रांची | पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी में जिलाध्यक्ष पद पर प्रस्तावित बदलाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में असंतोष सामने आया है। संगठन सृजन अभियान की प्रक्रिया और उसके तहत लिए गए निर्णय पर सवाल उठाते हुए पश्चिमी सिंहभूम के बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, कांग्रेस भवन में विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन सृजन अभियान का मूल उद्देश्य जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से रायशुमारी और दावेदारों की प्रक्रिया के आधार पर संगठन में नेतृत्व का चयन करना था। पश्चिमी सिंहभूम में भी इसी प्रक्रिया के तहत जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों से आवेदन लिए गए थे। पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की गई और दावेदारों का साक्षात्कार भी कराया गया था।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संगठन सृजन अभियान के दौरान जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी नहीं करने वाले जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा से अभियान में शामिल दावेदारों और कार्यकर्ताओं में असंतोष है। उनका कहना है कि यदि पूर्व जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई को बदलना आवश्यक था, तो संगठन सृजन अभियान में भाग लेने वाले दावेदारों में से किसी को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि 5 अगस्त 2026 को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रदेश प्रभारी के. राजू के अनुमोदन के बाद जिला कांग्रेस कमिटी के गठन को मंजूरी दी थी। इसके कुछ ही दिनों बाद जिलाध्यक्ष पद में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने से नवगठित जिला कमिटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में असमंजस एवं अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से पूरे मामले पर पुनर्विचार करने और संगठन सृजन अभियान की मूल भावना एवं पारदर्शी प्रक्रिया का सम्मान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र, कार्यकर्ताओं की राय और संगठनात्मक प्रक्रिया सर्वोपरि होनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश से आग्रह किया कि पश्चिमी सिंहभूम के कार्यकर्ताओं की भावनाओं से अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल को अवगत कराया जाए। साथ ही, जिलाध्यक्ष पद को लेकर प्रस्तावित ताजपोशी कार्यक्रम पर पुनर्विचार होने तक रोक लगाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि संगठन सृजन अभियान की प्रक्रिया और उसके उद्देश्य को अक्षुण्ण रखने के लिए है। उन्होंने कहा, “संगठन सृजन के नाम पर प्रक्रिया से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी संविधान और संगठनात्मक प्रक्रिया से चलेगी, किसी दबाव से नहीं।”
कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से शीघ्र हस्तक्षेप कर पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी में उत्पन्न विवाद का समाधान करने की मांग की।

