सरायकेला | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरायकेला जिला उत्पाद विभाग इन दिनों अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में विभाग ने पश्चिम बंगाल उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों के साथ सीमा से सटे क्षेत्रों में संयुक्त छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान तीन अवैध चुलाई शराब निर्माण अड्डों को ध्वस्त किया गया। साथ ही करीब 1100 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया और लगभग 50 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। छापेमारी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के बाद विभाग ने तस्वीरें जारी कर अपनी सक्रियता दिखाई।

बताया गया कि अप्रैल में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर इस अभियान को तेज किया गया है। यह कार्रवाई जिला उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज के निर्देश पर की गई।
हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी अड्डों के संचालक मौके से फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार, कई छापेमारी के बावजूद अब तक किसी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग को पहले से ही अवैध शराब के ठिकानों की जानकारी रहती है, लेकिन कार्रवाई से पहले सूचना लीक हो जाती है। इसी कारण छापेमारी में केवल अड्डे ही पकड़े जाते हैं, जबकि संचालक बच निकलते हैं।
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध कारोबार से जुड़े लोगों से विभाग को नियमित रूप से पैसे मिलते हैं, जिससे केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है।
अब सवाल उठ रहा है कि जब विभाग को लोकेशन की जानकारी होती है और पुलिस बल भी मौजूद रहता है, तो आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पाती। यह मामला जांच का विषय बनता जा रहा है।

