आनंदपुर | पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने आनंदपुर प्रखंड क्षेत्र के भ्रमण के दौरान झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, आनंदपुर का निरीक्षण किया। विद्यालय परिसर में पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने उपायुक्त का स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों, कक्षों की संख्या, नामांकित एवं अध्ययनरत छात्राओं की संख्या, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा सहित छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली।

उपायुक्त ने विद्यालय के रसोईघर एवं भोजन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण मानकों का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

इसके अलावा उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

विद्यालय परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने सोलर हाई-मास्ट लाइट सहित पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही छात्राओं एवं विद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं के सुव्यवस्थित प्रदर्शन के लिए परिसर में नोटिस बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया।
छात्राओं से संवाद कर शिक्षा के लिए किया प्रेरित
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने विद्यालय की छात्राओं से संवाद भी किया। उन्होंने छात्राओं की पढ़ाई, रुचि, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके भविष्य के लक्ष्यों के संबंध में जानकारी ली।

उपायुक्त ने छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, उन्हें अपने सपनों और लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहना चाहिए।

उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए निरंतर सीखने, आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को छात्राओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, अनुशासित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने तथा उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान आनंदपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

