चाईबासा | जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार के निर्देश पर सोमवार को तंबो चौक के समीप पैसेंजर बसों एवं छोटे सवारी वाहनों के विरुद्ध सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व मोटरयान निरीक्षक कृष्णा सोरेन ने किया।

जांच के दौरान बसों, ऑटो और मैजिक वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य ओवरलोडिंग तथा क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर परिचालन करने वाले वाहनों पर निगरानी रखना था। साथ ही उन वाहनों को भी चिह्नित किया गया, जिनमें बच्चों एवं विद्यार्थियों का परिवहन असुरक्षित और खतरनाक तरीके से किया जा रहा था।

परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ ऑटो एवं मैजिक वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है, जिससे यात्रियों के लिए खड़े होने या पैर रखने तक की पर्याप्त जगह नहीं रहती। कई मामलों में यात्रियों को वाहन की छत पर बैठाकर भी परिवहन किया जा रहा था।

मोटरयान निरीक्षक कृष्णा सोरेन ने बताया कि नियमों की अनदेखी कर परिचालन करने वाले सवारी वाहनों के विरुद्ध लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर आम लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

अभियान के दौरान कुल छह ऐसे वाहनों को पकड़ा गया, जिनमें यात्रियों को वाहन की छत पर बैठाकर परिवहन किया जा रहा था। इन सभी वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार जुर्माना लगाया गया।
ओवरलोडिंग से बढ़ता है दुर्घटनाओं का खतरा
मोटरयान निरीक्षक ने बताया कि पैसेंजर वाहनों में ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। अधिक भार होने से ब्रेक लगाने में अधिक समय लगता है और वाहन समय पर नियंत्रित नहीं हो पाता। तेज गति या मोड़ के दौरान वाहन के पलटने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा अत्यधिक दबाव के कारण टायर फटने का खतरा भी बना रहता है।
उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग से इंजन, सस्पेंशन एवं अन्य यांत्रिक भागों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे वाहन बीच रास्ते में खराब हो सकता है। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

वाहन चालकों के लिए जरूरी निर्देश
वाहन की आरसी में दर्ज क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को बैठाएं।
यात्री वाहनों की छत पर किसी भी यात्री या सामान को न बैठाएं।
यात्रा शुरू करने से पहले टायर एवं सस्पेंशन की स्थिति की जांच अवश्य करें।
निर्धारित गति सीमा का पालन करते हुए सुरक्षित ढंग से वाहन चलाएं।

यात्रियों के लिए अपील
क्षमता से अधिक सवारी वाले वाहनों में यात्रा करने से बचें।
वाहन चालक द्वारा ओवरलोडिंग या तेज गति से वाहन चलाने पर उसका विरोध करें।
ऐसे वाहनों की सूचना निकटवर्ती ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग को दें।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओवरलोडिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

