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झारखंड राजभवन का नाम बदला — अब “लोक भवन झारखंड” के नाम से जाना जाएगा

झारखंड राजभवन का नाम बदला — अब “लोक भवन झारखंड” के नाम से जाना जाएगा

झारखंड के राजभवन का नाम अब बदलकर “लोक भवन झारखंड” कर दिया गया है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्रालय की पहल के तहत देश के सभी राजभवनों को लोक-केंद्रित पहचान दी जा रही है।

इसी क्रम में अब रांची और दुमका के राजभवन को आधिकारिक रूप से लोक भवन नाम दिया गया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितीन मदन कुलकर्णी के हस्ताक्षर से बुधवार को आदेश जारी किया गया।

सरकार के अनुसार यह बदलाव राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू हुआ है। नए नाम की घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि नाम बदलने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सरकार सेवा के लिए है।

प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ कहलाएगा — राजभवनों को मिला नया नाम ‘लोकभवन’

प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ कहलाएगा — राजभवनों को मिला नया नाम ‘लोकभवन’

#नई_दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और देशभर के राजभवनों के नाम बदल दिए हैं। अब PMO को ‘सेवा तीर्थ’ और सभी राजभवनों को ‘लोकभवन’ के नाम से जाना जाएगा।

सेवा की भावना पर जोर


पीएमओ की ओर से कहा गया कि भारत के पब्लिक इंस्टिट्यूशन्स में बड़ा और गहरा बदलाव हो रहा है। शासन का विचार अब सत्ता से सेवा और अथॉरिटी से जिम्मेदारी की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक भी है।

पीएमओ जल्द ही अपने 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक ऑफिस से निकलकर नए आधुनिक कैंपस ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होने जा रहा है। यह कदम सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।

पहले भी बदले जा चुके हैं कई सरकारी नाम


इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम भी 2016 में रेस कोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन तंत्र को ऐसी पहचान दी जा रही है, जो कर्तव्य, पारदर्शिता, और जन-सेवा को दर्शाती है। केंद्रीय सचिवालय का नया नाम ‘कर्तव्य भवन’ इसी सोच को प्रतिबिंबित करता है।

राजभवनों के नए नाम


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन और राज्यपालों/उपराज्यपालों के आवास का नाम लोक निवास कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार ‘राजभवन’ नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दिखाता है, इसलिए इसे बदलकर जनता-केंद्रित नाम दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव भारत की लोकतांत्रिक सोच में आए वैचारिक परिवर्तन का प्रतीक है — अब शासन की भाषा सेवा, कर्तव्य और नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण की तरफ बढ़ रही है।

सीआईएससीई ने जारी की बोर्ड परीक्षा तिथियाँ: 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से, 12वीं की 12 फरवरी से शुरू

सीआईएससीई ने जारी की बोर्ड परीक्षा तिथियाँ: 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से, 12वीं की 12 फरवरी से शुरू

नयी दिल्ली : सीआईएससीई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। परिषद के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव जोसेफ इमैनुएल ने गुरुवार को बताया कि कक्षा 10 (ICSE) की परीक्षा 17 फरवरी से 30 मार्च तक होगी, जबकि कक्षा 12 (ISC) की परीक्षा 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी।

इस वर्ष लगभग 2.6 लाख छात्र ICSE और करीब 1.5 लाख छात्र ISC परीक्षा देंगे। इमैनुएल के अनुसार, परीक्षा समय-सारणी को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों को प्रमुख विषयों के बीच पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके।

जारी डेटशीट में ICSE के 75 विषयों और ISC के 50 विषयों की पूरी परीक्षा अनुसूची शामिल है।

उपायुक्त ने टोंटो और नोआमुंडी में एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण, नामांकन और सुविधाओं की समीक्षा की

उपायुक्त ने टोंटो और नोआमुंडी में एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण, नामांकन और सुविधाओं की समीक्षा की

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार ने परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा के साथ एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय टोंटो और नोआमुंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों के छात्रों ने स्वागत गीत गाकर उनका अभिनंदन किया।

टोंटो (पेरेंट) परिसर से हाटगम्हरिया (सिस्टर) और नोआमुंडी (पेरेंट) परिसर से मनोहरपुर (सिस्टर) एकलव्य विद्यालयों का संचालन हो रहा है। टोंटो और हाटगम्हरिया में कक्षा 6, 7 और 8 के लिए कुल 180 छात्रों का नामांकन हो चुका है, जबकि नोआमुंडी और मनोहरपुर में 81 छात्रों का नामांकन हुआ है। नामांकन प्रक्रिया जारी है और सभी आवेदकों को कक्षाएं शुरू होने की सूचना दे दी गई है। सिंहभूम प्रमंडल के अन्य जिलों से भी छात्र प्रवेश ले रहे हैं।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 11 नए एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें पांच पेरेंट और पांच सिस्टर विद्यालय शामिल हैं। अध्यापन कार्य शुरू करने के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं, छात्रावास, रसोई और डाइनिंग हॉल का जायजा लिया। साथ ही छात्रों के सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय विद्यालयों में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करने को भी कहा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की और छात्रों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। टोंटो-हाटगम्हरिया में 8 अतिथि शिक्षक और 13 चतुर्थ वर्ग कर्मी तथा नोआमुंडी-मनोहरपुर में 10 अतिथि शिक्षक और 10 चतुर्थ वर्ग कर्मी प्रतिनियुक्त हैं। जिन अतिथि शिक्षकों ने योगदान नहीं दिया है, उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।

विद्यालयों में रहने, खाने और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री जैसे खाद्य पदार्थ, बर्तन, पठन-पाठन सामग्री, कंबल और चादर की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। नामांकन बढ़ने के साथ छात्रों की पोशाक और किताबों की आपूर्ति के लिए भी आदेश जारी कर दिए गए हैं।

झारखंड स्थापना दिवस पर चक्रधरपुर में साइकिल रैली: उपायुक्त ने दिया एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

झारखंड स्थापना दिवस पर चक्रधरपुर में साइकिल रैली: उपायुक्त ने दिया एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

चक्रधरपुर : झारखंड राज्य के 25वें स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर “Know Your Tourist Place” कार्यक्रम के तहत गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय से साइकिल रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व जिला दंडाधिकारी-cum-उपायुक्त चंदन कुमार ने किया।

Group of Cyclists की यह रैली शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर केरा मंदिर तक पहुँची। उपायुक्त चंदन कुमार ने स्वयं साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और एकता का संदेश दिया। उन्होंने राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रैली में अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट-चक्रधरपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी और साइकिल प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जन सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।

झारखंड स्थापना दिवस पर 2 दिवसीय भव्य महोत्सव: जतरा, ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ राज्य मनाएगा 25 वर्ष

झारखंड स्थापना दिवस पर 2 दिवसीय भव्य महोत्सव: जतरा, ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ राज्य मनाएगा 25 वर्ष

रांची : झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 15 और 16 नवंबर को दो दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित किया जाएगा। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री के अनुसार, 15 नवंबर को कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे होगी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

16 नवंबर को पहली बार राज्य में ‘जतरा’ का आयोजन किया जाएगा। यह जुलूस डोरंडा से शुरू होकर कचहरी चौक होते हुए जेल पार्क में समाप्त होगा। इसमें करीब 4000 कलाकार शामिल होंगे। शाम को मोरहाबादी में भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिरसा मुंडा की जीवनी और झारखंड की संस्कृति को आकर्षक दृश्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

दूसरे दिन महोत्सव में सरकार के सभी विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां जनता को योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही एक इमर्सिव ज़ोन बनाया जा रहा है, जिसमें झारखंड की संस्कृति, विकास और विरासत से जुड़े इंटरैक्टिव फिल्में और प्रेजेंटेशन दिखाए जाएंगे। तैयारियों की समीक्षा कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में की गई बैठक में की गई।

भीड़ को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष योजना बनाई है। राजधानी में 8000 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी, जिनमें 2000 महिला और 6000 पुरुष कर्मी शामिल होंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा और मोरहाबादी क्षेत्र में पार्किंग व प्रवेश मार्गों की नई व्यवस्था की गई है।

शहर के प्रमुख स्थानों पर झारखंड की संस्कृति और वीरों की झलक दिखाती वाल पेंटिंग भी बनाई जा रही है। महोत्सव में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राज्य के इतिहास से जुड़े आयोजन शामिल होंगे। सरकार इस रजत जयंती वर्ष को झारखंड की परंपरा, गौरव और प्रगति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है।

वादिनी से दुष्कर्म और गर्भपात कर फरार आरोपी गुजरात से हुआ गिरफ्तार

वादिनी से दुष्कर्म और गर्भपात कर फरार आरोपी गुजरात से हुआ गिरफ्तार

चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के पोटका बासासाई गांव निवासी लेबाय तैसुम (उम्र 25 वर्ष, पिता–सरजोम तैसुम) को पुलिस ने गुजरात के मोरबी जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने और गर्भपात कराने का गंभीर आरोप है।

मामला 23 सितंबर 2025 का है, जब वादिनी के लिखित आवेदन के आधार पर चक्रधरपुर थाना कांड संख्या–119/2025 दर्ज की गई थी। इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 64(1)/115(2)/89/351(3)/3(5) बीएनएस एवं 4(1)/6 पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

कांड की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर और थाना प्रभारी चक्रधरपुर के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और उसे गुजरात से दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी लेबाय तैसुम को विधिवत रूप से चक्रधरपुर थाना लाया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द ही न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित

भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में शुक्रवार को “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने की। कार्यकर्ताओं ने माँ भारती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और सामूहिक रूप से “वंदे मातरम” गीत गाया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा।

वक्ताओं ने “वंदे मातरम” के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह गीत 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था, जो भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 1905 के बंग-भंग आंदोलन में यह गीत स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बना और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला।

जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और आत्मगौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर आने वाले दिनों में विद्यालयों, महाविद्यालयों और पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि “वंदे मातरम” की गौरवगाथा हर नागरिक तक पहुँचे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ। इस दौरान पूर्व विधायक जवाहरलाल बानरा, जिला महामंत्री प्रताप कटियार महतो, अभियान संयोजक रूप सिंह दास, महिला मोर्चा प्रमंडलीय प्रभारी सुमन गागराई, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष तीरथ जमुदा, जय किशन विरूली सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।