मंझगांव (पश्चिमी सिंहभूम) | पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझगांव प्रखंड स्थित ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व के स्थलों बेनीसागर पुरातत्व स्थल और बेलमा डैम का सोमवार को मंझगांव के विधायक नीरल पूर्ति तथा उपायुक्त मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य लंकेश्वर तमसोई, प्रखंड प्रमुख सरस्वती चातर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान बेलमा डैम में पर्यटकों की सुविधा और क्षेत्र के पर्यटन विकास के लिए संचालित विभिन्न आधारभूत संरचना निर्माण कार्यों का जायजा लिया गया। विधायक एवं उपायुक्त ने डैम क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिया, सड़क, सीढ़ी तथा अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।

भ्रमण के क्रम में दोनों अधिकारियों ने डैम में केज कल्चर के माध्यम से संचालित मत्स्य पालन गतिविधियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने इस पहल को स्थानीय आजीविका संवर्धन एवं मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए इसे और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। साथ ही डैम में वर्षभर पर्याप्त जल संचयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल निकासी द्वार की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिया।

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इसके बाद विधायक नीरल पूर्ति एवं उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक बेनीसागर पुरातत्व स्थल का भ्रमण किया। उन्होंने वहां मौजूद पुरातात्विक अवशेषों, प्राचीन संरचनाओं और पौराणिक महत्व से जुड़े स्थलों का अवलोकन किया। इस दौरान बेनीसागर को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने तथा यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष चर्चा की गई।

मौके पर विधायक नीरल पूर्ति ने कहा कि बेनीसागर और बेलमा डैम क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण और समुचित विकास से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने पर्यटन स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।


