चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित फलों के विपणन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को सदर अनुमंडल कार्यालय के द्वितीय प्रवेश द्वार पर दूसरे आम बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्ता जीतराय मुर्मू, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट बदलाव के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) के समन्वित प्रयासों से संचालित इस पहल का उद्देश्य किसानों एवं लाभुकों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान खूंटपानी प्रखंड की पूर्णिया पंचायत की बिरसा हरित ग्राम योजना की लाभुक सुनीता होनहागा ने अपने बागान में उत्पादित आमों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाया।
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अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी तथा किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट बदलाव के तहत जेएसएलपीएस की सहभागिता से किसानों को उत्पादन के साथ-साथ विपणन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी प्रभावी कार्य किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने तथा स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
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इस अवसर पर सहायक जिला परियोजना पदाधिकारी विवेक कुमार पाढ़ी, जिला आजीविका प्रबंधक पलाश भरत राठौर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
सरायकेला । समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा नई योजनाओं के चयन और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।
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बैठक में खरसावां विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा सहित शासी परिषद के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, विद्यालयों की आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण, कृषि एवं आजीविका संवर्द्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
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परिषद के सदस्यों ने जिले में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, शव वाहनों की संख्या बढ़ाने, बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को पुनः संचालित करने तथा जर्जर आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने संबंधित विभागों को प्राप्त सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि डीएमएफटी निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, कौशल विकास एवं आजीविका संवर्द्धन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि स्थानीय समुदायों को अधिकतम लाभ मिल सके।
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बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही परिषद के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर भावी कार्ययोजना एवं विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
सरायकेला | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने साहिबगंज स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर भी उपस्थित रहीं।
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निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध आवासीय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने वृद्धजनों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही, बढ़ती गर्मी को देखते हुए कूलर, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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उपायुक्त ने वृद्धाश्रम परिसर में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा की जा रही फल एवं सब्जी की खेती का भी अवलोकन किया और उनके आत्मनिर्भरता के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को नियमित रूप से वृद्धाश्रम का भ्रमण कर आवश्यक बीज, कृषि सामग्री एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा कृषि गतिविधियों को और प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
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इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और स्वस्थ जीवन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूत बनाते हैं।
रांची | झारखंड के 200 से अधिक आदिवासी, मूलवासी, जन संगठनों के प्रतिनिधियों, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त वक्तव्य जारी कर राज्यवासियों से 9 जून को धरती आबा बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर जन कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की है। अपील में कहा गया है कि इस दिन आदिवासी संस्कृति, संघर्ष और उलगुलान की विरासत को याद करते हुए राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा बिरसा मुंडा की विरासत को आरएसएस, जनजाति सुरक्षा मंच और वनवासी कल्याण आश्रम जैसे संगठनों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे वैचारिक हस्तक्षेप से बचाने का संकल्प लिया जाए।
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संयुक्त अपील पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, पूर्व विधायक बहादुर उरांव और मंगल सिंह बोबोंगा, ज्योत्सना केरकेट्टा, देवकीनंदन बेदिया, कुमारचंद्र मार्डी, डेमका सोय, रमेश जराई, रजनी मुर्मू, सुखनाथ लोहरा, दुर्गावती उरांव, अलोका कुजूर, बिंसाय मुंडा, हरी कुमार भगत, कालीचरण बिरुवा, दिनेश मुर्मू, साधु हो, जयकिशन गोडसोरा और वासवी किड़ो सहित अनेक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षाविद एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रमुख हस्ताक्षरों में जसिन्ता केरकेट्टा, जोसेफ बाड़ा, अनुज लुगुन और नीतीश खलखो के नाम भी शामिल हैं।
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अपील का समर्थन करने वाले संगठनों में अखिल भारतीय आदिवासी विकास समिति, गाँव गणराज्य परिषद, सरना सगोम समिति (खूंटी), आदिवासी संघर्ष मोर्चा, आदिवासी मूलवासी अधिकार मंच (बोकारो), भारत जकत माझी परगना महल (रामगढ़), पारंपरिक ग्राम सभा समन्वय समिति (खूंटी), आदिवासी अधिकार मंच, मानकी-मुंडा स्वशासन व्यवस्था (पश्चिमी सिंहभूम), आदिवासी हो समाज सेवानिवृत्त संगठन (चाईबासा), आदिवासी आंदोलनकारी मोर्चा, आदिवासी समन्वय समिति, बिरसा सेना, आदिवासी एकता मंच, मुंडा आदिवासी समाज महासभा, संयुक्त ग्राम सभा, युवा झुमुर, झारखंड जनाधिकार महासभा, जोहार, ओमोन महिला संगठन और झारखंड जनतांत्रिक महासभा सहित कई संगठन शामिल हैं।
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वक्तव्य में यह भी उल्लेख किया गया है कि आदिवासी अधिकारों के मुद्दों पर कार्यरत राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों, जैसे नंदिनी सुंदर, बेला भाटिया, प्रफुल्ल समंतरा और ईश्वर आहिरे ने भी इस अपील का समर्थन किया है। संयुक्त अपील में 24 मई 2026 को दिल्ली में आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं, विशेषकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, ने आदिवासियों को बार-बार “वनवासी” कहकर संबोधित किया। वक्तव्य में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम में बिरसा मुंडा के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष तथा शोषण के विरुद्ध उनके आंदोलन का उल्लेख नहीं किया गया।
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अपील जारी करने वालों का कहना है कि आरएसएस और उससे जुड़े संगठन “आदिवासी” शब्द के बजाय “वनवासी” शब्द का प्रयोग करते हैं और आदिवासी समाज की स्वतंत्र पहचान को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। वक्तव्य में आरोप लगाया गया है कि “सरना-सनातन एक” जैसे नारों के माध्यम से आदिवासियों की अलग सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को समाप्त करने तथा ईसाई आदिवासियों की डिलिस्टिंग की मांग के जरिए आदिवासी समाज की एकजुटता को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। वक्तव्य में कहा गया है कि बिरसा मुंडा का उलगुलान जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा औपनिवेशिक शासन एवं शोषणकारी शक्तियों के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक था, जिसने झारखंड आंदोलन की वैचारिक नींव रखी। अपीलकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संघ परिवार और उससे जुड़े संगठन इस इतिहास की नई व्याख्या प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं। संयुक्त वक्तव्य में पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) में संशोधन के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है। वक्तव्य में कहा गया है कि आदिवासी स्वायत्तता, जल-जंगल-जमीन से जुड़े संवैधानिक अधिकारों तथा सरना धर्म को अलग धार्मिक कोड के रूप में मान्यता देने जैसी मांगों के प्रति भी विरोध का रुख अपनाया गया है। अपील के अंत में आदिवासियों, मूलवासियों, झारखंडियों और आदिवासियत समर्थकों से आह्वान किया गया है कि वे 9 जून को बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उनकी विरासत, संघर्ष और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करें तथा उनकी ऐतिहासिक विरासत की रक्षा के लिए एकजुट हों।
चाईबासा | अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव एवं झारखंड के सह प्रभारी डॉ. सिरिबेला प्रसाद की माता सिरिबेला सुनीता जॉन प्रसाद का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन पर गुरुवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में शोक सभा का आयोजन किया गया।
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शोक सभा में उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही ईश्वर से प्रार्थना की गई कि शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
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वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सिरिबेला सुनीता जॉन प्रसाद एक समर्पित शिक्षिका थीं। उन्होंने अपने ज्ञान, संस्कार और सेवा भाव से न केवल विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया, बल्कि समाज में भी विशिष्ट सम्मान और पहचान अर्जित की। उनके निधन को शिक्षा जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया।
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शोक सभा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई, जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, पूर्व जिला सचिव जगदीश सुंडी, संतोष सिन्हा, अजीत कांडेयांग, सूरज सुंडी, हरिचंद्र सोय, सनातन सावैयाँ, संजय नाथ, सुशील दास, जंबल सुंडी, राहुल पान सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।
सरायकेला । समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिले के आकांक्षी प्रखंडों—सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में संचालित आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन तथा आधारभूत संरचना विकास सहित विभिन्न प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
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समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा उप स्वास्थ्य केंद्रों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी गतिविधियों के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया।
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बैठक में विभिन्न विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रैंकिंग में सुधार करना नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक बदलाव लाना है।
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उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, क्षेत्रीय भ्रमण तथा लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित पोर्टलों पर अद्यतन आंकड़ों को समय पर अपलोड करने पर भी बल दिया। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सतत सुधार के लिए समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने की आवश्यकता बताई।
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बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, उप निदेशक आत्मा विजय कुमार सिंह, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी, सीडीपीओ, ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
चाईबासा | कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के सम्मेलन कक्ष में बुधवार को शैक्षणिक परिषद (Academic Council) की 44वीं बैठक कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों के हित, नई शिक्षा नीति (NEP)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय स्नातक (यूजी) नामांकन के लिए आवेदन शुल्क में भारी कटौती का रहा। परिषद ने आवेदन शुल्क को ₹100 से घटाकर प्रति विषय, प्रति महाविद्यालय ₹25 करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता की पहल पर किए गए इस निर्णय से शुल्क में 75 प्रतिशत की कमी आई है। इससे विद्यार्थियों को अपनी पसंद के विषयों में प्रवेश के लिए अधिक संख्या में महाविद्यालयों में आवेदन करने का अवसर मिलेगा तथा उन पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रथम सेमेस्टर से लेकर छठे सेमेस्टर तक उत्तीर्ण सभी विद्यार्थी स्नातकोत्तर (पीजी) सत्र 2025-27 में नामांकन के लिए चांसलर पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, द्विवर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनर्स (Honours) की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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परिषद ने सभी संबद्ध एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्यों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) तथा आरक्षित श्रेणी (SC/ST/OBC) के विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे शैक्षणिक सत्र 2025-30 में नामांकन के लिए समय रहते अपने आवासीय, आय एवं जाति प्रमाण-पत्र तैयार कर लें। परिषद ने स्पष्ट किया कि नामांकन प्रक्रिया में प्रस्तुत किए जाने वाले सभी प्रमाण-पत्र झारखंड सरकार के सक्षम पदाधिकारी द्वारा निर्गत एवं वैध होने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए स्नातक नामांकन प्रक्रिया, FYUGP के अंतर्गत सेमेस्टर-3 एवं सेमेस्टर-5 के प्रवेश दिशा-निर्देशों तथा पीजी सत्र 2025-27 में नामांकन से संबंधित विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2020 के नियमों के आलोक में विभिन्न विषयों की कोडिंग (Subject Coding) से जुड़े मामलों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
शैक्षणिक परिषद ने 42वीं एवं 43वीं परिषद बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि करते हुए उनके अनुपालन प्रतिवेदनों को अनुमोदित किया। बैठक में नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न पाठ्यक्रमों के संचालन, परीक्षा व्यवस्था तथा अन्य शैक्षणिक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान विभिन्न शैक्षणिक प्रस्तावों को अधिष्ठाता (एकेडमिक) डॉ. संजय यादव ने परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया तथा संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। शैक्षणिक परिषद के सदस्यों, अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विद्यार्थियों के हित में लिए गए इन निर्णयों का स्वागत किया। कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित यह बैठक विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध वातावरण तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कुचाई | जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग ने कुचाई थाना क्षेत्र के जिलिंग्दा गांव में सघन छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान चार अवैध महुआ चुलाई भट्टियों को ध्वस्त कर दिया गया तथा भारी मात्रा में अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई।
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उत्पाद विभाग को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को की गई इस छापेमारी में करीब 1300 किलोग्राम जावा महुआ और 30 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब बरामद की गई। बरामद सामग्री को जब्त करने के बाद नियमानुसार नष्ट कर दिया गया।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान चिन्हित अवैध चुलाई अड्डों के संचालकों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अभियान के दौरान क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार से जुड़े अन्य संभावित ठिकानों की भी जांच की गई।
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जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी लगातार और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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प्रशासन के अनुसार, अवैध शराब का कारोबार जनस्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। इसी को देखते हुए जिले में इसके विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
चाईबासा | सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी कई पात्र परिवार इन योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ऐसा ही मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड अंतर्गत भागाबिला पंचायत के बरकीमारा गांव से सामने आया है। गांव की सुनीता पूर्ति के पास घर के नाम पर केवल मिट्टी की जर्जर दीवारें ही बची हैं, जबकि योगेंद्र बिरूवा आज भी मिट्टी और पुआल से बने कच्चे मकान में रहने को विवश हैं। बरसात के दिनों में उनके घरों की छत से पानी टपकता है, जिससे परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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इस संबंध में जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि यदि सरकार की योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हो, तो गरीब एवं पात्र परिवारों को आवास का लाभ आसानी से मिल सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर आयोजित सरकारी शिविरों और कार्यक्रमों में ग्रामीण विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन कई बार ये शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि सुनीता पूर्ति और योगेंद्र बिरूवा को अब तक न तो राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना का लाभ मिला है और न ही केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का। दोनों परिवार अत्यंत जर्जर और असुरक्षित आवासों में जीवन यापन कर रहे हैं।
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माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि इन दोनों पात्र लाभुकों को आवास योजना से जोड़ने की मांग जल्द ही पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त के समक्ष रखी जाएगी, ताकि उन्हें शीघ्र पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।
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वहीं ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की आवास योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचना चाहिए, ताकि कोई भी परिवार जर्जर एवं असुरक्षित घरों में रहने को मजबूर न रहे।
चक्रधरपुर | भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय बैठक गुरुवार को स्थानीय वन विश्रामागार में जिला अध्यक्ष गुरुचरण नायक की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जाने वाले ‘12 साल बेमिसाल’ अभियान तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि दोनों विधानसभा क्षेत्रों के सभी मंडलों एवं बूथों पर इन कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। जिला अध्यक्ष गुरुचरण नायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि ‘12 साल बेमिसाल’ अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। वहीं ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक कार्यकर्ता पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा।
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उन्होंने सभी मंडल अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने का आह्वान किया। भाजपा नेता अशोक षाड़ंगी ने कहा कि पार्टी का संगठन बूथ स्तर तक मजबूत है और आगामी कार्यक्रमों को जनभागीदारी के साथ सफल बनाना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ सम्मान का भी संदेश देता है।
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वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. विजय सिंह गागराई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के कल्याण के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया।
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बैठक में पूर्व विधायक शशि सामड, कराईकेला मंडल अध्यक्ष सुशांत मंडल, चक्रधरपुर मंडल अध्यक्ष दुर्योधन प्रधान, नगर अध्यक्ष अनूप दुबे, टोकलो मंडल अध्यक्ष कांडे पड़िया, गोईलकेरा मंडल अध्यक्ष हरिचरण बाहंदा, सोनुवा मंडल अध्यक्ष निशांत महतो सहित सातों प्रखंडों के बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।