सरायकेला | सरायकेला स्थित सिद्धू-कान्हू पार्क में रविवार को श्री मान सिंह मुंडा की अध्यक्षता में आदिवासी-मूलवासी समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में धरती आबा वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम में झारखंड आंदोलनकारी एवं पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर उत्पन्न विवाद पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से “वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान” के नाम से जनआंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। आंदोलन के तहत आगामी 18 सितंबर 2026 को सरायकेला में एक दिवसीय रैली आयोजित की जाएगी। रैली के माध्यम से जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी जाएगी और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिले के सभी प्रखंडों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनिधिमंडल का गठन भी किया गया है।

बैठक में आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के सम्मानित नेता हैं और उनके सम्मान के प्रति किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। विरोध केवल प्रतिमा स्थापना के लिए चुने गए स्थान को लेकर है।

सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि धरती आबा वीर बिरसा मुंडा के नाम पर स्थापित स्टेडियम केवल एक खेल मैदान नहीं, बल्कि वीर बिरसा मुंडा की स्मृति, संघर्ष और आदिवासी अस्मिता से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे में प्रतिमा स्थापित करने के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाना चाहिए।

बैठक में सभी सामाजिक संगठनों, आदिवासी-मूलवासी समाज एवं आम नागरिकों से 18 सितंबर की रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर “वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान” को मजबूत करने का आह्वान किया गया।

बैठक में एमपी सिंह सरदार, दिवाकर सरदार, विष्णु बनरा, झारखंड बोदरा, गणेश गागराई, सावन सोय, धनपति सरदार, संतोषी महतो, उषा सिंह मुंडा, साधु हो, जगदीश सरदार, रंजीत सरदार, विष्णु सरदार, कार्तिक सरदार, सावित्री कुदादा, डबुआ सोय, हरिचरण पाड़ेया, लखनदार पूर्ति, महेश मिंज, रामलाल हेंब्रम, सुखराम सोय, शिवा कुरली, लखन पूर्ति, सोनाराम सोरेन, राजकिशोर लोहार, राजेश मुंडरी, लक्ष्मण हेंब्रम, विवेकानंद हेंब्रम, मुकेश कुमार मुंडा, वाइरक टाटा, उपेंद्र सरदार, रामो सरदार, विमल सरदार, रामचंद्र मुंडा, मंगल भूमिज, गणेश, वीर सिंह सिजुई सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में आदिवासी हो समाज, सरायकेला-खरसावां; आदिवासी भूमिज मुंडा समाज, सिनी; भूमिज समाज, कोल्हान; आदिवासी भूमिज मुंडा युवा संगठन, चांडिल; आदिवासी एकता मंच, कुचाई; आदिवासी हो समाज महासभा; आदिवासी युवा समन्वय समिति; राष्ट्रीय कोल सेना; मानकी-मुंडा संघ, 39 मौजा खुंटकटी; छात्र संगठन; हो समाज मरसल गुटी; अपना अधिकार संगठन; झारखंड आंदोलनकारी; आदिवासी मुंडा समाज, रांची सहित अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

