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चाईबासा दुष्कर्म-हत्या मामला: पुलिस ने आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु को किया गिरफ्तार

चाईबासा दुष्कर्म-हत्या मामला: पुलिस ने आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु को किया गिरफ्तार

चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में 25 वर्षीय युवती कुंती पिंगुवा की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जोगीदारु गांव स्थित तोडांग टोला से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, बड़ाजामदा निवासी कुंती पिंगुवा का शव 29 दिसंबर 2025 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जोगीदारा जंगल के पास एक खेत से पुआल में ढंका हुआ बरामद किया गया था। प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच में हुई।
गिरफ्तार आरोपी प्रधान पुरती उर्फ पल्टु ने पूछताछ के दौरान अपराध स्वीकार किया है। उसने बताया कि उसने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद गला दबाकर और पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बड़ा लगिया गांव निवासी जयकिशन होनहागा के खेत में फेंक दिया गया था। 30 दिसंबर को खेत मालिक द्वारा पुलिस को शव मिलने की सूचना दी गई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन और लाल रंग की स्कूटी भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन छानबीन के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।
छापामारी दल में चाईबासा सदर एसडीपीओ बहामन टुटी, मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

पीएनबी आरसेटी में महिलाओं के लिए निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण शुरू, 35 दिन का होगा कोर्स

पीएनबी आरसेटी में महिलाओं के लिए निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण शुरू, 35 दिन का होगा कोर्स

सरायकेला : पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के तत्वावधान में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सरायकेला-खरसावां जिले की जरूरतमंद महिलाओं एवं युवतियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच है।
यह प्रशिक्षण भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है तथा पंजाब नेशनल बैंक द्वारा पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भोजन, छात्रावास की सुविधा, कॉपी-किताब, ड्रेस एवं अन्य प्रशिक्षण सामग्री संस्थान की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण की अवधि 35 दिन होगी, जो प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। प्रशिक्षण के दौरान ब्यूटी पार्लर से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकों के साथ-साथ सफल उद्यमी बनने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
यह प्रशिक्षण आरसेटी, पंजाब नेशनल बैंक, दवानसाईं, सरायकेला में आयोजित किया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी निम्नलिखित मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
7479717293, 9199646025, 8789471135, 7250286385, 7007609159, 6200940892

कोलाबीरा में पेसा नियमावली को लेकर आदिवासी प्रतिनिधियों की बैठक

कोलाबीरा में पेसा नियमावली को लेकर आदिवासी प्रतिनिधियों की बैठक

प्रस्तावित स्वामी विवेकानंद उच्च विद्यालय, कोलाबीरा में सिंहदिशोम देश परगना श्री फकीर मोहन टुडू की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा जारी पेसा नियमावली पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने अपनी-अपनी राय रखी।

चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकाला गया कि वर्तमान पेसा नियमावली आदिवासी परंपरागत स्वशासन व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। वक्ताओं का कहना था कि इसमें झारखंड पंचायत राज अधिनियम (JPRA) 2001 के अधिकांश प्रावधानों को ही थोप दिया गया है। इस कारण बैठक में पेसा नियमावली का पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया गया। साथ ही इसके लिए जल्द ही रणनीति तैयार करने पर भी सहमति बनी।

बैठक में दुगनी पिंड परगना दिवाकर सोरेन, बृहस्पति सिंह सरदार, राष्ट्रीय कोल सेना अध्यक्ष विष्णु बानरा, पूर्व मुखिया सह अध्यक्ष गणेश गगराई, खरसावां पिंड मानकी दोलू सिंह सरदार, प्राणिक बाबा कमल किशोर हांसदा, चारडीहा माझी बाबा सालखान मुर्मू, पिंड कारजी सह घाट परगना बाबा लखीराम हांसदा, हतु मुंडा बोसेन मुंडा, सुकलाल किसकु, बबलू मुर्मू, नूना राम हांसदा, गांव गणराज्य अध्यक्ष बलराम सरदार सहित आदिवासी परंपरागत स्वशासन व्यवस्था से जुड़े कई पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।

पेसा नियमावली 2025 को लेकर झारखंड में कानूनी बहस तेज

पेसा नियमावली 2025 को लेकर झारखंड में कानूनी बहस तेज

झारखंड सरकार द्वारा बहुप्रतीक्षित पेसा नियमावली–2025 को अधिसूचित किए जाने के बाद इसके समर्थन और विरोध में राज्यभर में बहस शुरू हो गई है। यह नियमावली झारखंड पंचायत राज अधिनियम–2001 (जेपीआरए) की धारा 131(1) के तहत बनाई गई है, जिसमें सरकार को अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नियमावली बनाने का अधिकार दिया गया है।
हालांकि, इस नियमावली की वैधानिकता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जेपीआरए–2001 संविधान के भाग–9 के तहत सामान्य क्षेत्रों के लिए बना कानून है, जबकि संविधान का अनुच्छेद 243(एम) अनुसूचित क्षेत्रों में भाग–9 के प्रावधानों को लागू करने से स्पष्ट रूप से रोकता है।
आलोचकों के अनुसार, यदि अनुसूचित क्षेत्र और सामान्य क्षेत्र के कानूनों के बीच टकराव होता है, तो जेपीआरए–2001 के प्रावधान पेसा नियमावली–2025 पर हावी हो जाएंगे, जिससे पेसा नियमावली निष्प्रभावी हो सकती है।
इसके अलावा, पेसा अधिनियम–1996 की धारा 5 के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों से संबंधित कोई भी असंगत राज्य कानून केवल एक वर्ष तक ही प्रभावी रह सकता है। इस संदर्भ में जेपीआरए–2001 की धारा 1(ii) को पांचवीं अनुसूची और राष्ट्रपति आदेश–1950 के विपरीत बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद केवल एक नियमावली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संविधान, पेसा अधिनियम, पांचवीं अनुसूची और राज्य के सामान्य पंचायत कानूनों के बीच अधिकारों के टकराव का मामला है। इसे अनुसूचित क्षेत्रों में राज्य के सामान्य कानूनों को “पिछले दरवाजे से” लागू करने का प्रयास बताया जा रहा है।
यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या एक स्वतंत्र केंद्रीय कानून (पेसा अधिनियम–1996) की नियमावली, राज्य के पंचायत कानून जेपीआरए–2001 के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बनाई जा सकती है, जबकि जेपीआरए की धारा 131 केवल उसी अधिनियम के प्रयोजनों के लिए नियम बनाने की अनुमति देती है।
इस पूरे मामले ने झारखंड में पेसा कानून के वास्तविक क्रियान्वयन और आदिवासी स्वशासन के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
— बिर सिंह बिरुली
अध्यक्ष, ईचा–खरकई बांध विरोधी संघ, कोल्हान

बेतेरकिया गांव में जरूरतमंदों के बीच पप्पु गौड़ ने किया कंबल वितरण

बेतेरकिया गांव में जरूरतमंदों के बीच पप्पु गौड़ ने किया कंबल वितरण

नोवामुंडी : नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत दुधविला पंचायत के बेतेरकिया गांव में गौड़ सेवा संघ के प्रखंड अध्यक्ष एवं समाजसेवी पप्पु गौड़ ने जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नववर्ष के शुभ अवसर पर कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। ठंड बढ़ने के कारण कंबल से गरीब परिवारों को राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगे भी कंबल वितरण का यह कार्यक्रम जारी रहेगा।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: राजनगर बाईपास पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप जांच व जागरूकता अभियान

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: राजनगर बाईपास पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप जांच व जागरूकता अभियान

सरायकेला : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तीसरे दिन शनिवार को सरायकेला-खरसावां जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो के निर्देशन में राजनगर बाईपास रोड पर “शाइनिंग सेफ्टी रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप इंस्टॉलेशन” कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान भारी मोटर वाहनों में निर्धारित मानकों के अनुसार रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप की जांच की गई। साथ ही वाहनों की हेडलाइट, टेललाइट एवं अन्य प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। वाहन चालकों को रात्रि के समय दृश्यता बढ़ाने, वाहनों की नियमित तकनीकी जांच कराने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, वाहनों की बेहतर दृश्यता सुनिश्चित करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत करना है। अभियान में मोटरयान निरीक्षक दिलीप कुमार, रवि प्रसाद सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागीय टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

राजनगर के टंगरानी गांव में नाले में डूबने से युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस

राजनगर के टंगरानी गांव में नाले में डूबने से युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस

सरायकेला-खरसावां : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत टंगरानी गांव में नाले में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान टंगरानी गांव निवासी 35 वर्षीय लोधा हांसदा के रूप में हुई है।

परिजनों के अनुसार लोधा हांसदा प्रतिदिन सुबह गम्हारिया स्थित एक फैक्ट्री में काम करने जाता था। शुक्रवार को जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

खोजबीन के दौरान शनिवार दोपहर करीब दो बजे गांव के नाले में पानी के भीतर उसका शव तैरता हुआ मिला। इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सरायकेला में क्षेत्रीय गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह

सरायकेला में क्षेत्रीय गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह

सरायकेला : क्षेत्रीय गौड़ समाज महालिमोरूप का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह 4 जनवरी, रविवार को सरायकेला प्रखंड के मुरुप स्थित दैवी स्थल माता ठाकुराणी के दरबार में आयोजित होगा।
समाज के अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान ने बताया कि समारोह के दौरान माता ठाकुराणी के दरबार में पूजा अर्चना की जाएगी और समाज के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की जाएगी। इसके बाद गौड़ समाज के सर्वांगीण विकास पर चर्चा की जाएगी और गौड़ सेवा संघ के कार्यक्रम का वार्षिक कैलेंडर भी विमोचित किया जाएगा।
समारोह में गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय, जिला और प्रखंड कमेटी के पदाधिकारी अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान ने समाज के बुद्धिजीवी और क्षेत्रीय लोगों से परिवार सहित समारोह में उपस्थित होने की अपील की है।

चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह आयोजित

चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह आयोजित

चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, इंग्लिश मीडियम, पंप रोड शत्रुघ्न नगर चक्रधरपुर में सावित्रीबाई फुले की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद चन्द्र प्रधान ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर की। इस अवसर पर उन्होंने सावित्रीबाई फुले के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और कवयित्री थीं। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर महिला शिक्षा और सामाजिक समानता की नींव रखी। वर्ष 1848 में पुणे में उन्होंने पहला बालिका विद्यालय खोला और 1848 से 1852 के बीच 18 से अधिक विद्यालयों की स्थापना की।

उन्होंने विधवाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए भी कार्य किया तथा 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना कर सामाजिक समानता, जाति भेदभाव के उन्मूलन और विधवा पुनर्विवाह के लिए प्रयास किए। इसी कारण उन्हें भारत की प्रथम शिक्षिका और नारी मुक्ति की प्रतीक के रूप में जाना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान सौभीक घटक ने भी सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में जय श्री दास, मीना कुमारी, भारती कुमारी, चांदनी जोंको और जयंती तांती का सराहनीय योगदान रहा।

जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर चाईबासा में कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, आदिवासी अधिकारों में योगदान को किया याद

जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर चाईबासा में कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, आदिवासी अधिकारों में योगदान को किया याद

चाईबासा : झारखंड की माटी के लाल, संविधान सभा के सदस्य एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के अवसर पर शनिवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेसजनों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा आदिवासियों की सशक्त आवाज थे और उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड आंदोलन को दिशा देने के साथ-साथ संविधान सभा में देशभर के आदिवासियों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. बलमुचू ने बताया कि जयपाल सिंह मुंडा का मानना था कि आदिवासी समाज में सबसे मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था देखने को मिलती है, जहां अमीर और गरीब सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने संविधान सभा में विशेष प्रावधानों के माध्यम से आदिवासियों को संरक्षण देने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की वकालत की थी। अपने ऐतिहासिक भाषण में उन्होंने आदिवासियों को प्रथम श्रेणी का भारतीय नागरिक बताया था।
कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई, प्रवक्ता त्रिशानु राय, महासचिव कैरा बिरुवा, अविनाश कोड़ाह, सचिव जानवी कुदादा, मोहन सिंह हेम्ब्रम, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मायाधर बेहरा, प्रखंड अध्यक्ष राहुल पुरती सहित कई कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।