#प्रोजेक्ट_परिवर्तन #हुनर_से_पहचान #मंडल_कारा_चाईबासा #मशरूम_उत्पादन_प्रशिक्षण #maskalnews

प्रोजेक्ट परिवर्तन के तहत मंडल कारा चाईबासा में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण संपन्न, 30 बंदियों को मिला स्वरोजगार का हुनर

प्रोजेक्ट परिवर्तन के तहत मंडल कारा चाईबासा में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण संपन्न, 30 बंदियों को मिला स्वरोजगार का हुनर

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में मंडल कारा, चाईबासा में संचालित “प्रोजेक्ट परिवर्तन: हुनर से पहचान” के तहत आरसेटी (RSETI), चाईबासा द्वारा आयोजित 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जून से प्रारंभ होकर 10 दिनों तक संचालित किया गया, जिसमें 30 बंदी प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

Contact no :- +91 9241456784

समापन समारोह में उपायुक्त श्री मनीष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जूझार माझी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संजय कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बहामन टूटी, जेल अधीक्षक श्री सुनील कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री विष्णु जी तथा आरसेटी निदेशक श्री संदीप बिरुली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Contact no :- +91 9798542970

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं है, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और नई शुरुआत का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य कारागार में रह रहे प्रत्येक बंदी को ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वह सजा पूरी करने के बाद आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट सके। उन्होंने बताया कि “प्रोजेक्ट परिवर्तन: हुनर से पहचान” के माध्यम से बंदियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

उपायुक्त ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत और सीमित संसाधनों में शुरू किया जा सकने वाला लाभकारी व्यवसाय है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का सदुपयोग कर स्वरोजगार के अवसर सृजित करने तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में हुई गलतियों को पीछे छोड़कर सकारात्मक सोच, परिश्रम और कौशल के बल पर नई पहचान बनाई जा सकती है तथा जिला प्रशासन इस दिशा में हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

Contact no :- +91 8553588326

सिविल सर्जन डॉ. जूझार माझी ने कहा कि स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता किसी भी व्यक्ति के जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। कौशल प्रशिक्षण न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन एक लाभकारी स्वरोजगार गतिविधि है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षु अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकते हैं।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को नशामुक्त एवं अनुशासित जीवन अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए हानिकारक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण प्राप्त बंदी भविष्य में समाज के जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेंगे।

Book your slot today : +91 7250214782

समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 30 बंदी प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से पहले उन्हें स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी नहीं थी। प्रशिक्षुओं ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत वाला और लाभकारी उद्यम है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कारा से बाहर आने के बाद वे इस प्रशिक्षण का उपयोग स्वरोजगार स्थापित करने में करेंगे तथा अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने का प्रयास करेंगे।