राजनीति

कांग्रेस भवन में संगठनात्मक तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक

कांग्रेस भवन में संगठनात्मक तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक

चाईबासा : कांग्रेस भवन में मंगलवार को ग्राम पंचायत कांग्रेस कमिटी और वार्ड कांग्रेस कमिटी के गठन, बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) चयन तथा फॉर्म-2 भरने की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, जिला पर्यवेक्षक एवं पूर्व सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू, अनुभाग प्रमुख सूर्यकांत शुक्ला और अमुल्य नीरज खलखो मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन निर्माण अभियान की प्रगति की समीक्षा की और आगे की कार्ययोजना साझा की। उन्होंने बताया कि मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है और पंचायत व वार्ड स्तर पर 12 सदस्यीय कमिटियों का गठन शीघ्र पूरा किया जाएगा। इन कमिटियों में सभी जातियों, वर्गों और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। हर बूथ पर एक बीएलओ कार्य करेगा, जो बीएलए के साथ मिलकर मतदाता सूची पुनरीक्षण में सहयोग देगा।

उन्होंने कहा कि पंचायत कमिटी के अध्यक्ष ही मंडल कमिटी के सदस्य होंगे तथा पंचायत कमिटी की मासिक बैठक में मंडल अध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य होगी। संगठन द्वारा तैयार विशेष ऐप के माध्यम से निगरानी और निर्देश साझा किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी संगठन को मजबूत करने के लिए जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को अधिक अधिकार दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगे के चार वर्ष संगठन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

पूर्व सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने 14 दिसंबर 2025 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित “वोट चोर गद्दी छोड़” महारैली में जिले से अधिक से अधिक कांग्रेसजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक कार्यक्रमों को समय पर पूरा करना आवश्यक है ताकि पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूत ढांचा तैयार किया जा सके।

अनुभाग प्रमुख सूर्यकांत शुक्ला और अमुल्य नीरज खलखो ने बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और समय पर कमिटी गठन पूरा करने पर जोर दिया।

बैठक के दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी का जन्मदिन भी मनाया गया। कांग्रेसजनों ने केक काटकर उनके दीर्घायु की कामना की। कार्यक्रम संचालन जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन नगर अध्यक्ष मो. सलीम ने दिया। बैठक में कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

जगन्नाथपुर: पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

जगन्नाथपुर: पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

जगन्नाथपुर : पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी की अनुपस्थिति में एलआरडीसी और अंचल अधिकारी मनोज मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड उच्च न्यायालय ने पेशा नियमावली लागू होने तक पूरे राज्य में बालू उठाव पर रोक का स्पष्ट आदेश दिया है, लेकिन इसके बावजूद पश्चिमी सिंहभूम जिले में सत्तापक्ष और विपक्ष से जुड़े कई नेताओं के संरक्षण में बड़े पैमाने पर अवैध बालू कारोबार जारी है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इस अवैध कारोबार के कारण आम लोगों को घर बनाने के लिए बालू काफी महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। अवैध कारोबार से अबुवा आवास समेत कई सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। जगन्नाथपुर और जैंतगढ़ क्षेत्र बालू की अवैध ढुलाई के केंद्र बन चुके हैं, जहां सैकड़ों हाईवा और ट्रैक्टर खुलेआम बालू ढोते हैं। ट्रैक्टर मालिकों को भी माफियाओं को मनमाना शुल्क देकर गाड़ियां चलानी पड़ रही हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 06 नवंबर 2025 को मुंडूई गांव के निवासी दीपक प्रधान की बालू माफियाओं ने कथित रूप से वाहन से कुचलकर हत्या कर दी थी। वह इस अवैध कारोबार का विरोध करते थे, लेकिन घटना को दुर्घटना बताकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो जांच का विषय है।

पूर्व विधायक बोबोंगा ने आरोप लगाया कि खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार निर्बाध रूप से चल रहा है। थाना प्रभारी से लेकर सर्किल इंस्पेक्टर और छोटे कर्मचारियों तक अवैध वसूली की दरें तय हैं। अवैध कारोबार का विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि माफिया इस धंधे से मालामाल हो रहे हैं और उनकी बेनामी संपत्ति तेजी से बढ़ी है, जिसकी जांच होनी चाहिए। बोबोंगा ने दीपक प्रधान की हत्या की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलनकारी मिलकर बालू लदे ट्रैक्टर और हाईवा पकड़कर पुलिस के हवाले करेंगे।

मौके पर झारखंड आंदोलनकारी जगमोहन सिंकु उर्फ जग्गू, अशोक पान, फिरोज अहमद, सीताराम लागुरी, कृष्णा सिंकु, मंजीत कोड़ा, आदिवासी हो समाज युवा महासभा के अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी सहित कई लोग उपस्थित थे।

मझगांव–जगन्नाथपुर में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी आमसभा की तैयारी—पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई सक्रिय, संगठन को मजबूत करने पर फोकस

मझगांव–जगन्नाथपुर में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी आमसभा की तैयारी—पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई सक्रिय, संगठन को मजबूत करने पर फोकस

चाईबासा : पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई देवघर से लौटते ही सक्रिय हो गए। लौटने के बाद उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र मझगांव का दौरा किया और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन विस्तार व आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा की। संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह उनकी पहली बड़ी पहल मानी जा रही है।

पत्रकारों से बात करते हुए गागराई ने बताया कि उनका अगला कार्यक्रम जगन्नाथपुर विधानसभा में होगा। यहां बड़ा जामदा में एक विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना और अवैध खनन व अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाना है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में रोजगार की स्थिति बेहद खराब है और बड़ी संख्या में लोग पलायन को मजबूर हैं। केवल पश्चिम सिंहभूम जिले में ही 40 खदानें बंद पड़ी हैं, इसके बावजूद अवैध खनन लगातार जारी है। गागराई ने आरोप लगाया कि इस अवैध खनन में जिला प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग की मिलीभगत है, जिसके कारण सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार अवैध खनन से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे स्पष्ट होता है कि ऐसी गतिविधियों को परोक्ष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

गागराई ने बताया कि आगामी आमसभा में वे जनता को अवैध खनन की वास्तविक स्थिति, उसके दुष्परिणाम और सरकार की कथित निष्क्रियता के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और अवैध खनन, पर्यावरणीय नुकसान, राजस्व हानि तथा पलायन जैसे मुद्दों पर व्यापक जनसंवाद की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर वे लगातार जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। बड़ी सभा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही तिथि व विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।

चाईबासा में कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

चाईबासा में कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

चाईबासा : स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर सोमवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेसजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद उनके जीवन और कृतित्व पर परिचर्चा आयोजित हुई।

परिचर्चा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि महान व्यक्ति अपने विचार और कार्यों से समाज में अमिट छाप छोड़ जाते हैं। कार्तिक उरांव भी ऐसे ही महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने जनजातीय समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कांग्रेसजनों ने कहा कि कार्तिक उरांव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके संकल्प, इच्छाशक्ति, देशभक्ति, शिक्षा-प्रेम और सेवा-भाव को अपने जीवन में अपनाया जाए। सभी ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिला महासचिव लियोनार्ड बोदरा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, उपाध्यक्ष सुभाष राम तुरी, मो. ऐसान, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, मंडल अध्यक्ष अशोक मुंडरी, प्रखंड उपाध्यक्ष महीप कुदादा, वरीय कांग्रेसी राजेंद्र कच्छप, राम सिंह सावैयां, पोन्डेराम सामड, जय किशन सालबुनिया, मनोज मुंडरी, कार्यालय सचिव सुशील दास, जामबिरा बानरा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

आम जनता की समस्याओं का समाधान करने और समाज व क्षेत्र के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए हमारा निरंतर प्रयास जारी है : विजय सोय

आम जनता की समस्याओं का समाधान करने और समाज व क्षेत्र के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए हमारा निरंतर प्रयास जारी है : विजय सोय

जमशेदपुर : पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मानगो–बालीगुमा में मेरे निवास स्थान पर, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का मेगा शिविर आयोजित किया जा रहा है।

आप सभी जानते हैं कि सरकारी कार्यालयों में किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ता है, और फिर भी यह निश्चित नहीं होता कि आपका काम उसी दिन हो पाएगा या नहीं।

मानगो क्षेत्र में अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं—रोज कमाते हैं, रोज खाते हैं। ऐसे में, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए
CO कार्यालय, नगर निगम, राशन विभाग, करनडीह ब्लॉक या प्रज्ञा केंद्र के चक्कर लगाना इनके लिए बेहद कठिन और खर्चीला हो जाता है।
बुजुर्ग और असहाय लोगों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है, जिसके कारण वे अक्सर योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए, मैं और मेरी विजय सेना टीम कई वर्षों से लोगों के घर के नजदीक ही शिविर लगाकर उन्हें सीधा सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
सैकड़ों लोग इन शिविरों का लाभ उठा चुके हैं और लगातार उठा रहे हैं।

लेकिन ऐसे कई लोग भी हैं जो पिछली बार शिविर में शामिल नहीं हो पाए थे और उन्होंने शिकायत की कि उनका राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन पाया, जिसके कारण वे महत्वपूर्ण सरकारी सुविधाओं से वंचित रह गए।

इसीलिए, जो लोग पिछले कैंपों में छूट गए थे, उनके लिए एक बार फिर
रविवार, 07 दिसंबर 2025 को बालीगुमा स्थित मेरे निवास स्थान पर शिविर लगाया जा रहा है।



शिविर में किए जाने वाले मुख्य कार्य

1. राशन कार्ड से संबंधित सभी कार्य


2. ई-श्रम कार्ड से संबंधित सभी कार्य


3. लेबर कार्ड से संबंधित सभी कार्य


4. आयुष्मान कार्ड से संबंधित सभी कार्य



महत्वपूर्ण निर्देश

शिविर में आने वाले सभी लोगों को साथ लाना अनिवार्य है :

1. आधार कार्ड

2. बैंक पासबुक

3. मोबाइल नंबर

4. सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी

5. दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो




शिविर का विवरण

दिनांक : 07/12/2025

दिन : रविवार

समय : सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक

स्थान : बालीगुमा, सूकना बस्ती, NH-33, मेरे निवास स्थान पर

संपर्क नंबर : 7992336119

पश्चिमी सिंहभूम में डीएमएफटी अनुशिक्षक बहाली हेतु आयोजित दक्षता परीक्षा का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

पश्चिमी सिंहभूम में डीएमएफटी अनुशिक्षक बहाली हेतु आयोजित दक्षता परीक्षा का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सरकारी उच्च विद्यालयों में कक्षा 9–10 के विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहयोग के लिए डीएमएफटी के तहत 190 घंटी आधारित अनुशिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में चाईबासा के टाटा कॉलेज परिसर स्थित बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित दक्षता परीक्षा का निरीक्षण जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री चंदन कुमार ने किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और उपस्थित अभ्यर्थियों को परीक्षा के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अभ्यर्थी अपने ओएमआर शीट में मांगी गई जानकारी स्पष्ट और सही रूप से भरें तथा उपस्थिति शीट में हस्ताक्षर अवश्य करें। नियमों से अवगत कराने के बाद उपायुक्त ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं भी दीं।

दो पालियों में आयोजित इस विषय-वार दक्षता परीक्षा में कुल 895 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड आज ही समाहरणालय परिसर में वितरित किए गए।

परीक्षा संचालन के दौरान सहायक समाहर्ता श्री सिद्धांत कुमार, नजारत उप-समाहर्ता श्री देवेंद्र कुमार, खुंटपानी के बीडीओ श्री धनंजय पाठक, कार्यपालक दंडाधिकारी श्री कुमार हर्ष, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार सहित अन्य प्रतिनियुक्त पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।

पश्चिमी सिंहभूम में राजस्व व भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक—उपायुक्त ने लंबित मामलों के जल्द निष्पादन के दिए निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम में राजस्व व भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक—उपायुक्त ने लंबित मामलों के जल्द निष्पादन के दिए निर्देश

चाईबासा : ‌पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी चंदन कुमार की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, गैर-विभागीय राजस्व, नीलाम पत्र वाद, भू-अर्जन और अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में भू-लगान, दाखिल-खारिज, ऑनलाइन राजस्व न्यायालय, अंतरविभागीय भू-हस्तांतरण, जीएम लैंड सर्वे, सीमांकन, खासमहल लीज नवीकरण और परीशोधन झारभूमि शिकायत समेत विभिन्न मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऑनलाइन राजस्व न्यायालय में 5 साल से लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भूमि सीमांकन के लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएँ और राजस्व वसूली की रफ्तार बढ़ाई जाए।

गैर-विभागीय राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक खनन विभाग से ₹214674.15 लाख, उत्पाद विभाग से ₹8786 लाख, राज्य कर कार्यालय से ₹28677 लाख, अवर निबंधन कार्यालय चाईबासा से ₹853 लाख, चक्रधरपुर से ₹354 लाख तथा परिवहन विभाग से लक्ष्य के विरुद्ध ₹2100 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।

उपायुक्त ने चाईबासा एवं चक्रधरपुर नगर परिषद, माप-तौल विभाग, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, जिला मत्स्य कार्यालय और अन्य विभागों को इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में भू-अर्जन से संबंधित मामलों और जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज तथा पथ निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़क परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

झारखंड राजभवन का नाम बदला — अब “लोक भवन झारखंड” के नाम से जाना जाएगा

झारखंड राजभवन का नाम बदला — अब “लोक भवन झारखंड” के नाम से जाना जाएगा

झारखंड के राजभवन का नाम अब बदलकर “लोक भवन झारखंड” कर दिया गया है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्रालय की पहल के तहत देश के सभी राजभवनों को लोक-केंद्रित पहचान दी जा रही है।

इसी क्रम में अब रांची और दुमका के राजभवन को आधिकारिक रूप से लोक भवन नाम दिया गया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितीन मदन कुलकर्णी के हस्ताक्षर से बुधवार को आदेश जारी किया गया।

सरकार के अनुसार यह बदलाव राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू हुआ है। नए नाम की घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि नाम बदलने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सरकार सेवा के लिए है।

झारखंड आंदोलनकारी आसमान सुंडी बने संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष, चाईबासा में किया गया सम्मानित

झारखंड आंदोलनकारी आसमान सुंडी बने संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष, चाईबासा में किया गया सम्मानित

चाईबासा : झारखंड आंदोलनकारी श्री आसमान सुंडी को झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा का अध्यक्ष बनाए जाने पर सोमवार को जिला परिषद कार्यालय में उनका सम्मान किया गया। प्रखंड अध्यक्ष सोमनाथ चातर और सचिव शाहिद अहमद के नेतृत्व में उन्हें फूलमाला और गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।

दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि श्री सुंडी एक अनुभवी और संघर्षशील आंदोलनकारी हैं। उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज कई झारखंड आंदोलनकारियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है और कई का चिन्हीकरण भी हो चुका है।

स्वागत समारोह में जगमोहन तिरिया, प्रमिला तिरिया, अंकुरा तिरिया, गर्दी संवैयां सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और आश्रित मौजूद थे।

प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ कहलाएगा — राजभवनों को मिला नया नाम ‘लोकभवन’

प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ कहलाएगा — राजभवनों को मिला नया नाम ‘लोकभवन’

#नई_दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और देशभर के राजभवनों के नाम बदल दिए हैं। अब PMO को ‘सेवा तीर्थ’ और सभी राजभवनों को ‘लोकभवन’ के नाम से जाना जाएगा।

सेवा की भावना पर जोर


पीएमओ की ओर से कहा गया कि भारत के पब्लिक इंस्टिट्यूशन्स में बड़ा और गहरा बदलाव हो रहा है। शासन का विचार अब सत्ता से सेवा और अथॉरिटी से जिम्मेदारी की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक भी है।

पीएमओ जल्द ही अपने 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक ऑफिस से निकलकर नए आधुनिक कैंपस ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होने जा रहा है। यह कदम सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।

पहले भी बदले जा चुके हैं कई सरकारी नाम


इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम भी 2016 में रेस कोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन तंत्र को ऐसी पहचान दी जा रही है, जो कर्तव्य, पारदर्शिता, और जन-सेवा को दर्शाती है। केंद्रीय सचिवालय का नया नाम ‘कर्तव्य भवन’ इसी सोच को प्रतिबिंबित करता है।

राजभवनों के नए नाम


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन और राज्यपालों/उपराज्यपालों के आवास का नाम लोक निवास कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार ‘राजभवन’ नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दिखाता है, इसलिए इसे बदलकर जनता-केंद्रित नाम दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव भारत की लोकतांत्रिक सोच में आए वैचारिक परिवर्तन का प्रतीक है — अब शासन की भाषा सेवा, कर्तव्य और नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण की तरफ बढ़ रही है।