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चाईबासा में कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

चाईबासा में कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

चाईबासा: कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस रविवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद वंदे मातरम, झंडा ऊंचा रहे हमारा और राष्ट्रगान का सस्वर पाठ किया गया।

इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नफरत, अन्याय और तानाशाही के खिलाफ सत्य, साहस और संविधान की रक्षा की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि कांग्रेस की स्थापना आम जनता के हितों की रक्षा के लिए की गई थी। ब्रिटिश शासन के दौरान कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और स्वतंत्रता के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में देश के विकास के लिए बहुआयामी योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास गौरवशाली रहा है और पार्टी के नेताओं ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज है, जो हमेशा कमजोर, वंचित और मेहनतकश लोगों के साथ खड़ी रही है।

स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों के आवासों पर भी कांग्रेस का झंडा फहराया गया।

कार्यक्रम में जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, सचिव जानवी कुदादा, अधिवक्ता पूनम हेम्ब्रम, सोशल मीडिया चेयरमैन रवि कच्छप, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, महासचिव बिट्टू सिंह, वरीय कांग्रेसी संतोष सिन्हा, अजय कुमार, राकेश सिंह, कार्यालय सचिव सुशील दास, मो. रहमतुल्ला, विजय नायक सहित अन्य कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पेसा कानून को राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी

पेसा कानून को राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी

चाईबासा : राज्य कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को मंजूरी दिया जाना एक ऐतिहासिक कदम बताया गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प० सिंहभूम जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्वजों के सपनों को साकार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पेसा कानून लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और ग्राम सभाएं सशक्त होंगी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ आदिवासी समाज की परंपरा, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक मान्यताओं का संरक्षण सुनिश्चित होगा। साथ ही जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
पेसा कानून की मंजूरी पर पूरे राज्य में खुशी का माहौल है। इसी क्रम में 27 दिसंबर 2025 को चाईबासा के जैन मार्केट चौक में झामुमो कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर और लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सहित पूरे राज्य कैबिनेट के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

मनरेगा समाप्त करने के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मनरेगा समाप्त करने के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

चाईबासा : भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा देश की महत्वाकांक्षी रोजगार योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त किए जाने के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध जताया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 27 दिसंबर 2025 को झामुमो द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में झामुमो जिला समिति के तत्वावधान में जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले को जनविरोधी, गरीब विरोधी और श्रम विरोधी बताया।
जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि मनरेगा पिछले दो दशकों से ग्रामीण आजीविका की मजबूत आधारशिला रहा है, जिसने ग्रामीण मजदूरों को काम का कानूनी अधिकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से आदिवासियों, मूलवासियों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के हित में बने कानूनों को समाप्त कर उनके अधिकार छीन रही है।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत उपायुक्त के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें श्रम विरोधी एवं गरीब विरोधी VB-G RAM G कानून 2025 को विलोपित करने हेतु केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन में भुवनेश्वर महतो, राहुल आदित्य, इकबाल अहमद, दीपक कुमार प्रधान, विकास गुप्ता, अकबर खान, प्रेम मुंडरी, रामलाल मुंडा, मिथुन गागराई, निसार हुसैन, विनय प्रधान, विश्वनाथ बाड़ा, बंधना उरांव, प्रेम गुप्ता, सनातन पिंगुवा, मंजीत हांसदा, राहुल तिवारी, सतीश सुंडी सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा जिला कार्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मनाई गई

भाजपा जिला कार्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मनाई गई

चाईबासा : भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजू पांडे ने की। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को याद किया। जिला अध्यक्ष संजू पांडे ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के महान नेता थे, जिनके विचार और आदर्श आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

वक्ताओं ने उनके कार्यकाल में देश को परमाणु शक्ति बनाने, सड़क व कनेक्टिविटी के क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों तथा लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक गीता बालमुचू, उपाध्यक्ष बबलू शर्मा, महामंत्री प्रताप कटियार, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन टीयू, नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार सहित कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

झारखंड में PESA नियमावली 2025 को मंजूरी, लेकिन पारदर्शिता पर उठे सवाल

झारखंड में PESA नियमावली 2025 को मंजूरी, लेकिन पारदर्शिता पर उठे सवाल

‎झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने 23 दिसंबर 2025 को मंत्रिपरिषद की बैठक में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 (PESA Rules 2025) को मंजूरी प्रदान की है। यह फैसला PESA Act 1996 (प्रावधान ऑफ द पंचायत्स (एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरियाज) एक्ट, 1996) के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण कदम है,जो लगभग 29 वर्ष पुराने केंद्रीय कानून को झारखंड में प्रभावी बनाने की दिशा में लंबे इंतजार को समाप्त करता है। राज्य में 2000 में गठन के बाद भी यह नियमावली लंबित रही है और झारखंड हाईकोर्ट के दबाव (विशेषकर contempt proceedings की चेतावनी) के बाद यह मंजूरी मिली है।


‎सरकार के अनुसार यह नियमावली PESA Act 1996 के मूल प्रावधानों के अनुरुप बनाई गई है,जिसमें कोई प्रमुख कटौती नही की गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे “जनता को समर्पित” बताया और कहा कि यह झारखंड के 25 वर्ष पूरे होने पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित है। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि नियमावली PESA के सभी प्रमुख प्रावधानों को शामिल करती है,इसके साथ ही स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखा गया है। इसमें कहा जा रहा है कि पेसा नियमावली में माइनर संशोधनों के साथ सभी मूल प्रावधान रखा गया है और ग्राम सभा को निर्णायक भूमिका दी गई है।


‎PESA Act 1996 के मूल प्रावधान (केंद्रीय कानून के मुख्य बिंदु)
‎PESA Act 1996, 24 दिसंबर 1996 को पारित हुआ,जो संविधान की पांचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के क्षेत्रों में पारंपरिक ग्राम सभा को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। यह पंचायती राज (73वें संशोधन) को अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार देता है,लेकिन कुछ संशोधनों के साथ। मुख्य प्रावधान धारा 4 में हैं।
‎धारा 4(a) – राज्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की परंपरागत अधिकारों और स्व-शासन व्यवस्था को मान्यता दें।
‎धारा 4(d) -ग्राम सभा प्राकृतिक संसाधनों (जल, जंगल, जमीन) के प्रबंधन,संरक्षण और उपयोग में केंद्रीय भूमिका निभाए।
‎धारा 4(e)- ग्राम सभा को लघु वन उपज (Minor Forest Produce – MFP) पर स्वामित्व और नियंत्रण।
‎धारा 4(i)-ग्राम सभा की पूर्व सहमति (prior consent) या परामर्श आवश्यक।
‎भूमि अधिग्रहण या पुनर्वास।
‎खनन पट्टे (mining leases)।
‎लघु खनिज (minor minerals)।
‎जल संसाधन प्रबंधन।
‎स्थानीय बाजार,शराब,नशीले पदार्थों पर नियंत्रण।
‎धारा 4(m)- ग्राम सभा को
‎विकास योजनाओं की पहचान,अनुमोदन और कार्यान्वयन।
‎लाभार्थियों का चयन।
‎सामाजिक-आर्थिक योजनाओं की निगरानी।
‎पारंपरिक विवाद समाधान।
‎धारा 4(n)-ग्राम सभा को पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक-आर्थिक प्रथाओं के अनुसार कार्य करने की छूट।
‎अन्य: ग्राम सभा को स्थानीय संस्थाओं पर नियंत्रण, और भूमि हस्तांतरण पर रोक (non-tribals को रोक)।
‎ये प्रावधान आदिवासी समुदायों को जल-जंगल-जमीन (Jal-Jangal-Jameen) पर नियंत्रण देते हैं, जो झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
‎झारखंड PESA नियमावली 2025 में मूल प्रावधानों की स्थिति समाचार स्रोतों और सरकारी बयानों के आधार पर झारखंड की 2025 नियमावली PESA 1996 के मूल प्रावधानों को काफी हद तक बनाए रखती है। इसमें अभी तक कोई बड़ा प्रावधान हटाने की रिपोर्ट नही है।
‎मुख्य बिंदु ।
‎ग्राम सभा को निर्णायक अधिकार ।
‎खनन,भूमि अधिग्रहण,वन भूमि उपयोग,लघु खनिज,जल संसाधन प्रबंधन में पूर्व सहमति अनिवार्य। कोई बड़ा निर्णय ग्राम सभा की सहमति के बिना नही होगी।
‎लघु वन उपज पर नियंत्रण- ग्राम सभा को MFP पर स्वामित्व और प्रबंधन का अधिकार।
‎भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास-ग्राम सभा की पूर्व सहमति या परामर्श आवश्यक। गैर-आदिवासियों को भूमि हस्तांतरण पर रोक और धोखाधड़ी से ली गई भूमि वापसी का प्रावधान।
‎विकास योजनाएं- ग्राम सभा को योजनाओं की पहचान,अनुमोदन,लाभार्थी चयन और निगरानी का अधिकार। सरकारी योजनाओं में ग्राम सभा की प्राथमिकता।
‎पारंपरिक स्वशासन- पारंपरिक ग्राम सभा को मान्यता,रीति-रिवाजों और विवाद समाधान में छूट।
‎खनन और प्राकृतिक संसाधन- खनन पट्टे, बालू घाट आदि में ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य (हाईकोर्ट के फैसलों के अनुरुप)।
‎अन्य नशीले पदार्थों,स्थानीय बाजारों पर नियंत्रण।ग्राम सभा की सीमांकन जिला प्रशासन द्वारा।
‎ पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि नियमावली PESA Act के सभी प्रावधानों को शामिल करती है और झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001 के साथ सामंजस्य बनाया गया है (तीन-स्तरीय पंचायत चुनावों पर कोई प्रभाव नही होगा)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे “व्यापक विमर्श” के बाद बताया, जिसमें विभागीय मंतव्य और हितधारकों की राय शामिल थी।
‎ मेरा इसको लेकर पारदर्शिता का सवाल है क्यों इसकी नियमावली सार्वजनिक नही की गई।
‎ विस्तृत प्रभाव और महत्व।
‎यह नियमावली झारखंड के 13 पूर्ण और 2 आंशिक अनुसूचित जिलों (कुल 15 जिलों) में लागू होगी। यह आदिवासी समुदायों को स्वशासन की शक्ति देगी, जिससे
‎खनन और औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय विरोध कम हो सकता है,क्योंकि सहमति अनिवार्य।
‎वन और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन, गरीबी-प्रवास कम।
‎भूमि अधिकार – धोखाधड़ी वाली भूमि वापसी संभव।
‎विकास: ग्राम सभा केंद्रित योजनाएं अधिक प्रभावी।
‎यह सिर्फ कानून नही,भावना है। अधिसूचना जारी होने के बाद यह प्रभावी होगी।
‎जब तक झारखंड सरकार द्वारा पारित नियमावली पब्लिक डोमेन में नही आ जाती है स्पष्ट कुछ कहा नही जा सकता है।

‎लक्ष्मीनारायण मुंडा
‎रांची।

जामताड़ा में ज्वेलरी दुकान में सशस्त्र लूट, गोली लगने से व्यवसायी गंभीर घायल

जामताड़ा में ज्वेलरी दुकान में सशस्त्र लूट, गोली लगने से व्यवसायी गंभीर घायल

जामताड़ा : बीती देर शाम जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में एक ज्वेलरी दुकान में सशस्त्र लूट की घटना हुई। लूट के दौरान अपराधियों ने गोली चलाई, जिससे व्यवसायी बर्मन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है और उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही विधायक स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस व जिला प्रशासन को बुलाकर 24 घंटे के भीतर अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए। शहर के सभी इलाकों में सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन, वाहन मूवमेंट, टोल और बॉर्डर एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर सघन निगरानी शुरू कर दी गई है। विधायक ने जनता को भरोसा दिलाया कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खरसावां गोलीकांड के शहीद वीर डोलो मानकी सोय की स्मृति में स्मारक का होगा उद्घाटन।

खरसावां गोलीकांड के शहीद वीर डोलो मानकी सोय की स्मृति में स्मारक का होगा उद्घाटन।

सरायकेला-खरसावां : कुचाई प्रखंड अंतर्गत बंदेलोहर पंचायत के बाईडीह फुटबॉल मैदान (पंचायत भवन के सामने) में खरसावां गोलीकांड के दौरान शहीद हुए वीर शहीद डोलो मानकी सोय की स्मृति में निर्मित स्मारक का उद्घाटन किया जाएगा।
स्मारक का उद्घाटन 25 दिसंबर 2025 (गुरुवार) को दोपहर 3:00 बजे खरसावां विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं क्षेत्र के विकास पुरुष माननीय श्री दशरथ गागराई के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा।
ज्ञात हो कि 01 जनवरी 1948 को खरसावां हाट मैदान में हुए गोलीकांड में वीर शहीद डोलो मानकी सोय शहीद हुए थे। उनका जन्म वर्ष 1930 में हुआ था। वे बंदेलोहर गांव (बाईडीह), पंचायत बंदेलोहर, प्रखंड कुचाई, जिला सरायकेला-खरसावां के निवासी थे।
यह स्मारक शहीदों की स्मृति को सहेजने और आदिवासी इतिहास एवं संघर्ष को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खरसावां में राष्ट्रीय गणित दिवस पर गणित प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता का आयोजन

खरसावां में राष्ट्रीय गणित दिवस पर गणित प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता का आयोजन

खरसावां : सरायकेला-खरसावां जिले के प्लस टू राजकीय उच्च विद्यालय, खरसावां में राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर गणित प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गणितीय आकलन, नवाचार आधारित प्रदर्श, मॉडल चार्ट और गणितीय पहेलियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और गणित के प्रति रुचि दिखाई।

प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में रौनक एवं अमन ने प्रथम स्थान, निशा एवं रितु ने द्वितीय स्थान तथा मान्यता और मनीषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं सीनियर वर्ग में सुजित एवं गौरव प्रथम, रोहित एवं सिद्धार्थ द्वितीय तथा लक्ष्मी एवं अंतरा तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रधान माझी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गणित दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है और यह तार्किक व विश्लेषणात्मक सोच को विकसित करता है। डीएसए सचिव मो. दिलदार ने कहा कि जागने से लेकर सोने तक हमारे जीवन में गणित का महत्वपूर्ण योगदान है और वैज्ञानिक युग में इसका महत्व और बढ़ गया है।

कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं निशा मोदक एवं रोहित महतो ने किया। निर्णायक मंडली में रामेश्वर मुंडा, पुष्पा बाखला एवं रेणुका पथाल शामिल रहे।

पीएनबी आरसेटी सरायकेला में 30 दिवसीय मोबाइल मरम्मत प्रशिक्षण का समापन, 19 प्रशिक्षुओं को मिले प्रमाण पत्र

पीएनबी आरसेटी सरायकेला में 30 दिवसीय मोबाइल मरम्मत प्रशिक्षण का समापन, 19 प्रशिक्षुओं को मिले प्रमाण पत्र

सरायकेला : पीएनबी रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरसेटी), सरायकेला में आयोजित 30 दिवसीय मोबाइल मरम्मत प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त 19 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्थान के निदेशक उमा शंकर तांती ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मोबाइल मरम्मत आज के समय में रोजगार का एक बेहतर साधन है। उन्होंने कहा कि शहर से लेकर गांव तक मोबाइल का व्यापक उपयोग हो रहा है, जिससे इस क्षेत्र में स्वरोजगार की अच्छी संभावनाएं हैं। निदेशक ने प्रशिक्षुओं से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य गोविंद राय, दिलीप आचार्य, इंद्रजीत कैबत, द्रौपदी महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को स्वीकृति दिए जाने पर कांग्रेस ने जताई खुशी

झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को स्वीकृति दिए जाने पर कांग्रेस ने जताई खुशी

चाईबासा : पेसा दिवस की पूर्व संध्या पर झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा कानून को स्वीकृति दिए जाने पर पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस के प्रवक्ता त्रिशानु राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कैबिनेट के सभी सदस्यों एवं झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू को बधाई दी है।
बुधवार को जारी बयान में त्रिशानु राय ने कहा कि यह निर्णय हजारों वर्ष पुरानी आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को आधुनिक युग में पुनः स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी समुदायों को स्वशासन का अधिकार मिलेगा और ग्राम सभाएं और अधिक सशक्त होंगी।
उन्होंने बताया कि पेसा कानून के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग पर ग्राम सभा का नियंत्रण होगा। साथ ही विकास योजनाओं को लागू करने से पहले ग्राम सभा की स्वीकृति अनिवार्य होगी।
त्रिशानु राय ने कहा कि यह कानून आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान, रीति-रिवाजों और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करेगा। इससे अवैध भूमि अतिक्रमण पर रोक लगेगी और भूमि बहाली की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पेसा एक्ट से आदिवासी समाज का शोषण रुकेगा और वे अपने विकास की दिशा स्वयं तय कर सकेंगे।