध्ययन सामग्री के लिए विद्यार्थी वर्षों से लाइब्रेरी का सहारा लेते आ रहे हैं। आर्थिक संसाधनों और सरकारी सहयोग के अभाव के बावजूद यहां पढ़ने की परंपरा आज भी कायम है।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां युवा निशुल्क रूप से जेपीएससी, यूपीएससी, जेएसएससी, रेलवे सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित कई उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध हैं।

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हेमसागर प्रधान ने बताया कि हाल के दिनों में चलाए गए ‘पुस्तक संग्रह अभियान’ के तहत लाइब्रेरी को पुस्तकों और फर्नीचर का दान मिला है। इसके बावजूद दो कमरों वाले इस भवन को आज तक किसी प्रकार का सरकारी अनुदान प्राप्त नहीं हुआ है।
अर्जुन लाइब्रेरी का संचालन कर रही समिति ने प्रशासन से जल्द से जल्द भवन के जीर्णोद्धार की मांग की है, ताकि युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण और पठन-पाठन की सुविधाएं मिल सकें।
जीर्णोद्धार की मांग करने वालों में अर्जुन लाइब्रेरी के अध्यक्ष हेमसागर प्रधान, शिक्षक आनंद महतो, धर्मेंद्र प्रधान, शिबु प्रमाणिक, विकास प्रमाणिक, मृत्युंजय प्रमाणिक, धनंजय प्रमाणिक, निरंजन प्रमाणिक, राजा प्रमाणिक, आशीष प्रमाणिक, अमीर प्रमाणिक, राहुल प्रमाणिक, संतोष महतो और ललित प्रधान समेत अन्य शामिल हैं।

सरायकेला में प्लस टू विद्यालय की मांग तेज, नगर पंचायत अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने को सौंपा मांग पत्र

सरायकेला में प्लस टू विद्यालय की मांग तेज, नगर पंचायत अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने को सौंपा मांग पत्र

सरायकेला | सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर उच्च माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), सरायकेला-खरसावां को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा है। इस पहल का उद्देश्य सरायकेला नगर पंचायत तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

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अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला जैसे ऐतिहासिक और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में आज भी झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) से संबद्ध प्लस टू विद्यालय का अभाव चिंता का विषय है। इसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी, अतिरिक्त आर्थिक बोझ और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं आगे की पढ़ाई बीच में छोड़ने को विवश हो जाते हैं।

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मांग पत्र में उन्होंने बालक मध्य विद्यालय, राजबांध और राजकीय कन्या विद्यालय, पुराना बस स्टैंड को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड कर JAC बोर्ड से संबद्ध प्लस टू विद्यालय के रूप में विकसित करने की मांग की है। साथ ही विज्ञान, कला और वाणिज्य संकायों के लिए पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने सरायकेला शहर के लगभग 13 विद्यालयों की आधारभूत संरचना का विस्तृत सर्वे कराने की भी मांग की है। इसमें भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, खेलकूद संसाधनों और शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन शामिल है। उन्होंने विद्यालय परिसरों में चारदीवारी निर्माण, जर्जर भवनों को हटाने तथा सुरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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मनोज कुमार चौधरी ने कहा, “आज शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। यदि हमारे बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए भटकना पड़े, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। हमारी प्राथमिकता है कि सरायकेला का कोई भी विद्यार्थी केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से समझौता न करे।”
उन्होंने कहा कि यह केवल नए विद्यालय खोलने की मांग नहीं, बल्कि सरायकेला के उज्ज्वल भविष्य, युवाओं के सशक्तिकरण और क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रयास है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, शिक्षा विभाग, उपायुक्त और झारखंड अधिविद्य परिषद को भी मांग पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है, ताकि छात्रहित में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मंडलीय कारा सरायकेला में जेल अदालत, चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

मंडलीय कारा सरायकेला में जेल अदालत, चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

सरायकेला | झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन एवं सचिव तौसिफ मेराज के पर्यवेक्षण में रविवार को मंडलीय कारा सरायकेला में जेल अदालत सह चिकित्सा जांच शिविर एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)-सह-न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी अनामिका किस्कू, मंडलीय कारा सरायकेला के अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार, मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी दिलीप शॉ, उप मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी सुनीत कर्मकार, सहायक विधिक सहायता रक्षा परामर्शी अम्बिका चरण पाणी एवं विजय कुमार महतो, जेलर सोनू कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंडलीय कारा के मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित हेल्प डेस्क का शुभारंभ रहा। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से आगंतुकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पारा विधिक स्वयंसेवक मोहन कुमार हांसदा एवं तारामणि बांदिया को प्रतिनियुक्त किया गया है।

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इस अवसर पर डीएलएसए सचिव तौसिफ मेराज ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सहायता रक्षा परामर्शी प्रणाली-2022 तथा हाल ही में प्रारम्भ की गई स्पृह योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित हेल्प डेस्क की उपयोगिता और इससे मिलने वाले लाभों से भी बंदियों एवं हितधारकों को अवगत कराया।

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इसी क्रम में चिकित्सा पदाधिकारी अभिमन्यु महतो के नेतृत्व में चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यह चिकित्सा शिविर मासिक जेल अदालत के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने महिला वार्ड का निरीक्षण भी किया तथा महिला बंदियों से उनके मामलों और विधिक समस्याओं को लेकर संवाद स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
यह आयोजन बंदियों को विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा न्यायिक प्रक्रियाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत, झाड़-फूंक में समय गंवाने से नहीं बच सकी जान

नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत, झाड़-फूंक में समय गंवाने से नहीं बच सकी जान

चाईबासा/मंझारी | पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत तांतनगर ओपी के छोटा तेंताडा गांव में शनिवार को नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृत बच्ची की पहचान संगीता सिरका के रूप में हुई है। इस दर्दनाक घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान अंधविश्वास और समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
खेलते-खेलते नदी में उतरी बच्ची, गहरे पानी में डूबी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संगीता गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंच गई थी। उस समय कुछ बच्चे नदी में नहा रहे थे। उन्हें देखकर वह भी पानी में उतर गई। खेल के दौरान वह अनजाने में गहरे पानी की ओर चली गई और डूबने लगी।

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आसपास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद उसकी भाभी तत्काल मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला। बाहर निकालने तक बच्ची अचेत हो चुकी थी।
अस्पताल ले जाने में हुई देरी, झाड़-फूंक का लिया सहारा
घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन झाड़-फूंक के सहारे उसे ठीक करने की कोशिश में जुट गए। ग्रामीणों के अनुसार, काफी देर तक ओझा-गुनी के माध्यम से बच्ची को होश में लाने का प्रयास किया जाता रहा।

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जब उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तब देर शाम उसे सदर अस्पताल चाईबासा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
समय पर इलाज से बच सकती थी जान
चिकित्सकों का कहना है कि डूबने की घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर प्राथमिक उपचार और तत्काल अस्पताल पहुंचाने से कई मामलों में जान बचाई जा सकती है।

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इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण उपचार में होने वाली देरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बंदगांव : “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026” के तहत ‘जन भागीदारी अभियान – सबसे दूर, सबसे पहले’ का शुभारंभ

बंदगांव : “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026” के तहत ‘जन भागीदारी अभियान – सबसे दूर, सबसे पहले’ का शुभारंभ

बंदगांव | “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026” के अंतर्गत सोमवार को बंदगांव पंचायत भवन में “जन भागीदारी अभियान – सबसे दूर, सबसे पहले” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह विशेष अभियान 18 मई से 25 मई तक संचालित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।अभियान के तहत विभिन्न जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें ओरिएंटेशन कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान, ग्राम स्तरीय स्वास्थ्य जांच शिविर, ट्रांजेक्ट वॉक तथा आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से जनसुनवाई प्रमुख रूप से शामिल हैं।

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जिला प्रशासन की ओर से इस दौरान स्वच्छता जागरूकता अभियान, सिकल सेल एनीमिया जांच, प्रोजेक्ट परख के तहत विद्यालयों में तिथि भोजन कार्यक्रम, राजस्व शिविर, भू-अर्जन मामलों के निष्पादन के लिए विशेष शिविर, पंचायत ज्ञान केंद्र का उद्घाटन तथा पंचायत दिवस जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रोजेक्ट जागृति के अंतर्गत रक्तदान शिविर एवं सखी संवाद कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
अभियान के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष पहल की जाएगी।

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इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को अभियान की रूपरेखा तथा विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।

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कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल पदाधिकारी बंदगांव, जिला परिषद सदस्य, बंदगांव एवं सावनिया पंचायत के मुखिया, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) बंदगांव, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण, एसडीपीओ ने परखी सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाएं

चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण, एसडीपीओ ने परखी सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाएं

चक्रधरपुर | चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात उस समय हलचल बढ़ गई, जब एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी अचानक स्टेशन पहुंचे और यात्री सुविधाओं तथा सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त की।

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निरीक्षण के क्रम में एसडीपीओ जीआरपी थाना भी पहुंचे, जहां उन्होंने थाना प्रभारी सोहेल खान से स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था, संदिग्ध गतिविधियों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए।

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इस दौरान एसडीपीओ ने ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों से बातचीत कर उनकी यात्रा, गंतव्य और स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। देर रात हुए इस औचक निरीक्षण से स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा।

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गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में रोजगार दिलाने के नाम पर बाल मजदूरों और युवतियों की दूसरे राज्यों में तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। हालांकि चक्रधरपुर पुलिस की सक्रियता के कारण अब तक दर्जनों नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू कर उन्हें सीडब्ल्यूसी, चाईबासा के सुपुर्द किया जा चुका है।
वहीं, हाल ही में गुरुवार रात थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने सात युवतियों को दूसरे प्रदेशों में संभावित शोषण और प्रताड़ना की आशंका से अवगत कराते हुए समझाया-बुझाया तथा सुरक्षित उनके घर वापस भेजा था। पुलिस की इस सतर्कता और सक्रियता को मानव तस्करी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

चाईबासा: ड्रिप सिंचाई और स्ट्रॉबेरी खेती से संजुक्ता दीदी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

चाईबासा: ड्रिप सिंचाई और स्ट्रॉबेरी खेती से संजुक्ता दीदी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

चाईबासा | “जहाँ चाह, वहाँ राह” कहावत को साकार करते हुए चाईबासा की संजुक्ता दीदी ने मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से सफलता की नई मिसाल कायम की है। Jharkhand State Livelihood Promotion Society (JSLPS) और कृषि विभाग के सहयोग से उन्होंने ड्रिप सिंचाई आधारित स्ट्रॉबेरी खेती अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
संजुक्ता दीदी प्रगति महिला समिति स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य हैं। पहले उनका परिवार पारंपरिक खेती पर निर्भर था, जिससे सीमित आय ही हो पाती थी। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कुछ नया करने का संकल्प लिया और आधुनिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाया। इस सफर में उनके पति अभिमन्यु महतो ने भी हर कदम पर उनका सहयोग किया।

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वर्ष 2018 में JSLPS से जुड़ने के बाद संजुक्ता दीदी को आधुनिक खेती, ड्रिप सिंचाई तकनीक, फसल प्रबंधन और उन्नत कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। नियमित मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता से प्रेरित होकर उन्होंने ड्रिप सिंचाई आधारित खेती के साथ स्ट्रॉबेरी उत्पादन की शुरुआत की।

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शुरुआती दौर उनके लिए आसान नहीं था। आधुनिक तकनीकों की सीमित जानकारी, सिंचाई प्रबंधन, आर्थिक संसाधनों की कमी और उत्पादों के विपणन जैसी कई चुनौतियाँ सामने थीं। हालांकि, निरंतर मेहनत, प्रशिक्षण और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उन्होंने इन चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।
आज उनकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ड्रिप सिंचाई तकनीक के उपयोग से पानी की बचत के साथ कम लागत में बेहतर उत्पादन संभव हुआ है। स्ट्रॉबेरी जैसी उन्नत फसल से उन्हें अतिरिक्त लाभ मिला और अब वे वर्ष में तीन अलग-अलग फसलें सफलतापूर्वक उगा रही हैं। खेती के विस्तार के लिए उन्होंने स्वयं सहायता समूह से लगभग एक लाख रुपये का ऋण लेकर कृषि कार्य को और आगे बढ़ाया।

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आधुनिक खेती और पशुपालन के समन्वय से संजुक्ता दीदी ने अपने परिवार के लिए स्थायी आजीविका का निर्माण किया है। वर्ष 2024-25 में उन्होंने खेती और पशुपालन से दो लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की। कृषि के साथ उन्होंने डेयरी गतिविधियों को भी अपनाया है और वर्तमान में उनके पास लगभग 15 गायें हैं, जिनसे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
आज संजुक्ता दीदी अपने क्षेत्र में एक सफल महिला कृषक के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनकी सफलता ने गाँव और आसपास की महिलाओं को आधुनिक खेती, ड्रिप सिंचाई और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
संजुक्ता दीदी की कहानी यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और आत्मविश्वास के बल पर ग्रामीण महिलाएँ भी आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।