राजनीति

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

पूर्वी सिंहभूम : पोटका प्रखंड के पुट लुपुंग निवासी दुलाल मंडल के परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलते ही शौर्य यात्रा समिति के सदस्यों एवं समाजसेवियों ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। परिवार आर्थिक संकट की मार झेल रहा था और इलाज के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्यों ने पहल की और आम जनता से सहयोग की अपील की।

जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल एवं समाजसेवी पलटू मंडल के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने लोगों से सहायता की अपील जारी की। अपील का प्रभाव उल्लेखनीय रहा—क्षेत्र के आम नागरिकों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया और सामूहिक प्रयासों से ₹52,511 की राशि एकत्रित की गई, जिसे आज समिति के सदस्यों द्वारा दुलाल मंडल के परिवार को सौंपा गया।

दुलाल मंडल स्वयं गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा—
“अगर मेरे पिता ठीक होते, तो मेरा इलाज जरूर करा पाते।”
घर में वृद्ध मां मुकुल मंडल अपने अंधे–बहरे पति और अपाहिज बेटे की सेवा करते–करते पूरी तरह टूट चुकी हैं। घर की आर्थिक स्थिति इस कदर कमजोर है कि इलाज कराने के लिए पैसे तो दूर, बेचने लायक कोई संपत्ति भी नहीं बची है। टूटे मन से मां कहती हैं—
“इलाज के लिए कई जगह हाथ फैलाए, लेकिन लोग भी अब तंग आ गए। हम नहीं जानते आगे कैसे जिएंगे।”

जिस बेटे दुलाल पर परिवार का सहारा टिका था, आज वही दूसरों की मदद का मोहताज हो गया है। मां की आंखें नम हो जाती हैं—
“अगर कोई फरिश्ता मिल जाए जो मेरे बेटे का इलाज करा दे… ताकि वह फिर से खड़ा होकर हमें संभाल सके।”

परिवार ने सरकार, समाजसेवियों और आम जनता से दुलाल मंडल के समुचित इलाज के लिए आर्थिक सहायता की अपील की है, ताकि यह परिवार फिर से स्वावलंबी बन सके और जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ पाए।

इस पुनीत कार्य में सक्रिय योगदान देने वालों में शामिल रहे—
समाजसेवी पलटू मंडल, समिति के घनश्याम मंडल, सूरज मोदक, माना गोप, मलय मंडल, रमेश मोदक, आस्तिक गोप, रंजन दास, तनुज दास एवं देवाशीष गोप।

इन सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि समाज तभी महान बनता है जब लोग दूसरों के दुख में साझेदार बनें।
वास्तव में — “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।”

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

पूर्वी सिंहभूम : संविधान दिवस के अवसर पर साकची स्थित फैशन वर्ल्ड में आजाद समाज पार्टी द्वारा संविधान शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई, जिसके बाद सभी उपस्थित सदस्यों ने न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता की मूल भावना को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संविधान की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों को सामाजिक रूप से बढ़ावा देने और भाईचारे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

चंद्रशेखर भाई के साथ शपथ लेते हुए सभी सदस्यों ने दोहराया कि संविधान ही सर्वोच्च है और देश का हर नागरिक उसके संरक्षण का जिम्मेदार है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अन्याय, भेदभाव और नफरत के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और देश को संविधान के मार्ग पर आगे बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष परवेज खालिद, जिला कार्यकारी अध्यक्ष शमीम अकरम, कोल्हान भीम आर्मी 78 एकता मिशन के दिनेश गौतम, सराइकेला जिला अध्यक्ष एजाज अहमद, सराइकेला जिला प्रभारी सनत सिंह सरदार, अनश खान समेत कई लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में सदस्यों ने एक स्वर में कहा — “संविधान नहीं झुकेगा, और नहीं झुकने देंगे।”

चाईबासा कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

चाईबासा कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

चाईबासा : कांग्रेस भवन में बुधवार को कांग्रेसजनों द्वारा संविधान दिवस उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माण ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सदस्य मरांग गोमके के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई।

इसके बाद कांग्रेसजनों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन गर्व के साथ किया। कार्यक्रम के तहत “संविधान बचाओ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जो प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार आयोजित की गई।

संगोष्ठी में बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री देवेंद्र नाथ चांपिया ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आत्मा का प्रतिबिंब है। इसमें समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्य हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्य भी देते हैं। संविधान की मूल भावना “सबका सम्मान, सबका अधिकार” को जमीन पर लागू करना आज की आवश्यकता है।

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा माध्यम है। बाबा साहेब के सपनों के भारत को साकार करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और संवर्धन जरूरी है। संविधान ने हमें गरिमा के साथ जीने का अधिकार दिया है।

कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि संविधान दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक पर्व है। कांग्रेस हमेशा संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और जनाधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है।

संगोष्ठी में कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए।
मौके पर कांग्रेस जिला महासचिव कैरा बिरुवा, लियोनार्ड बोदरा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, शिक्षा विभाग चेयरमैन पुरुषोत्तम दास पान, जिला सचिव जगदीश सुंडी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

संविधान दिवस पर सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना — पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में अधिकारियों ने दोहराया संकल्प

संविधान दिवस पर सामूहिक रूप से पढ़ी गई प्रस्तावना — पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में अधिकारियों ने दोहराया संकल्प

पश्चिमी सिंहभूम : संविधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला समाहरणालय परिसर के प्रथम तल पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पठन किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में अपर उपायुक्त प्रवीन केरकेट्टा, सामान्य शाखा उप-समाहर्ता देवेंद्र कुमार, गोपनीय शाखा प्रभारी कुमार हर्ष, जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी एवं समाहरणालय के कर्मी उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समान अवसर और व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने तथा बंधुता को बढ़ावा देने का संकल्प भी इस अवसर पर लिया गया।

जलुगड़ा पहुंचे सांसद कालीचरण मुंडा — स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी सांसद ने लिया गांव का हाल, पूर्व मुखिया से की मुलाकात

जलुगड़ा पहुंचे सांसद कालीचरण मुंडा — स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी सांसद ने लिया गांव का हाल, पूर्व मुखिया से की मुलाकात

खूंटी : अड़की प्रखंड के बोहोण्डा पंचायत अंतर्गत सुदूर जंगलों में बसे जलुगड़ा गांव में खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा पहुंचे। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 55 किमी दूर है और कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर था जब कोई सांसद इस गांव पहुंचे।

सांसद मुंडा का मुख्य उद्देश्य पूर्व मुखिया मुर्गी मुंडा से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जानना था। वे उनके घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक बातचीत की। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के लिए सदैव सक्रिय रहे पूर्व मुखिया मुर्गी मुंडा इन दिनों लकवा ग्रस्त हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। बावजूद इसके वे समाज की समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं। सांसद ने उनके इलाज में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सांसद के गांव पहुंचने पर सनिका समद, सुजीत समद, रोतोन समद, कल्याण समद, बिरसा समद, रेला समद सहित कई ग्रामीणों ने स्वागत किया और प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीणों ने सांसद को गांव की समस्याओं से संबंधित एक आवेदन भी सौंपा।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें :

• पुलिया से स्कूल तक सड़क निर्माण

• बुसुडीह से उपरटोली जलुगड़ा तक सड़क निर्माण

• अखड़ा के पास चबूतरा निर्माण

• उपरटोली जलुगड़ा में जलमीनार की स्थापना

• अधूरे स्कूल भवन का कार्य पूरा करना


सांसद कालीचरण मुंडा ने खूंटी लौटकर संबंधित विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं को समस्याओं के जल्द समाधान का निर्देश दिया।

रांची राजभवन में ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण – राज्यपाल ने सराहा जनजातीय ज्ञान परंपराओं का संरक्षण

रांची राजभवन में ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण – राज्यपाल ने सराहा जनजातीय ज्ञान परंपराओं का संरक्षण

रांची : आज राजभवन में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में प्रसिद्ध मानवशास्त्री शरत चंद्र राय द्वारा लिखित तथा श्री राज रतन सहाय द्वारा हिंदी में अनुवादित पुस्तक ‘उरांव धर्म एवं प्रथाएं’ का औपचारिक लोकार्पण किया गया। समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने की।

करीब सौ वर्ष पूर्व लिखी गई यह महत्वपूर्ण पुस्तक उरांव जनजाति की जीवन-पद्धति, धार्मिक आस्थाओं, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित एक विस्तृत एवं शोधसमृद्ध दस्तावेज मानी जाती है। इसके हिंदी रूपांतरण से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए जनजातीय समाज के अध्ययन का एक सुलभ स्रोत उपलब्ध हुआ है।

अपने संबोधन में राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक शोध-ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिचय है। उन्होंने अनुवाद की सहज भाषा और स्पष्ट प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कृति मुख्यधारा के पाठकों को उरांव समाज की सोच, जीवन-दृष्टि और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराती है। साथ ही उन्होंने चेताया कि पारंपरिक ज्ञान-व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इस तरह के साहित्यिक प्रयास समाज के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।

समारोह में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने भी पुस्तक के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराएँ किसी भी राज्य की पहचान व आत्मा होती हैं। अनुवाद कार्य को उन्होंने शब्दों का पुनर्लेखन नहीं, बल्कि भाव, संदर्भ और सांस्कृतिक संवेदनाओं के पुन:संप्रेषण की कला बताया, जो अत्यंत मूल्यवान है।

पुस्तक के अनुवादक श्री राज रतन सहाय ने इसे अपनी सेवा-भावना एवं जनजातीय समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए स्वयं को नियति का चयनित मानते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले वे शरत चंद्र राय की दो अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकों—‘आदिम मुंडा एवं उनका प्रदेश’ और ‘बिरहोर’—का भी सफलतापूर्वक हिंदी अनुवाद कर चुके हैं। उनका उद्देश्य है कि जनजातीय ज्ञान-परंपराएँ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और शोध के नए आयाम खुलें।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री रामेश्वर उरांव, पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक श्री सरयू राय, पूर्व सांसद श्री सुदर्शन भगत, झारखंड राय विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती सविता सेंगर, पूर्व कुलपति डॉ. सत्यनारायण मुंडा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद, शोधकर्ता, लेखक एवं विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ईडी समन अवहेलना मामले में बड़ा मोड़ — हाईकोर्ट ने CM हेमंत सोरेन को दी गई राहत वापस ली, एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थिति अनिवार्य

ईडी समन अवहेलना मामले में बड़ा मोड़ — हाईकोर्ट ने CM हेमंत सोरेन को दी गई राहत वापस ली, एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थिति अनिवार्य

रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समनों की अवहेलना मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी गई अंतरिम राहत को निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद अब उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रायल के दौरान सशरीर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

हाईकोर्ट ने 4 दिसंबर 2024 को अपने अंतरिम आदेश में मुख्यमंत्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थित से राहत दी थी। हालांकि, मौजूदा आदेश के बाद यह राहत खत्म हो गई है। इससे पहले निचली अदालत ने भी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला ईडी द्वारा जारी किए गए समनों से जुड़ा है। लैंड स्कैम समेत कई संवेदनशील मामलों में पूछताछ के लिए ईडी ने पहली बार 14 अगस्त 2023 को हेमंत सोरेन को बुलाया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद लगातार 10 बार समन जारी किए गए, मगर मुख्य मंत्री हर बार गैरहाज़िर रहे। अंततः 10वें समन के बाद उन्होंने पूछताछ के लिए सहमति दी।

इसके बाद ईडी की टीम सीएम हाउस पहुंची और दो दिनों की पूछताछ के बाद 31 जनवरी 2024 को सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके गिरफ्तार होते ही राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला। उसी शाम उन्होंने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
2 फरवरी 2024 को झामुमो विधायक चंपाई सोरेन ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

चक्रधरपुर में कांग्रेस की अहम बैठक संपन्न — दर्जनों युवाओं ने थामा कांग्रेस का दामन

चक्रधरपुर में कांग्रेस की अहम बैठक संपन्न — दर्जनों युवाओं ने थामा कांग्रेस का दामन


चक्रधरपुर : चक्रधरपुर स्थित स्वर्गीय विजय सिंह सोय के समाधि स्थल के निकट ULB पर्यवेक्षक एवं प्रदेश प्रतिनिधि सुश्री अनुप्रिया सोय की अध्यक्षता में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत नव-नियुक्त जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई के स्वागत से हुई, जिसके बाद उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद स्वर्गीय विजय सिंह सोय की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

बैठक में कांग्रेस विचारधारा से प्रभावित होकर शैखावत हुसैन के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने पुष्पगुच्छ एवं माला पहनाकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि देश में वर्तमान समय में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष स्पष्ट है। एक विचारधारा पूंजीवाद को बढ़ावा देकर किसानों, मजदूरों व गरीबों को हतोत्साहित कर रही है — इसी के तहत गलत कृषि कानून लाकर किसान हितों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया और 80 हजार से अधिक स्कूल बंद कर शिक्षा के अधिकार को कमजोर किया गया। दूसरी ओर, कांग्रेस की विचारधारा लोकतंत्र, स्वराज और सभी वर्गों की भागीदारी के साथ देश के विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहती है।

ULB पर्यवेक्षक सुश्री अनुप्रिया सोय ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए मूल्य आधारित संघर्ष आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल चुनाव तक सीमित न रहकर कांग्रेस की वैचारिक यात्रा से जुड़ना होगा। इतिहास को समझते हुए संगठन में नई ऊर्जा का संचार करना आज की जरूरत है।

कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले प्रमुख नाम :
साखवत हुसैन, एमडी हलीम, आसिफ, दानिश परवेज, अरबाज, अरमान, छोटू, सबदार, दानिश अंसारी, जिशान सहित कई युवाओं ने कांग्रेस का दामन थामा।

कार्यक्रम को संबोधित करने वाले प्रमुख नेता :
राजेश ठाकुर (नगर अध्यक्ष), विजय सिंह सामाड (प्रखंड अध्यक्ष), कमल राम (जिलाध्यक्ष SC मोर्चा), सुरेश सावैंया (प्रदेश सचिव, इंटक), पूनम होनहागा सावैंया, सीमा सामाड, राजेश शुक्ला (पर्यवेक्षक, बंदगांव), लक्ष्मण हांसदा (प्रदेश आमंत्रित सदस्य), पोंडेराम सामाड और विजय सुंबरुई समेत अन्य नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया।

उपस्थित गण :
शिवकर बोईपाई, अविनाश कोड़ा, आर्यन हांसदा, महेश साहू, सतीश चंद्र कोया, हरि राव, मुकेश मुखी, भोलेनाथ बोदरा, चंद्रशेखर सामड, नाज़िस, सुभाष सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

झारखंड में एसआईआर को लेकर सियासी गर्मी तेज — चंपाई सोरेन ने घुसपैठ पर उठाए गंभीर सवाल

झारखंड में एसआईआर को लेकर सियासी गर्मी तेज — चंपाई सोरेन ने घुसपैठ पर उठाए गंभीर सवाल

सरायकेला : झारखंड में एसआईआर (Systematic Investigation of Registration) को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि कोलकाता से सटे हावड़ा जिले के कई इलाकों में 80% से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए पाए जा रहे हैं। ऐसे में सीमावर्ती जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

चंपाई सोरेन ने लिखा कि भारत का संविधान केवल भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। चुनाव आयोग की इस पहल के बाद घुसपैठियों के सहारे सत्ता हासिल करना अब बेहद मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने पर पश्चिम बंगाल से करोड़ों और झारखंड से लाखों घुसपैठियों के नाम voter list से हटाए जा सकते हैं।

राज्य में बढ़ी राजनीतिक हलचल

झारखंड में एसआईआर को लेकर राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कांग्रेस और झामुमो इस प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं राजद के नेता भी प्रतिदिन एसआईआर के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग ने झारखंड में प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे ही झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया औपचारिक तौर पर शुरू होगी, यह राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद और चुनावी बहस का विषय बन सकता है। फिलहाल, इस मुद्दे की जमीन तैयार होती हुई दिखाई दे रही है।

जयराज नगर का नामकरण और ट्रांसफार्मर का उद्घाटन — सांसद जोबा माझी ने किया शुभारंभ

जयराज नगर का नामकरण और ट्रांसफार्मर का उद्घाटन — सांसद जोबा माझी ने किया शुभारंभ

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत रापचा पंचायत के मौजा पिंड्राबेड़ा में रविवार को जयराज नगर के नामकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जोबा माझी शामिल हुईं। उन्होंने नामकरण बोर्ड का फीता काटकर उद्घाटन किया और जयराज नगर में लगाए गए नए ट्रांसफार्मर का भी औपचारिक शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि सांसद के प्रयासों से क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल स्थापित किए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय निवासियों ने सांसद के समक्ष पक्की सड़क निर्माण, कंपनियों से हो रहे प्रदूषण पर नियंत्रण, तथा अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

सांसद जोबा माझी ने अपने संबोधन में कहा कि जयराज नगर का नामकरण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए अंचल कार्यालय के माध्यम से सरकारी मान्यता प्राप्त करने की दिशा में पहल होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि बस्ती के विभिन्न हिस्सों में पक्की सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा और अन्य समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

इस दौरान जयराज नगर के लोगों ने सांसद को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में रापचा के पूर्व मुखिया जवाहरलाल महाली, झामुमो के जिला सचिव वैद्यनाथ टुडू, पश्चिम सिंहभूम झामुमो सचिव राहुल आदित्य, समाजसेवी कालीपद सोरेन, जयराज नगर विकास समिति के रामजी सिंहदेव, सुग्रीव मुखी, विजय कुमार, आसीत आचार्य, गोपाल सिंह, अजय लाल, रत्नेश दुबे, विशेश्वर महाली, दिनेश महतो, दीपांकर पटनायक, मुनी पांडेय, कार्तिक महतो, संजीव प्रधान, राजेश महाली, जितेंद्र प्रमाणिक सहित कई लोग उपस्थित रहे।