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अवैध अफीम खेती और खनन पर कसेगा शिकंजा, संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से होगी निगरानी

अवैध अफीम खेती और खनन पर कसेगा शिकंजा, संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से होगी निगरानी

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति एवं जिला माइनिंग टास्क फोर्स की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि सामान्य शाखा उपसमाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, थाना प्रभारी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे।

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बैठक में उपायुक्त ने मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं कारोबार के साथ-साथ अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध प्रभावी, सतत एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन एवं पुलिस के साथ-साथ संबंधित विभागों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।
चिन्हित क्षेत्रों में अभी से शुरू होगा सर्च अभियान, ड्रोन से होगी निगरानी
एनसीओआरडी के तहत जिले में पूर्व में अफीम की खेती के लिए चिन्हित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संभावित क्षेत्रों में अभी से सर्च अभियान प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध खेती की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

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उपायुक्त ने चिन्हित क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने का भी निर्देश दिया, ताकि दुर्गम एवं विस्तृत क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस तंत्र को लगातार सक्रिय रहना होगा।
पंचायत एवं अनुमंडल स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से चलेगा जागरूकता अभियान
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अफीम की खेती के लिए चिन्हित क्षेत्रों में अनुमंडल एवं पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को मादक पदार्थों की खेती एवं सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें अवैध गतिविधियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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बैठक में कृषि, उद्यान, वन एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के स्थानीय कर्मियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि चिन्हित क्षेत्रों के लोगों को कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर वैकल्पिक एवं टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अवैध खेती के स्थान पर लाभकारी एवं वैध रोजगार से जुड़ सकें।
दवा दुकानों की नियमित जांच और कोटपा अधिनियम के तहत लगातार छापेमारी के निर्देश
उपायुक्त ने ड्रग इंस्पेक्टर को जिले में संचालित सभी दवा दुकानों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने दवाओं की बिक्री एवं भंडारण से संबंधित नियमों के अनुपालन की जांच करते हुए अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

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इसके अलावा जिले के सभी क्षेत्रों में कोटपा अधिनियम के तहत नियमित जांच एवं छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों से संबंधित नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
खनन कार्यालय ने अब तक ₹18.44 करोड़ से अधिक राजस्व किया संग्रहित, अगस्त में 10 वाहन जब्त
जिला माइनिंग टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान जिला खनन कार्यालय द्वारा किए गए राजस्व संग्रहण एवं अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिला खनन कार्यालय द्वारा अब तक ₹18,44,82,520 का राजस्व संग्रहण किया गया है।
वहीं अगस्त माह में अब तक अवैध खनिज सामग्री का परिवहन करते हुए 10 वाहनों को जब्त किया गया है तथा कार्रवाई के क्रम में ₹5,70,000 का जुर्माना वसूला गया है। उपायुक्त ने अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जांच और छापेमारी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।
दो बालू घाटों की नीलामी पूर्ण, शेष की प्रक्रिया जारी
बैठक में जिले में बालू घाटों की नीलामी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारी ने बताया कि जिले में दो बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जबकि शेष बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया जारी है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार शेष प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा बालू के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी निगरानी रखने का निर्देश दिया।
चालू क्रशरों की नियमित जांच के साथ बंद खदानों पर भी कड़ी निगरानी
उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी पत्थर क्रशरों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि क्रशर संचालन के दौरान निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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उन्होंने विशेष रूप से ऐसे खदानों एवं क्रशरों की भी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया, जिनकी लीज समाप्त हो चुकी है अथवा जो वर्तमान में बंद हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में बंद अथवा लीज समाप्त खदानों से अवैध खनन एवं खनिज सामग्री का परिवहन नहीं होना चाहिए। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंझगांव, जगन्नाथपुर और मनोहरपुर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी
उपायुक्त ने जिले के सभी क्षेत्रों में अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध प्रभावी छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। विशेष रूप से मंझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, तांतनगर, आनंदपुर एवं गोईलकेरा सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी एवं जांच अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने संबंधित अनुमंडल एवं अंचल प्रशासन, पुलिस तथा खनन विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर क्षेत्रवार निगरानी एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी : उपायुक्त
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं कारोबार तथा अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन, पुलिस, खनन, वन, कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, लगातार निगरानी रखने तथा प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि अवैध खनन एवं मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं एवं वैकल्पिक आजीविका से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में संबंधित विभागों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए जिले में अवैध गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य करने का निर्देश दिया।