आनंदपुर | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने आनंदपुर प्रखंड क्षेत्र के भ्रमण के दौरान पंचायत सचिवालय, आनंदपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ‘प्रोजेक्ट प्राण’ के तहत पंचायत सचिवालय के सुदृढ़ीकरण एवं जनोपयोगी सुविधाओं के विकास से संबंधित कार्यों का जायजा लिया तथा उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय परिसर में निर्मित हैंडवॉश यूनिट, पेवर ब्लॉक, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, ज्ञान केंद्र, हेल्प डेस्क एवं प्रज्ञा केंद्र सहित विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए मंईया कक्ष तथा बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली। साथ ही स्थानीय मुखिया, पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक के लिए निर्धारित कक्षों की व्यवस्था और कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

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उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय में जेएसएलपीएस के कार्यों के संचालन के लिए पृथक कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यों के संचालन में सुविधा होगी तथा ग्रामीण महिलाओं को आवश्यक सेवाएं एवं मार्गदर्शन पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध कराया जा सकेगा।

उन्होंने पंचायत सचिवालय परिसर एवं भवन की दीवारों पर पंचायत के सभी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) संकेतकों से संबंधित जानकारी का आकर्षक एवं स्पष्ट चित्रांकन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत में संचालित विकास कार्यों, उपलब्ध संसाधनों एवं विभिन्न विकास संकेतकों की जानकारी आम नागरिकों को सहज रूप से दिखाई देनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों में जागरूकता बढ़े और पंचायत की विकास प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने वर्षा जल संचयन की व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने पंचायत सचिवालय परिसर में वर्षा जल के संरक्षण एवं उसके समुचित उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। साथ ही परिसर की स्वच्छता, जल निकासी एवं उपलब्ध नागरिक सुविधाओं के नियमित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पंचायत सचिवालय में उपलब्ध सभी सुविधाओं का नियमित, प्रभावी एवं जनहित में उपयोग सुनिश्चित किया जाए। पंचायत सचिवालय को केवल कार्यालयीन कार्यों के संचालन का स्थान न रखते हुए ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्रों, डिजिटल सेवाओं, आजीविका गतिविधियों एवं अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं से जोड़ने वाले समग्र जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं पंचायत कर्मियों को निर्देशित किया कि पंचायत सचिवालय में आने वाले ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी एवं सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही भवन एवं परिसर की सुंदरता, स्वच्छता तथा सभी सुविधाओं के बेहतर रख-रखाव को प्राथमिकता देने को कहा।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि पंचायत सचिवालय ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई है और सरकार एवं ग्रामीणों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ‘प्रोजेक्ट प्राण’ का उद्देश्य पंचायत सचिवालयों को केवल आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है, जहां ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी, सुविधाएं एवं सरकारी सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालय की प्रत्येक सुविधा का सदुपयोग हो, ग्रामीणों की भागीदारी बढ़े तथा पंचायत विकास की गतिविधियां पारदर्शी एवं जनकेंद्रित हों, इसी दिशा में निरंतर कार्य किया जाना चाहिए।


