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जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में जेएसएलपीएस योजनाओं को गति देने के निर्देश

जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में जेएसएलपीएस योजनाओं को गति देने के निर्देश

चाईबासा: उप विकास आयुक्त एवं सहायक समाहर्ता की उपस्थिति में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी प्रखंडों के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक तथा जिला स्तर की तकनीकी टीम मौजूद रही।

बैठक में चाईबासा एवं चक्रधरपुर में स्वीकृत पलाश मार्ट की वर्तमान स्थिति, जिले के प्रत्येक गांव में स्वयं सहायता समूहों के क्रियान्वयन, तथा डीएमएफटी के माध्यम से जेएसएलपीएस को दिए गए प्रोजेक्ट्स के संचालन एवं वित्तीय संयोजन की समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देश दिया गया कि जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों और जिला समाहरणालय में पलाश दीदी कैफे की स्थापना एवं संचालन सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा जिले के विभिन्न आवासीय विद्यालय परिसरों की खाली जमीन पर नियमित सब्जी खेती शुरू करने तथा चयनित प्रखंडों में मसाला खेती के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वयं सहायता समूहों का चयन करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में बताया गया कि जेएसएलपीएस के तहत महिला आजीविका को सशक्त बनाना मुख्य उद्देश्य है। जिले में कुल 75 सीएलएफ और 15,609 स्वयं सहायता समूह गठित हैं, जिनमें से 14,473 समूहों को प्रथम किस्त का आर्थिक संयोजन दिया जा चुका है। निर्देश दिया गया कि इन समूहों द्वारा संचालित आर्थिक गतिविधियों की सूची तैयार की जाए।

साथ ही प्रत्येक पंचायत में 20 से 25 स्वयं सहायता समूहों का चयन कर समूह आधारित आर्थिक गतिविधि तय करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निर्देश दिया गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक को इन सभी बिंदुओं से संबंधित प्रतिवेदन 21 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

धोलाबनी गांव में ग्राम सभा संपन्न, सर्वसम्मति से जगन्नाथ महली बने ग्राम मुंडा

धोलाबनी गांव में ग्राम सभा संपन्न, सर्वसम्मति से जगन्नाथ महली बने ग्राम मुंडा

पश्चिमी सिंहभूम : सोनुआ प्रखंड के गोलमुंडा पंचायत अंतर्गत धोलाबनी गांव में मंगलवार को ग्राम सभा का आयोजन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक वातावरण में किया गया। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से श्री जगन्नाथ महली को ग्राम मुंडा के रूप में चयनित किया।

ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि नए ग्राम मुंडा के नेतृत्व में गांव के समग्र विकास को गति मिलेगी तथा आदिवासी समाज के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के साथ सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

ग्राम मुंडा चयनित होने के बाद श्री जगन्नाथ महली ने ग्राम सभा और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को किसी पद का अधिकारी नहीं, बल्कि गांव का सेवक मानते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संविधान, पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत रहकर जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी जनहित के मुद्दों पर ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे। साथ ही ग्राम सभा को सशक्त बनाने और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

ग्राम सभा का समापन शांति, भाईचारे और एकता के संदेश के साथ हुआ। मौके पर पंचायत मुखिया संजीव कुमार कंडियांग, उप मुखिया राजू बेसरा, सहिया सोनामनी महली, जल सहिया पुनी धोबा, शिक्षक दशरथ महतो सहित कई ग्रामीण और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।

नक्सल प्रभावित चम्पावा पंचायत में 150 जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण

नक्सल प्रभावित चम्पावा पंचायत में 150 जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण

बंदगांव : नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम जंगल क्षेत्र स्थित चम्पावा पंचायत भवन में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया गया। पंचायत की मुखिया कानू तैसुन, पंचायत समिति सदस्य फुलमुनी मुंडरी एवं पंचायत सचिव पूजा कुमारी के नेतृत्व में करीब 150 गरीब और असहाय लोगों को कंबल प्रदान किए गए।
इस मौके पर मुखिया कानू तैसुन ने कहा कि पंचायत का प्रयास है कि जंगल क्षेत्र में रहने वाले वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक ही कंबल पहुंचे। उन्होंने बताया कि चम्पावा पंचायत के सभी गांव घने जंगल क्षेत्र में स्थित हैं, जहां ठंड के मौसम में अत्यधिक ठंड पड़ती है। इससे लोग बीमार हो जाते हैं और कई बार जान का खतरा भी बना रहता है। इसी को देखते हुए समय पर कंबल वितरण किया जा रहा है।
कार्यक्रम में रोजगार सेवक सुनील सरदार, एतवा बोरजो, संजय कंडिर, श्याम पूर्ति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा : कांग्रेस भवन, चाईबासा में सोमवार को कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष स्वर्गीय अशोक कुमार जैन की जयंती के अवसर पर कांग्रेसजनों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
बताया गया कि स्वर्गीय अशोक कुमार जैन ने जिला कांग्रेस कमेटी, पश्चिमी सिंहभूम में विभिन्न पदों पर रहकर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि स्वर्गीय जैन एक समाजसेवी और खेल प्रेमी थे। आम जनता और कांग्रेस पार्टी उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी नहीं भूल सकती। वे सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष मो. सलीम, एससी विभाग कोल्हान प्रभारी सूरज मुखी, युवा कांग्रेस जिला महासचिव गुलजार अंसारी, मंडल अध्यक्ष विनीत लागुरी, वरीय कांग्रेसी सुनीता सावैयां, अजय कुमार, राकेश सिंह, मो. अरसलाम सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पश्चिमी सिंहभूम: स्पॉन्सरशिप–फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक संपन्न

पश्चिमी सिंहभूम: स्पॉन्सरशिप–फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक संपन्न

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप–फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य मो. शमीम, संरक्षण अधिकारी डॉ. कृष्णा कुमार तिवारी सहित बाल गृह एवं गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण योजना के तहत स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 117 जरूरतमंद बच्चों तथा बाल देखरेख संस्थान के 3 बच्चों को फोस्टर केयर योजना के तहत 2 उपयुक्त परिवारों में बेहतर पालन-पोषण के लिए रखने की स्वीकृति दी।

उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत लाभुक बच्चों को ₹4000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कठिन परिस्थितियों में रहने वाले अधिक से अधिक बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जाए, ताकि बच्चों को बाल तस्करी, बाल श्रम और पलायन जैसे जोखिमों से बचाया जा सके।

बैठक में फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत इच्छुक परिवारों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक मिशन वात्सल्य योजना के तहत स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम में 337 बच्चों को लाभ दिया जा चुका है, जबकि फोस्टर केयर योजना के माध्यम से 14 बच्चों को परिवार आधारित देखभाल से जोड़ा गया है। उपायुक्त ने सभी लाभुक बच्चों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डीडीसी रीना हांसदा ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, 15 दिनों में सुधार के निर्देश

डीडीसी रीना हांसदा ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, 15 दिनों में सुधार के निर्देश

सरायकेला-खरसावां : उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रीना हांसदा ने सोमवार को पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश भी उपस्थित थे।
निरीक्षण के क्रम में कार्यालय में संधारित पंजी एवं संचिकाओं की स्थिति, कार्यों के आवंटन की व्यवस्था, साफ-सफाई तथा दैनिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। जांच के दौरान अभिलेख संधारण, कार्य निष्पादन प्रक्रिया एवं आंतरिक व्यवस्था में कई कमियां पाई गईं।
डीडीसी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी पंजी एवं संचिकाओं का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कार्यालय में कार्यों का स्पष्ट एवं उत्तरदायित्व आधारित आवंटन करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा अनुशासित, जवाबदेह और कार्योन्मुखी कार्यसंस्कृति विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों को 15 दिनों के भीतर दूर करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही यह भी बताया कि निर्धारित अवधि के बाद निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।

सरायकेला-खरसावां में “Protect Today, Secure Tomorrow” अभियान के तहत पर्यावरणीय विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित

सरायकेला-खरसावां में “Protect Today, Secure Tomorrow” अभियान के तहत पर्यावरणीय विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित

नालसा : नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सरायकेला-खरसावां रमाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में सोमवार को जिले में “Protect Today, Secure Tomorrow” शीर्षक से पैन-इंडिया पर्यावरणीय विधिक साक्षरता एवं सामुदायिक संरक्षण पहल के तहत जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।
इस पहल का मुख्य कार्यक्रम अर्का जैन विश्वविद्यालय, गम्हरिया में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिलीप कुमार शॉ, मुख्य एलएडीसी सरायकेला-खरसावां एवं विधि संकाय के अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, विधि संकाय के छात्र तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिलीप कुमार शॉ ने NALSA, नई दिल्ली की कॉन्सेप्ट नोट एवं इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय विधिक साक्षरता न केवल वर्तमान समय की आवश्यकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक संरक्षण तभी संभव है जब समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरणीय कानूनों और उनके पालन की जानकारी हो।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। छात्रों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम को प्रभावी बनाया गया। इस पहल से सामुदायिक स्तर पर जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा मिला, जिससे भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में समाज अधिक सक्षम होगा।

पश्चिमी सिंहभूम में हाथी का कहर, महिला की मौत

पश्चिमी सिंहभूम में हाथी का कहर, महिला की मौत

पश्चिमी सिंहभूम : गोईलकेरा थाना क्षेत्र में हाथी का आतंक लगातार जारी है। बिला पंचायत अंतर्गत बिला गांव के वनग्राम मिस्त्रीबेड़ा में रविवार देर रात एक दंतैल हाथी ने 50 वर्षीय महिला को कुचलकर मार डाला। मृतका की पहचान जोंगा लागुरी (50), पति चंद्र मोहन लागुरी के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, बीते कई दिनों से यह दंतैल हाथी बिला गांव और आसपास के इलाकों में घूम रहा था। रविवार रात हाथी के गांव के पास पहुंचते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागने लगे। इसी दौरान जोंगा लागुरी हाथी की चपेट में आ गई। हाथी ने महिला को पकड़कर पैरों से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

सोमवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया है और पिछले पांच दिनों में अब तक छह लोगों की जान ले चुका है, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग हाथी को आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रहा है और ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में घर से बाहर न निकलने तथा हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

झारखंड में बढ़ती ठंड के बीच स्कूलों में अवकाश

झारखंड में बढ़ती ठंड के बीच स्कूलों में अवकाश

रांची : झारखंड में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के आदेश के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक विद्यालयों में प्री-नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की कक्षाएं 6 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के लिए अवकाश रहेगा, लेकिन सरकारी स्कूलों के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे और गैर-शैक्षणिक कार्य करेंगे। साथ ही, यदि इस अवधि में किसी स्कूल में पूर्व निर्धारित प्री-बोर्ड परीक्षाएं हैं, तो संबंधित अधिकारी अपने विवेक से उनका संचालन कर सकते हैं।

सरायकेला-खरसावां: फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक जिज़ेल बुसों ईचा में स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों से हुई अवगत

सरायकेला-खरसावां: फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक जिज़ेल बुसों ईचा में स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों से हुई अवगत

सरायकेला-खरसावां : राजनगर प्रखंड स्थित ईचा गांव में सोमवार को फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक जिज़ेल बुसों का भव्य स्वागत किया गया। उनका स्वागत ईचा राजपरिवार के सदस्यों राजेश्वर सिंहदेव और छऊ गुरु तपन पटनायक ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित कर किया।
श्रीमती बुसों ने ईचा राजमहल (पैलेस) और लगभग 250 वर्ष पुराने श्री रघुनाथ मंदिर का दौरा किया। उन्होंने मंदिर की प्राचीनता और ईचा की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का निकट से अवलोकन किया। इसके अलावा, उन्हें ईचा छऊ नृत्य का प्रदर्शन देखने का अवसर भी मिला, जिसने उन्हें बेहद प्रभावित किया।
जिज़ेल बुसों ने ईचा की संस्कृति, इतिहास और मंदिर की प्राचीनता की सराहना की और राजपरिवार के आतिथ्य को अविस्मरणीय अनुभव बताया।
ईचा राजपरिवार के सदस्य राजेश्वर सिंहदेव ने कहा कि विदेशी अतिथि की यह यात्रा ईचा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने में मदद करेगी। इस दौरान राजेश्वर सिंहदेव, छऊ गुरु तपन पटनायक, बैधनाथ सिंहदेव, जितेश सिंहदेव और मलवीर सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।